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Fatehabad News: ज्ञान जांचने के लिए ली गई 411 आशा वर्कर की परीक्षा, पास हुई तो होंगी प्रमाणित
Mon, 23 Sep 2024 05:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 23 Sep 2024 05:30 AM IST
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फतेहाबाद के एमएम कॉलेज में परीक्षा देतीं आशा वर्कर और निरीक्षण करते उप सिविल सर्जन मेजर डॉ.शरद
फतेहाबाद। गांव और शहर में नवजात से लेकर बुजुर्ग तक के स्वास्थ्य का ख्याल रखने वाली आशा वर्कर के ज्ञान को जांचने के लिए रविवार को पहली बार लिखित परीक्षा ली गई। नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ ओपन स्कूल के द्वारा एमएम कॉलेज में सेंटर बनाया गया। यहां पर 411 आशा वर्कर ने परीक्षा दी।
परीक्षा को लेकर आशा वर्कर उत्साहित दिखी। परीक्षा देकर केंद्र से बाहर निकलने के बाद बोली प्रश्रपत्र का लेवल सामान्य ही था और उन्होंने तय समय पर पूरा भी कर लिया। पहले चरण में परीक्षा को लेकर 417 आशा वर्कर ने आवेदन किया था। इसमें पांच के आवेदन कमियों के कारण रद्द हो गए और एक पेपर देने के लिए नहीं पहुंची।
परीक्षा दोपहर ढाई बजे शुरू हुई और चार बजे खत्म हुई। परीक्षा में आशा वर्कर से उनके फील्ड संबंधित प्रश्र पूछे गए। परीक्षा को लेकर उप सिविल सर्जन मेजर डॉ. शरद तुली सुपरिडेंट और जिला कोडिनेटर नरेंद्र खराब डिप्टी सुपरिडेंट तैनात रहे। परीक्षा में व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग के फ्लीट मैनेजर कुलदीप, कर्मचारी कविता, रीतू, सतपाल और पटेल सिंह भी मौजूद रहे।
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परीक्षा में पास हुई तो हो जाएंगी सर्टिफाइड :
आशा वर्कर के ज्ञान को परखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रेक्टिकल से लेकर लिखित परीक्षा ली है। जिले में 833 आशा वर्कर हैं। पहले चरण में 417 को परीक्षा में शामिल किया गया और 416 को अगले साल शामिल किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक अगर आशा वर्कर परीक्षा में पास होती हैं तो सर्टिफाइड हो जाएगी और पांच हजार रुपये का कैश अवॉर्ड भी मिलेगा। लिखित परीक्षा से पहले आशा वर्कर को 30 नंबर में से आंतरिक असेसमेंट के दिए गए हैं। इसके अलावा 40 नंबर एक्सटर्नल असेसमेंट में से दिए गए हैं।
विभाग का दावा : परीक्षा से बढ़ेगा ज्ञान :
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फील्ड में आशा वर्कर का जमीनी स्तर पर काम रहता है। ये विभाग की रीढ की हड्डी हैं। इस परीक्षा का उद्देश्य ये है कि आशा वर्कर का ज्ञान बढ़ाया जाए। परीक्षा में खरा उतरने के लिए आशा वर्कर अध्ययन करेगी और प्रेक्टिकल दोहराएंगी। प्रेक्टिकल में हाथ धोना, तापमान मापना, घरेलू ओआरएस बनाना, शिशु का वजन मापना, गर्भावस्था का पता लगाना समेत कई कार्य शामिल होते हैं।
ये मिलता है आशा वर्कर को मानदेय :
जिले में कार्यरत आशा वर्कर को स्वास्थ्य विभाग 6,100 रुपये मानदेय देता है। इसके अलावा आशा वर्कर के कार्य के आधार पर विभाग द्वारा राशि दी जाती है।
परीक्षा को लेकर एमएम कॉलेज में केंद्र बनाया गया, यहां पर 411 आशा वर्कर ने परीक्षा दी है। परीक्षा को लेकर आशा वर्कर में काफी उत्साह दिखा है। - मेजर डॉ. शरद तुली, उप सिविल सर्जन, फतेहाबाद।
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परीक्षा को लेकर आशा वर्कर उत्साहित दिखी। परीक्षा देकर केंद्र से बाहर निकलने के बाद बोली प्रश्रपत्र का लेवल सामान्य ही था और उन्होंने तय समय पर पूरा भी कर लिया। पहले चरण में परीक्षा को लेकर 417 आशा वर्कर ने आवेदन किया था। इसमें पांच के आवेदन कमियों के कारण रद्द हो गए और एक पेपर देने के लिए नहीं पहुंची।
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परीक्षा दोपहर ढाई बजे शुरू हुई और चार बजे खत्म हुई। परीक्षा में आशा वर्कर से उनके फील्ड संबंधित प्रश्र पूछे गए। परीक्षा को लेकर उप सिविल सर्जन मेजर डॉ. शरद तुली सुपरिडेंट और जिला कोडिनेटर नरेंद्र खराब डिप्टी सुपरिडेंट तैनात रहे। परीक्षा में व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग के फ्लीट मैनेजर कुलदीप, कर्मचारी कविता, रीतू, सतपाल और पटेल सिंह भी मौजूद रहे।
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परीक्षा में पास हुई तो हो जाएंगी सर्टिफाइड :
आशा वर्कर के ज्ञान को परखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रेक्टिकल से लेकर लिखित परीक्षा ली है। जिले में 833 आशा वर्कर हैं। पहले चरण में 417 को परीक्षा में शामिल किया गया और 416 को अगले साल शामिल किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक अगर आशा वर्कर परीक्षा में पास होती हैं तो सर्टिफाइड हो जाएगी और पांच हजार रुपये का कैश अवॉर्ड भी मिलेगा। लिखित परीक्षा से पहले आशा वर्कर को 30 नंबर में से आंतरिक असेसमेंट के दिए गए हैं। इसके अलावा 40 नंबर एक्सटर्नल असेसमेंट में से दिए गए हैं।
विभाग का दावा : परीक्षा से बढ़ेगा ज्ञान :
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फील्ड में आशा वर्कर का जमीनी स्तर पर काम रहता है। ये विभाग की रीढ की हड्डी हैं। इस परीक्षा का उद्देश्य ये है कि आशा वर्कर का ज्ञान बढ़ाया जाए। परीक्षा में खरा उतरने के लिए आशा वर्कर अध्ययन करेगी और प्रेक्टिकल दोहराएंगी। प्रेक्टिकल में हाथ धोना, तापमान मापना, घरेलू ओआरएस बनाना, शिशु का वजन मापना, गर्भावस्था का पता लगाना समेत कई कार्य शामिल होते हैं।
ये मिलता है आशा वर्कर को मानदेय :
जिले में कार्यरत आशा वर्कर को स्वास्थ्य विभाग 6,100 रुपये मानदेय देता है। इसके अलावा आशा वर्कर के कार्य के आधार पर विभाग द्वारा राशि दी जाती है।
परीक्षा को लेकर एमएम कॉलेज में केंद्र बनाया गया, यहां पर 411 आशा वर्कर ने परीक्षा दी है। परीक्षा को लेकर आशा वर्कर में काफी उत्साह दिखा है। - मेजर डॉ. शरद तुली, उप सिविल सर्जन, फतेहाबाद।