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Fatehabad News: मुआवजा वितरण में गबन का आरोप लगाकर किसानों ने किया रोष प्रदर्शन
Mon, 19 May 2025 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 19 May 2025 11:20 PM IST
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फसल खराबे का मुआवजा वितरण में गबन को लेकर लघु सचिवालय में प्रदर्शन करते संगठन के लोग।
फतेहाबाद। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति ने जिले में वर्ष 2021 में जलभराव और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण खराब हुई फसलों के मुआवजा वितरण में लाखों रुपये के गबन का आरोप लगाया है। उन्होंने डीसी कार्यालय पर रोष, प्रदर्शन कर आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
किसान संघर्ष समिति ने एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर इस आरोप की जांच करवा पीड़ित किसानों को जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की है। आरोपियों पर कार्रवाई और पात्र किसानों को मुआवजा न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।
आंदोलन का नेतृत्व करते हुए संघर्ष समिति के प्रधान ओमप्रकाश हसंगा ने बताया कि वर्ष 2021 में फतेहाबाद, भूना और भट्टू ब्लाॅक के गांव चिंदड़, बड़ोपल, खाराखेड़ी, खजूरी जाटी, कुम्हारिया सहित 20 गांवों में जलभराव और सूंडी के कारण नरमा की फसल खराब हो गई थी। तब सरकार के आदेश पर पटवारी, कानूनगो, तहसीलदार की टीम ने गिरदावरी की।
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इसी गिरदावरी के आधार पर वर्ष 2022 में मुआवजा वितरण सूची जारी की गई। तब पता चला कि जिन किसानों की फसल खराब हुई थी, उनका नाम सूची में नहीं रखा गया। इस कारण पात्र किसानों के खाते में मुआवजा राशि नहीं पहुंची जबकि जिन किसानों की न तो गांव में जमीन है और न ही उनकी फसल खराब हुई, ऐसे लोगों के खाते में मुआवजा राशि डालकर अधिकारियों ने भारी गोलमाल किया।
किसान नेताओं ने कहा कि मुआवजा पाने वाले लोग पटवारी और सहायक ने मिलकर अपने रिश्तेदारों, परिजनों, चहेतों में शामिल थे। पटवारी अजीत ने अपनी बेटी और धर्मपत्नी के खाते में रुपये डालकर भारी गोलमाल किया है। वरिष्ठ किसान नेता रविंद्र हिजरावां, ब्लाॅक सचिव रामपाल, गोपी माजरा रोड आदि ने कहा कि यदि मुआवजे के पात्र किसानों की पूरी सूची की गहनता से जांच की जाए तो लाखों रुपये का गबन उजागर हो सकता है।
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किसान संघर्ष समिति ने एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर इस आरोप की जांच करवा पीड़ित किसानों को जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की है। आरोपियों पर कार्रवाई और पात्र किसानों को मुआवजा न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई।
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आंदोलन का नेतृत्व करते हुए संघर्ष समिति के प्रधान ओमप्रकाश हसंगा ने बताया कि वर्ष 2021 में फतेहाबाद, भूना और भट्टू ब्लाॅक के गांव चिंदड़, बड़ोपल, खाराखेड़ी, खजूरी जाटी, कुम्हारिया सहित 20 गांवों में जलभराव और सूंडी के कारण नरमा की फसल खराब हो गई थी। तब सरकार के आदेश पर पटवारी, कानूनगो, तहसीलदार की टीम ने गिरदावरी की।
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इसी गिरदावरी के आधार पर वर्ष 2022 में मुआवजा वितरण सूची जारी की गई। तब पता चला कि जिन किसानों की फसल खराब हुई थी, उनका नाम सूची में नहीं रखा गया। इस कारण पात्र किसानों के खाते में मुआवजा राशि नहीं पहुंची जबकि जिन किसानों की न तो गांव में जमीन है और न ही उनकी फसल खराब हुई, ऐसे लोगों के खाते में मुआवजा राशि डालकर अधिकारियों ने भारी गोलमाल किया।
किसान नेताओं ने कहा कि मुआवजा पाने वाले लोग पटवारी और सहायक ने मिलकर अपने रिश्तेदारों, परिजनों, चहेतों में शामिल थे। पटवारी अजीत ने अपनी बेटी और धर्मपत्नी के खाते में रुपये डालकर भारी गोलमाल किया है। वरिष्ठ किसान नेता रविंद्र हिजरावां, ब्लाॅक सचिव रामपाल, गोपी माजरा रोड आदि ने कहा कि यदि मुआवजे के पात्र किसानों की पूरी सूची की गहनता से जांच की जाए तो लाखों रुपये का गबन उजागर हो सकता है।