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फतेहाबाद पहुंचे राकेश टिकैत: महापंचायत में बोले- आंदोलन का पूरा ड्राफ्ट तैयार, सरकार ने 4 साल नहीं की बातचीत
Sat, 04 Jan 2025 04:43 PM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Sat, 04 Jan 2025 04:43 PM IST
सार
टोहाना महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय स्तर के नेता राकेश टिकैत सहित कई बड़े किसान नेताओं ने भाग लिया। इसके बाद किसानों द्वारा 9 जनवरी को पंजाब के मोगा में किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी।
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किसान नेता राकेश टिकैत
- फोटो : संवाद
विस्तार
किसानों का अपनी मांगों को लेकर अगला आंदोलन दिल्ली के अंदर नहीं दिल्ली के बाहर के केएमपी पर होगा जिसका पूरा ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और रणनीति बना ली गई है यह बात किसान नेता राकेश टिकैत ने टोहाना में किसान महापंचायत के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। इससे पहले किसान महापंचायत को किसान नेता जोगिंद्र उग्राहा, रवि आजाद, कृष्णा कुमार, राजेश कौथ, दलीप सिंह सहित अनेक नेताओं ने संबोधित किया। इस महापंचायत में करीबन बीस हजार लोगों ने भाग लेकर एकता का परिचय दिया।
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किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि टोहाना आंदोलन की धरती है, वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह, इस फतेह में ही किसानों की जीत है। उन्होंने कहा कि टोहाना में जोगिंद्र उग्राहा के नेतृत्व में पहले आंदोलन चला तो हमे थाने में ही रहना पड़ा था, इस बार फिर हमारी जीत होगी। इस किसान महापंचायत में आते समय पंजाब में कुछ किसान साथी शहीद हुए तो वे परमपिता परमात्मा से अरदास करेंगे उनको अपने चरणों में स्थान दे।
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टिकैत ने कहा कि मुद्दों पर चर्चा हुई जिसको लेकर बैठक हो रही है, इसलिए हम सभी को दोबारा फिर से एकजुट होना पड़ेगा क्योंकि 4 साल पहले 22 जनवरी 2021 को भारत सरकार से संयुक्त किसान मोर्चा की बातचीत हुई थी उसके बाद 4 साल बीत जाने के बाद भारत सरकार से कोई बातचीत नहीं हुई है। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि कुछ लोग बहकाने का कार्य कर रहे है, हमारे आंदोलन व संगठनों को तोड़ने का काम कर रहे है।
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टिकैत ने कहा कि कुछ लोग सरकार के बहकावे मे आकर संगठन को तोड़ने का काम करेंगे नई जत्थेबंदियां खडे करने का काम करेंगे। हमारा संयुक्त किसान मोर्चा एक है, हमारी अपने 40 लीडरों पर ही आस्था है। हम एकजुट होंगे तो हमारी जीत होगी जिस प्रकार की मीटिंग टोहाना में हुई तमिलनाडु, केरल, उत्तर प्रदेश में भी चल रही है। टिकैत ने कहा कि दिल्ली की बैठक की तैयारी जल्द करनी पड़ेगी क्योंकि अगला किसान आंदोलन दिल्ली के अंदर नही केएमपी पर होगा क्योंकि केएमपी को बंद करने के बाद पूरी दिल्ली बंद हो जाएगी।
टिकैत ने कहा कि आंदोलन की रूपरेखा वे संयुक्त किसान मोर्चा को देंगे, एमएसपी गारंटी कानून के लिए पूरे देश के किसान को एक विचारधारा बनानी पडेगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री कहते है कि 24 फसलों की खरीद एमएसपी पर खरीद कर रहे है, इतनी फसले तो हरियाणा में होती ही नही है, ये लोग झूठे बोलते है। वे सरकार से यही करते है कि उनकी फसल की खरीद एमएसपी पर की जाए, इससे कम खरीद न की जाए।
बिहार के किसान हरियाणा में मजदूरी करते है क्योंकि वहां मंडी खत्म हो गई- टिकैत
राकेश टिकैत ने कहा कि आपने देखा है कि बिहार के लोग मजदूरी करने के लिए यहां आते है वे बिहार के किसान है, वहां मंडिया खत्म हो गई। वहां धान चावल का रेट 800 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है। किसानों को वहां मजदूरी का रेट नही मिलता इसलिए उन्हें यहां मजदूरी के लिए आना पड़ता है। टिकैत ने कहा कि कश्मीर में सेब की खेती होती है वहां के किसानों को बर्बाद करने के लिए मुस्लिम समाज की फसल कहते है।
उन्होंने कहा कि खनोरी बॉर्डर पर बैठे किसान नेता की मदद भारत सरकार कर सकती है, वे मदद नही कर सकते क्योंकि सरकार किसानों की मांग को माने तो वे आंदोलन खत्म कर सकते है। टिकैत ने कहा कि सिक्ख समाज शहादत से पीछे नही हटता यदि डल्लेवाल साहब को कुछ हुआ तो वहां की कमेटी के लोग उनके शव को भी नही देगी। ये बहुत चिंताजनक बात है। संयुक्त किसान मोर्चा ने 6 सदसीय कमेटी बनाई है लेकिन सरकार से कोई बातचीत नही हुई है। उन्होंने कहा कि खनोरी बॉर्डर का यह आंदोलन 4 से 5 महीने और चलेगा, सरकार इससे पहले मानने वाली नही है।