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विधानसभा में गूंजी लावारिस पशुओं पर ‘अमर उजाला’ की ग्राउंड रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sat, 04 Mar 2017 12:09 AM IST
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बलवान सिंह दौलतपुरिया, इनेलो विधायक,
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद को स्ट्रै कैटल फ्री जिला मुक्त करने के एलान पर बीते दिन ‘अमर उजाला’ की ग्राउंड रिपोर्ट की गूंज शुक्रवार को प्रदेश की विधानसभा में भी सुनाई दी। शुक्रवार को सीएम मनोहरलाल ने विधानसभा में जैसे ही यह कहा कि प्रदेश सरकार लावारिस पशुओं की समस्या से निजात पाने के लिए पूरी तरह गंभीर है और फतेहाबाद जिला पूरी तरह लावारिस पशुओं से मुक्त होने वाला प्रदेश का पहला जिला बन गया है, वैसे ही सदन में मौजूद फतेहाबाद के इनेलो विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने ‘अमर उजाला’ में बीते दिन प्रकाशित ग्राउंड रिपोर्ट खबर ‘झूठे निकले प्रशासन के फतेहाबाद को स्ट्रै कैटल फ्री करने के दावे’ को आधार बनाते सीएम के दावे को चुनौती दी। इतना ही नहीं, विधायक ने यहां तक कहा कि वे आज भी फतेहाबाद में सड़कों और गलियों में घूमते लावारिस पशुओं की फोटो दिखा सकते हैं।
प्रशासन ने दो दिन पहले किया था स्ट्रै कैटल फ्री जिले का एलान
बीते दिन ही फतेहाबाद जिला प्रशासन ने बाकायदा पत्रकारवार्ता करके जिले को लावारिस पशुओं की समस्या से मुक्त होने का औपचारिक ऐलान किया था। इस दौरान भी मीडिया ने जिला प्रशासन से सवाल किया था कि कहीं प्रशासन इस मामले में डेडलाइन को बीट करने के चक्कर में जल्दबाजी तो नहीं कर रह। हालांकि इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने जिले को स्ट्रै कैटल फ्री घोषित करने का एलान कर दिया।
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डीसी एनके सोलंकी एवं एडीसी जेके अभीर ने इतना जरूर कहा था कि शहर की सड़कों पर इक्का-दुक्का सांड़ हैं जिन्हें बुधवार रात तक पकड़ लिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। गांवों में और शहर के अंदर से निकल रहे नेशनल हाइवे पर जरूर प्रशासन ने सांड़ों की समस्या पर काफी हद तक काबू पा लिया है लेकिन शहर के अंदर की कॉलोनियों और गलियों में अभी भी स्थिति गंभीर है। ‘अमर उजाला द्वारा वीरवार को इस पर ग्राउंड रिपोर्ट फोटो सहित छापने के बाद वीरवार को ही नप ईओ ने शहर नप के प्रधान एवं पार्षदों को पत्र जारी कर कहा था कि वे अपने वार्ड में आवारा पशुओं की जानकारी नप प्रशासन को उपलब्ध करवाएं।
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आवारा पशुओं के चलते डेढ़ साल में 90 हादसे, 70 से अधिक मौतेें
आवारा पशुओं के मामले में प्रशासन ने पिछले दो माह में शानदार काम किया है, इससे कोई इंकार नहीं कर सकता लेकिन इससे पहले आवारा सांडों का पूरे फतेहाबाद जिले में खौफ था। आवारा पशुओं की समस्या की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता था कि लगभग डेढ़ साल के दौरान फतेहाबाद जिले में 90 के करीब हादसे हुए जिसमें लगभग 70 मौतें हो चुकी हैं। 55 मौतों का आंकड़ा तो खुद जिला पुलिस विभाग ने एक आरटीआई के जवाब में दे चुका है।
फतेहाबाद प्रशासन को हाईकोर्ट में भी देना है जवाब
फतेहाबाद के आरटीआई कार्यकर्ता अमित वढेरा ने एडवोकेट अमित चौधरी के मार्फत पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है। इसमें आवारा पशुओं से होने वाली समस्याओं, दुर्घटनाओं और मौतों पर जिला प्रशासन से मुआवजा और जवाब मांगा गया है। अमित वढेरा की याचिका पर आदरणीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने फतेहाबाद जिला प्रशासन को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। अगर हाईकोर्ट इस मामले में सख्त होता है तो फतेहाबाद जिला प्रशासन के सामने मुश्किलें आ सकती हैं।
सदन में सीएम ने दावा किया कि फतेहाबाद जिला लावारिस पशुओं से मुक्त हो चुका है, इस पर मैने उनके दावों को लेकर काउंटर किया जिसमें उनको फोटो और अमर उजाला में छपी खबर दिखाई। मैंने सदन को ये भी बताया कि अधिकारी इस दिशा में प्रयास जरूर कर रहे हैं लेकिन अभी तक फतेहाबाद जिला और शहर पूरी तरह लावारिस पशुओं से मुक्त नहीं हुआ है।
-बलवान सिंह दौलतपुरिया, इनेलो विधायक, फतेहाबाद ।