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Fatehabad News: किसानों ने खाद की कालाबाजारी पर जताया रोष
Fri, 10 Oct 2025 10:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 10 Oct 2025 10:58 PM IST
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फतेहाबाद में अतिरिक्त उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने जाते किसान। स्रोत : किसान सभा
फतेहाबाद। मांगों के लिए अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से शुक्रवार को तहसील प्रधान पतराम ढाणी ईशर की अध्यक्षता में अतिरिक्त उपायुक्त को मुख्यमंत्री और कृषिमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन कर किसानों ने मांग उठाई गई कि खाद की कालाबाजारी और खाद के अन्य जबरदस्ती अन्य सामान देने वाले विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई की। नरमा, कपास, धान, मूंगफली और बाजरा की खरीद एमएसपी पर सुनिश्चित की जाए। अगली बिजाई के लिए बिना कोई शर्त के किसानों को को-ऑपरेटिव सोसाइटियों के माध्यम से डीएपी वितरित की जाए।
तहसील सचिव ओमप्रकाश फगेड़िया ने बताया कि जिला में किसान अलग-अलग इलाके में अलग-अलग किस्म की फसलें उगाते हैं। एक हिस्से मे धान और एक बड़ा हिस्सा सेम से प्रभावित है। इसमें मजबूरी में धान बोया जाता है। गांव बड़ोपल, चिंदड, धारनिया, कुम्हारिया, खाराखेड़ी से लेकर भट्टू कलां का ज्यादातर हिस्सा में कपास, मूंगफली, धान, ग्वार की फसल सेम व जलभराव से लगभग बर्बाद हो गई है। किसानों की जो थोड़ी बहुत फसल बच गई थी, उसका भी अब मंडियों में सही भाव नहीं मिल रहा है। इस कारण किसान लगातार कर्ज में फंसता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ज्यादा बरसात के कारण धान की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है और गुणवत्ता में गिरावट आई है। कई तरह के रोगों से भी फसल को नुकसान हुआ है। किसानों के सामने अब अगली फसल बोने की समस्या खड़ी हो गई है। डीएपी के लिए भटकना पड़ रहा है। इस मौके जिला प्रधान विष्णु दत्त, धर्मपाल फौजी, डॉ पृथ्वी सिंह बाना, हंसराज, सुशील, राजेंद्र, सतबीर आदि मौजूद रहे।
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तहसील सचिव ओमप्रकाश फगेड़िया ने बताया कि जिला में किसान अलग-अलग इलाके में अलग-अलग किस्म की फसलें उगाते हैं। एक हिस्से मे धान और एक बड़ा हिस्सा सेम से प्रभावित है। इसमें मजबूरी में धान बोया जाता है। गांव बड़ोपल, चिंदड, धारनिया, कुम्हारिया, खाराखेड़ी से लेकर भट्टू कलां का ज्यादातर हिस्सा में कपास, मूंगफली, धान, ग्वार की फसल सेम व जलभराव से लगभग बर्बाद हो गई है। किसानों की जो थोड़ी बहुत फसल बच गई थी, उसका भी अब मंडियों में सही भाव नहीं मिल रहा है। इस कारण किसान लगातार कर्ज में फंसता जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि ज्यादा बरसात के कारण धान की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है और गुणवत्ता में गिरावट आई है। कई तरह के रोगों से भी फसल को नुकसान हुआ है। किसानों के सामने अब अगली फसल बोने की समस्या खड़ी हो गई है। डीएपी के लिए भटकना पड़ रहा है। इस मौके जिला प्रधान विष्णु दत्त, धर्मपाल फौजी, डॉ पृथ्वी सिंह बाना, हंसराज, सुशील, राजेंद्र, सतबीर आदि मौजूद रहे।
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