फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Farmers demonstrated at 70 places

जिले में 70 स्थानों पर तीन घंटे तक जाम लगाकर बैठे किसान

Sat, 06 Feb 2021 11:14 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 06 Feb 2021 11:14 PM IST
विज्ञापन
Farmers demonstrated at 70 places
देशव्यापी चक्का जाम के आह्वान के चलते किसानों ने जिले में 70 जगहों पर जाम लगाया। किसानों ने फाजिल्का से दिल्ली जाने वाले फोरलेन से लेकर तमाम स्टेट हाईवे बंद रखे। करीब तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बंद रहा। किसानों ने जिले में 7 स्थान जाम के लिए निर्धारित किए थे मगर किसानों ने जिलेभर में 70 से ज्यादा जगहों पर धरना दिया और रोड बंद कर दिए। अलग-अलग गांवों में ग्रामीणों ने लिंक मार्ग तक बंद किए रखे। दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक यातायात पूरी तरह बंद रहा। इसके बाद सड़कों पर आम दिनों की तरह ही वाहन दौड़ते नजर आए। चक्का जाम के दौरान फतेहाबाद शहर के बाजारों में खास असर दिखाई नहीं दिया। सभी दुकानें आम दिनों की तरह खुली थीं। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के मद्देनजर महिला पुलिसकर्मियों सहित फोर्स तैनात की गई। छह ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी लगाए गए।
विज्ञापन

फतेहाबाद में किसानों का मुख्य रूप से दो जगहों पर धरना था। शहर में लालबत्ती चौक पर धरना दे दिया। यहां पर वाहनों के गुजरने पर पाबंदी लगा दी गई। इसके अलावा हांसपुर चौक पर फोरलेन पर धरना था। इसकी वजह से फाजिल्का से दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहा। रोड पर ट्रैक्टर ट्रॉली व अन्य वाहन खड़े कर दिए गए। दोनों ही जगहों पर मंच सजाए गए थे और माइक व लाउड स्पीकर की व्यवस्था थी। किसान नेता लोगों को संबोधित कर रहे थे। कृषि बिलों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी चल रही थी। लालबत्ती चौक व हांसपुर चौक, दोनों जगहों पर करीब 150-150 किसान थे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात थी।
विज्ञापन

चक्का जाम के दौरान रोडवेज बसें बंद रहीं। वहीं प्राइवेट वाहनों के रूट बदल दिए। जिन जगहों पर किसानों का धरना था, उधर वाहनों को जाने ही नहीं दिया गया, बल्कि अन्य रास्तों से वाहन निकाले जा रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

चक्का जाम के दौरान किसानों ने एंबुलेंस का रास्ता नहीं रोका। कई मौकों पर एंबुलेंस को किसानों ने बीच से रास्ता देकर निकाला। इसके अलावा अगर कोई किसी बुजुर्ग, बीमार या महिला के साथ जाता दिखा, उसका रास्ता भी नहीं रोका गया। किसानों ने किसी के साथ बदसलूकी नहीं की।

शुरुआत में दुकान के आगे ट्रैक्टर लगाने को लेकर दुकानदार किसानों से उलझ गया। दुकानदार का कहना था कि ट्रैक्टर दुकान के बिल्कुल आगे न लगाएं क्योंकि ग्राहक नहीं आ पाएंगे। इस पर किसानों ने कहा कि दुकानदारी तो रोज ही करते हो, आज किसानों का साथ दो। हालांकि, फिर दुकानदार चुपचाप दुकान में चला गया। इसी तरह गांव बड़ोपल निवासी एक व्यक्ति ने कामरेडों के झंडे लगाने को लेकर आपत्ति जताई। उसका कहना था कि यहां कामरेडों की बजाय किसान यूनियन के झंडे लगे होने चाहिए। बाद में उसे भी अन्य किसानों ने समझाकर शांत कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed