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Fatehabad News: खाद और बीज के लिए किसानों को सालभर लगना पड़ रहा लाइनों में

Wed, 02 Oct 2024 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Wed, 02 Oct 2024 12:52 AM IST
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Farmers have to stand in queues throughout the year for fertilizers and seeds.
फतेहाबाद। जिले में किसानों को कभी खाद तो कभी बीज की कमी के चलते साल भर लाइनों में ही लगना पड़ा। अब भी किसानों को समय पर खाद-बीज नहीं मिल रहे हैं। हर बार किसानों रबी और खरीफ फसलों की बुवाई करने के लिए खाद और बीज के लिए किल्लत झेलनी पड़ती है। जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद न मिलने से भी किसानों में प्रदेश सरकार के प्रति नाराजगी है।
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खाद कंपनियों और सरकार के बीच अनुदान राशि बढ़ाने के बारे में भ्रांतियां बनी हैं लेकिन सरकार ने इस समस्या का समाधान नहीं निकाला है। अब आलू और सरसों की बुवाई के सीजन में किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। जिले में स्थित किसी भी खाद केंद्र पर डीएपी खाद नहीं मिल रही है।
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किसानों को खाद केंद्रों पर खाद पहुंचने की सूचना मिलते ही किसान सुबह पांच बजे ही अपने आधार कार्ड लेकर लाइनों में खड़े हो जाते हैं। इसके बाद कुछ किसानों को बारी आने के बाद भी खाद नहीं मिल पाती है और खाली हाथ घर लौटना पड़ता है।
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जिले के किसान रामनिवास, राम सिंह, जगतार सिंह, इंद्रजीत और श्योकरण बताते हैं कि उन्होंने आलू की फसल की बिजाई के लिए खेत को तैयार कर लिया है, लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है। आलू की फसल की बिजाई का समय निकला जा रहा है। पहले जब किसान खरीफ की फसलों के लिए यूरिया खाद के लिए चक्कर लगा रहे थे तो खाद केंद्रों पर डीएपी की उपलब्धता थी, लेकिन अब डीएपी की किल्लत होने लगी है।
सितंबर से जिले में डीएपी खाद नहीं है। अब कुछ केंद्रों पर डीएपी आई है, लेकिन कम मात्रा में आई, जिससे किसानों की खाद की पूर्ति नहीं हुई है। कुछ किसानों को खाद मिली है तो कुछ किसान निराश होकर घर लौटे हैं। निजी दुकानदार खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं। खाद केंद्र पर किसानों को डीएपी खाद के साथ नैनो यूरिया दी जा रही है, जिसको किसान प्रयोग करने लायक नहीं मान रहे हैं।

मेरे पास पास 15 एकड़ भूमि है। इसमें से कुछ भूमि पर आलू की फसल लगानी है और कुछ एकड़ में सरसों की बुवाई करनी है। इसके लिए करीब 15 बैग डीएपी खाद चाहिए, लेकिन सिर्फ पांच बैग ही डीएपी मिली है। - रामकुमार, किसान, गांव बीघड़।

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पिछले दिनों मैं फतेहाबाद के इफको खाद केंद्र में खाद मिलने की सूचना मिली थी। इसलिए मैं लाइन में लग गया था। लाइन लंबी थी, लेकिन फिर भी मैं इंतजार करता रहा। मेरी बारी आने पर खाद खत्म हो गई। इसके बाद मुझे खाली हाथ घर लौटना पड़ा था। सरकार को बुवाई का सीजन शुरू होने से पहले ही खाद, बीज उपलब्ध करवा देने चाहिए। - बलदेव राज, किसान, गांव नागपुर।

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जब मुझे कपास के बीज की जरूरत थी तो उस समय मुझे बीज नहीं मिल पाया। अब खाद नहीं मिल पा रही है। ऐसे में किसान खेतों में काम करने के बजाय कभी बीज तो कभी खाद के लाइन में लगकर अपना समय खराब कर रहा है। सरकार को खाद, बीज और कीटनाशक समय पर देने चाहिए ताकि किसान समय पर अपनी फसलों की बुवाई कर सके। - धर्मपाल, किसान, गांव नागपुर।

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