{"_id":"62a61977bffc3b1dcf658ef5","slug":"farmers-of-village-samain-are-earning-lakhs-from-guava-orchard-fatehabad-news-hsr634061018","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमरूद के बाग से गांव समैन के किसान कर रहे लाखों की कमाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमरूद के बाग से गांव समैन के किसान कर रहे लाखों की कमाई
विज्ञापन
समैन। टोहाना खंड के किसान खेती का पैटर्न बदल रहे हैं। अधिकतर किसानों का बागवानी की तरफ रुझान बढ़ रहा है। गांव के काफी किसानों ने धान व गेहूं की परंपरागत खेती को छोड़कर बागवानी की तरफ रुख कर लिया है। यही कारण है कि गांव समैन व गाजुवाला में अमरूद, किन्नू व आड़ू के बाग देखे जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि गेहूं व धान की खेती में लागत बढ़ रही है व मुनाफा कम होता जा रहा है। गांव समैन के किसान रामफल गिल ने लगभग तीन साल पहले अपने खेत में तीन एकड़ में बागवानी शुरू की थी। रामफल ने सफेदा नस्ल के अमरूद के पौधे लगाए। अब ये पौधे काफी अच्छे फल दे रहे हैं। किसान रामफल गिल ने कहा कि उसे अमरूद के बाग से प्रति एकड़ एक लाख रुपये से ज्यादा का मुनाफा हो रहा है। संवाद
पहले तीन साल मेहनत, फिर मिलता है फल
किसान रामफल गिल ने बताया कि बागवानी में पहले तीन साल तक कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। उसके बाद ही मेहनत का फल मिलना शुरू होता है। उसने तीन साल पहले तीन एकड़ में अमरूद के पौधे लगाकर बागवानी की शुरुआत की थी। अब यह पौधे अच्छा फल दे रहे हैं।
प्रति एकड़ हर साल होता है दस हजार का खर्च
किसान रामफल गिल ने बताया कि जब बाग तैयार हो जाता व पौधों से फल मिलने शुरू हो जाते हैं, उसके बाद प्रति एकड़ 10 हजार रुपये ही खर्च करने पड़ते है। यह खर्च पौधों को बीमारियों से बचाने के लिए स्प्रे का छिड़काव व खरपतवार को नष्ट करने के लिए होता है, इसके अलावा कोई खर्च नहीं होता। धीरे-धीरे बाग अच्छा फल देना शुरू कर देता है व कमाई बढ़नी शुरू हो जाती है।
विज्ञापन
गांव समैन में 40 एकड़ से ज्यादा में हो रही बागवानी
किसान रामफल गिल ने बताया कि गांव समैन के किसानों का रुझान बागवानी की तरफ बढ़ रहा है। फिलहाल गांव में बागवानी का रकबा 40 एकड़ से ज्यादा है। गांव में सतपाल गिल, टॉमी गिल, काला राम ने अपने खेत में बागवानी शुरू की है। गांव समैन के अलावा गाजुवाला, डांगरा व बिढ़ाई खेड़ा में भी किसान बागवानी का रुख कर रहे हैं।
किसानों की मांग, फलों पर एमएसपी लागू करे सरकार
टोहाना खंड के किसानों ने कहा कि क्षेत्र में बागवानी का रकबा बढ़ता जा रहा है। आने वाले समय में यह क्षेत्र बागवानी का बड़ा हब होगा। यदि सरकार चाहती है कि किसान परंपरागत खेती को छोड़कर बागवानी व सब्जियों की तरफ बढ़े तो सरकार को सब्जियों की विभिन्न फसलों पर एमएसपी लागू करनी चाहिए। जब किसानों की सब्जियों की फसल मंडी में आती है, तब उनके भाव काफी नीचे चले जाते है व सीजन खत्म होने के बाद रेट बढ़ जाते है। किसान रामफल गिल, प्रदीप कुमार, सतपाल गिल, ओमप्रकाश व सतीश कुमार ने कहा कि सरकार को किसानों की इस मांग पर जल्द विचार करना चाहिए। केरल सरकार ने फलों व सब्जियों पर एमएसपी लागू कर दिया है।
विज्ञापन
पहले तीन साल मेहनत, फिर मिलता है फल
किसान रामफल गिल ने बताया कि बागवानी में पहले तीन साल तक कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। उसके बाद ही मेहनत का फल मिलना शुरू होता है। उसने तीन साल पहले तीन एकड़ में अमरूद के पौधे लगाकर बागवानी की शुरुआत की थी। अब यह पौधे अच्छा फल दे रहे हैं।
विज्ञापन
प्रति एकड़ हर साल होता है दस हजार का खर्च
किसान रामफल गिल ने बताया कि जब बाग तैयार हो जाता व पौधों से फल मिलने शुरू हो जाते हैं, उसके बाद प्रति एकड़ 10 हजार रुपये ही खर्च करने पड़ते है। यह खर्च पौधों को बीमारियों से बचाने के लिए स्प्रे का छिड़काव व खरपतवार को नष्ट करने के लिए होता है, इसके अलावा कोई खर्च नहीं होता। धीरे-धीरे बाग अच्छा फल देना शुरू कर देता है व कमाई बढ़नी शुरू हो जाती है।
विज्ञापन
गांव समैन में 40 एकड़ से ज्यादा में हो रही बागवानी
किसान रामफल गिल ने बताया कि गांव समैन के किसानों का रुझान बागवानी की तरफ बढ़ रहा है। फिलहाल गांव में बागवानी का रकबा 40 एकड़ से ज्यादा है। गांव में सतपाल गिल, टॉमी गिल, काला राम ने अपने खेत में बागवानी शुरू की है। गांव समैन के अलावा गाजुवाला, डांगरा व बिढ़ाई खेड़ा में भी किसान बागवानी का रुख कर रहे हैं।
किसानों की मांग, फलों पर एमएसपी लागू करे सरकार
टोहाना खंड के किसानों ने कहा कि क्षेत्र में बागवानी का रकबा बढ़ता जा रहा है। आने वाले समय में यह क्षेत्र बागवानी का बड़ा हब होगा। यदि सरकार चाहती है कि किसान परंपरागत खेती को छोड़कर बागवानी व सब्जियों की तरफ बढ़े तो सरकार को सब्जियों की विभिन्न फसलों पर एमएसपी लागू करनी चाहिए। जब किसानों की सब्जियों की फसल मंडी में आती है, तब उनके भाव काफी नीचे चले जाते है व सीजन खत्म होने के बाद रेट बढ़ जाते है। किसान रामफल गिल, प्रदीप कुमार, सतपाल गिल, ओमप्रकाश व सतीश कुमार ने कहा कि सरकार को किसानों की इस मांग पर जल्द विचार करना चाहिए। केरल सरकार ने फलों व सब्जियों पर एमएसपी लागू कर दिया है।