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Fatehabad News: भारतीय कपास निगम की खरीद के मानक पूरे नहीं कर पा रहे हैं किसान

Tue, 18 Nov 2025 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Tue, 18 Nov 2025 11:14 PM IST
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Farmers are unable to meet the procurement standards of the Cotton Corporation of India
फतेहाबाद की नई अनाज मंडी के बाहर कपास की खरीद करते ननीजी व्यापारी। संवाद
फतेहाबाद। जिले की अनाज मंडियों में इस बार भारतीय कपास निगम ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कपास की खरीद शुरू की है। यह खरीद अब मात्र एक औपचारिकता बनकर रह गई है। निगम के कर्मचारी कपास के रंग और गुणवत्ता में कमी का हवाला देते हुए खरीद से इन्कार कर रहे हैं।
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इस कारण किसान अपनी फसल को मजबूरी में औने-पौने दामों पर निजी व्यापारियों को बेचने को मजबूर हैं। किसानों ने बताया कि सीसीआई के कर्मचारी मंडियों में 10 से 15 किसानों की फसल की खरीदारी करते हैं। वे कपास का निरीक्षण करते समय फसल का रंग देखकर तुरंत खरीद करने से मना कर देते हैं।
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उनका तर्क होता है कि फसल निर्धारित नमी और गुणवत्ता मानकों को पूरा नहीं कर रही है। वहीं किसानों का कहना है कि लगातार खराब मौसम और नमी के चलते रंग में बदलाव हुआ है। ऐसे में प्राकृतिक आपदा के आगे किसान क्या कर सकता है। सरकार को खरीद के मानकों में छूट देनी चाहिए।
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मंगलवार को शहर की नई अनाज मंडी में पहुंचे किसान रामकिशन भोडिया खेड़ा, कुलदीप निवासी खुंभर और नरेश कुमार नागपुर ने बताया कि अनाज मंडियों में सीसीआई की खरीद धीमी है। जिले की अनाज मंडियों में अब तक कपास की कुल आवक 37,211 क्विंटल हो चुकी है। इसमें से भारतीय कपास निगम ने अभी तक मात्र 2,700 क्विंटल कपास की ही सरकारी खरीद की है। यह खरीद कुल आवक का 10 प्रतिशत भी नहीं है। मंगलवार को शहर की नई अनाज मंडी में 22 किसानों ने अपनी 300 क्विंटल कपास एमएसपी पर बेची, जबकि जिले में कुल आवक 4000 क्विंटल के करीब हुई है।

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रबी की फसलों की बिजाई के लिए खर्च की आवश्यकता

सरकारी खरीद में हो रही औपचारिकता का फायदा निजी व्यापारी उठा रहे हैं। इस बार फसलों का उत्पादन कम हुआ है। लेकिन रबी की फसलों की बुवाई के लिए किसानों को तुरंत पैसे की जरूरत है और सरकारी खरीद हो नहीं रही है, इसलिए निजी व्यापारियों को किसान कपास का भाव 4,700 रुपये प्रति क्विंटल से लेकर 6300 रुपये प्रति क्विंटल पर बेचना पड़ रहा है। किसानों के लिए फसलों पर हुई लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।

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किसानों ने की हस्तक्षेप की मांग



किसानों ने जिला प्रशासन व मार्केट कमेटी से खरीद प्रक्रिया में सुधार लाने की मांग की है। सरकार एमएसपी पर खरीद करने का दावा करती है, लेकिन सीसीआई के अधिकारी अनावश्यक शर्तें लगा रहे हैं। प्रशासन से अपील है कि तुरंत खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने और सीसीआई को मानकों में थोड़ी ढील देने के निर्देश जारी करने की मांग की है।




:: भारतीय कपास निगम की ओर से तय मानकों के अनुसार खरीद की जा रही है। एमएसपी पर खरीद के लिए कपास में नमी की मात्रा 8 फीसदी से लेकर 12 फीसदी के बीच होनी जरूरी हैं।

-दिनेश कुमार, कनिष्ठ वाणिज्यिक कार्यकारी, भारतीय कपास निगम, सिरसा।
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