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Fatehabad News: धान की सीधी बिजाई से किसानों का मोह भंग, नहीं मिली अनुदान की राशि

Sun, 02 Nov 2025 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sun, 02 Nov 2025 11:11 PM IST
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Farmers are disillusioned with direct sowing of paddy, they did not receive the subsidy amount
गांव ढाणी भोजराज में की गई धान की सीधी बिजाई। फाइल फोटो
फतेहाबाद। जिले में धान की सीधी बुआई से किसानों का मोह भंग होने लगा है। धान की सीधी बिजाई की पैदावार में भी गिरावट आई है। किसानों को इसका अनुभव अच्छा नहीं रहा। सरकार की ओर से किसानों को मिलने वाली अनुदान राशि न मिलने से किसानों में नाराजगी है।
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मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत सीधी बुआई करने पर किसानों को 4,000 रुपये प्रति एकड़ का अनुदान मिलना था, जिसे इस वर्ष बढ़ाकर 4,500 रुपये कर दिया गया है, लेकिन भुगतान अब तक नहीं हुआ। ऐसे में किसानों को गेहूं की फसल की बिजाई के लिए खाद और बीज खरीदने में परेशानी हो रही है।
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कृषि विभाग के अनुसार जिले में इस वर्ष करीब 75,000 एकड़ क्षेत्र में धान की सीधी बुआई का लक्ष्य रखा गया था। इसके तहत इस बार 62,818 एकड़ से अधिक में धान की सीधी बिजाई हुई है। वहीं पिछले वर्ष यह क्षेत्रफल 15,000 एकड़ रहा था। किसानों का कहना है कि उन्होंने इस साल मेरा पानी विरासत पोर्टल पर आवेदन किया है, लेकिन अभी तक किसी को भी अनुदान राशि नहीं मिली।
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किसानों का कहना है कि अगर सरकार समय पर भुगतान नहीं करती तो अगले वर्ष कोई भी किसान सीधी बुआई करने को तैयार नहीं होगा। वे मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द अनुदान राशि जारी की जाए ताकि उनका भरोसा कायम रह सके।

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मैंने पिछले साल 5 एकड़ में धान की सीधी बुआई की थी। लेकिन इस बार अब तक अनुदान राशि नहीं मिला। सीधी बुआई से लागत भी कम नहीं रही, उल्टा फसल भी कमजोर रही है। सरकार को जल्द अनुदान राशि डालनी चाहिए ताकि रबी फसलों की बुवाई आसानी से कर सके।

-चांदीराम किसान

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मैंने इस साल 7 एकड़ में सीधी बुआई की, लेकिन अनुदान राशि न मिलने से परेशानी है। सरकार को सीधी बुआई को बढ़ावा देना चाहिए, पर समय पर पैसा न मिलने से किसान हतोत्साहित हो रहे हैं। वहीं धान की पैदावार में गिरावट आई है।

-राजकुमार, किसान

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अनुदान राशि न मिलने के कारण किसान अब दोबारा इस तकनीक को अपनाने से कतराने लगे हैं। इस बार सीधी बुआई से उत्पादन भी अपेक्षा के अनुसार नहीं मिला। अगर समय पर अनुदान नहीं मिला तो अगले साल धान की रोपाई विधि को फिर से अपनाया जाएगा।

-ओमप्रकाश, किसान

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धान की सीधी बिजाई के प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है लेकिन अनुदान राशि नहीं मिलने से किसानों को परेशानी हो रही है। किसानों को अब गेहूं की फसल की बिजाई के लिए खाद और बीज की खरीदारी करनी है। लेकिन अभी तक राशि नहीं मिल सकी है।


-बलबीर, किसान

:: जिले में धान की सीधी बिजाई का रकबा हर साल बढ़ रहा है। इससे धान की रोपाई के बजाय सीधी बिजाई करने से 25 फीसदी तक पानी की बचत होती है। कृषि विभाग की ओर से सभी कार्य पूरे कर लिए गए हैं। अनुदान राशि मुख्यालय से भेजी जानी है।

-डॉ. राजपाल, तकनीकी सहायक, कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।
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