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नोटबंदी : जरूरत 20 करोड़ रोजाना, मिल रहे 14 करोड़, कैसे टूटेंगी लाइनें
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Fri, 18 Nov 2016 11:54 PM IST
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बैंकों के एटीएम में लगी लाइन ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद में नोट बंदी के बाद जैसे लोगों का समय लाइनों में ही कट रहा है। कैश की कमी के चलते सुबह से शाम तक लाइन में लगते हैं लेकिन फिर भी उनकी जरूरत के अनुसार कैश नहीं मिल पाता। लीड बैंक के अधिकारी का कहना है कि जिले में इस समय 20 करोड़ कैश की आवश्यकता है लेकिन यहां 14 करोड़ ही आ रहा है जो किसी भी हालत में पर्याप्त नहीं है।
फतेहाबाद के सभी बैंकों की ब्रांचों और एटीएम होने के बावजूद यहां कैश की कमी पूरी नहीं हो रही है। बाजारों में काम ठप पड़ा है। किसी के पास दो हजार का नोट अगर है भी सही तो छुट्टे नहीं होने से उसे परेशानी हो रही है।
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शहर के मुख्य बाजार थाना रोड पर परचून का काम नहीं के बराबर चल रहा है। पुराने नोटों के तब्दील नहीं होने और नए नोटों की कमी से दुकानदार भी दुखी हैं। लीड बैंक के अधिकारी जीएस मल्हौत्रा ने माना है कि सभी बैंकों में कैश की कमी है। करेंसी चेस्ट से जितना पैसा आ रहा है, वो बैंकों में जा रहा है लेकिन कैश काफी कम मात्रा में आ रहा है। मल्हौत्रा के अनुसार इस समय जिले में लगभग 80 से अधिक ब्रांचों में 20 करोड़ कैश की जरूरत है लेकिन करंसी चेस्ट से 14 करोड़ से ज्यादा बैंकों में पहुंच नहीं पा रहा। कै श की कमी के चलते ही बैंकों में लाइन नहीं टूट रही। मल्होत्रा ने कहा कि पांच सौ रूपए के नए नोट जल्द ही फतेहाबाद में आ जाएंगे, थोड़े दिन की परेशानी है। उम्मीद है कि जल्द सबकुछ ठीक हो जाएगा।
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113 एटीएम, 70 फीसदी बंद
नोट बंदी के बाद लोगों की जरूरत को देखते यहां एटीएम चौबीसों घंटे चलने चाहिए थे, लेकिन हो रहा है इससे बिल्कुल उलट। फतेहाबाद में चुनिंदा एटीएम को छोड़ दें तो लगभग सभी एटीएम बंद पड़े हैं। बैंक अधिकारियों की कोई शिकायत करे भी तो किससे करे, वजह है बैंकों में स्टाफ की कमी, अत्यधिक काम का होना, देर रात तक काम कर रहे बैंक कर्मचारी लोगों की बात का सही जवाब भी नहीं दे पा रहे। फतेहाबाद के हाइवे पर स्थित कोटक बैंक, पीएनबी और पंजाब सिंध बैंक का एटीएम पिछले तीन दिनों से बंद है। इसके पीछे वजह ये बताई जा रही है कि इन बैंकों के अधिकारी पहले अपने मूल उपभोक्ताओं को नोट देकर संतुष्ट करना चाहते हैं।
बैंकों में सर्कुलर पहुंचा, लेकिन अमल में लगेगा समय
बैंकों के पास उनके मुख्यालय और सरकार का सर्कुलर पहुंच रहा है लेकिन सर्कुलर को अमलीजामा पहनाने में भी समय लग रहा है। लीड बैंक में शुक्रवार को विवाह समारोह वाले तीन केस पहुंचे जिन्होंने ढाई लाख पुरानी करेंसी बदलने की मांग रखी जिनमें एक पीएनबी बैंक का खाताधारक था और दो अन्य बैंकों का। लीड बैंक के अधिकारियों ने उन्हें सर्कुलर पत्र की प्रति देकर संबंधित बैंकों को आदेशों की पालना को कहा है।
इसी तरह रजिस्टर्ड व्यापारियों को 50 हजार रुपये प्रति सप्ताह, किसान क्रेडिट कार्ड को 25 हजार रुपये प्रति सप्ताह तथा नोट बदलने की लिमिट भी घटकर 2 हजार करने का पत्र भी लीड बैंक ने अन्य बैंकों को जारी कर दिया है।