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Fatehabad News: गतिविधि आधारित शिक्षा से बच्चों को निपुण बनाने पर जोर
Wed, 14 Oct 2026 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 14 Oct 2026 11:52 PM IST
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फतेहाबाद में प्रशिक्षण लेने वाले शिक्षकों को प्रमाण पत्र देते अधिकारी। स्रोत : शिक्षा विभा
फतेहाबाद। प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित 6 दिवसीय निपुण प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन हो गया। पीएमश्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यशाला में खंड के विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों के 135 शिक्षकों ने भाग लिया। समापन समारोह में खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यशाला के दौरान शिक्षकों को बच्चों को रोचक, सरल और भयमुक्त वातावरण में पढ़ाने की तकनीकें सिखाई गईं। प्रशिक्षण में पारंपरिक शिक्षण पद्धति के बजाय गतिविधि आधारित शिक्षा और खेल-खेल में सीखने पर विशेष जोर रहा। शिक्षकों ने रोल-प्ले, शिक्षण किट और समूह गतिविधियों के माध्यम से नई तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास किया।
छह दिनों के प्रशिक्षण में अलग-अलग विषयों पर सत्र आयोजित किए गए। पहले दिन बाल वाटिका, बच्चों के प्रारंभिक विकास और स्कूल रेडीनेस पर चर्चा हुई। दूसरे और तीसरे दिन हिंदी शिक्षण, जबकि चौथे और पांचवें दिन गणितीय अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाने का अभ्यास कराया गया। अंतिम दिन अंग्रेजी भाषा की बुनियादी समझ, अक्षर ज्ञान, सरल संवाद और फोनेटिक्स पर प्रशिक्षण दिया गया।
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सीखीं तकनीकों को कक्षा तक पहुंचाएं शिक्षक
खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा बच्चों की शैक्षणिक यात्रा की मजबूत नींव है। निपुण भारत मिशन के तहत कक्षा तीन तक बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान में दक्ष बनाना जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से प्रशिक्षण में सीखीं तकनीकों और नवाचारों को विद्यालयों में लागू करने का आह्वान किया।
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कार्यशाला के दौरान शिक्षकों को बच्चों को रोचक, सरल और भयमुक्त वातावरण में पढ़ाने की तकनीकें सिखाई गईं। प्रशिक्षण में पारंपरिक शिक्षण पद्धति के बजाय गतिविधि आधारित शिक्षा और खेल-खेल में सीखने पर विशेष जोर रहा। शिक्षकों ने रोल-प्ले, शिक्षण किट और समूह गतिविधियों के माध्यम से नई तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास किया।
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छह दिनों के प्रशिक्षण में अलग-अलग विषयों पर सत्र आयोजित किए गए। पहले दिन बाल वाटिका, बच्चों के प्रारंभिक विकास और स्कूल रेडीनेस पर चर्चा हुई। दूसरे और तीसरे दिन हिंदी शिक्षण, जबकि चौथे और पांचवें दिन गणितीय अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाने का अभ्यास कराया गया। अंतिम दिन अंग्रेजी भाषा की बुनियादी समझ, अक्षर ज्ञान, सरल संवाद और फोनेटिक्स पर प्रशिक्षण दिया गया।
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सीखीं तकनीकों को कक्षा तक पहुंचाएं शिक्षक
खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र कुमार ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा बच्चों की शैक्षणिक यात्रा की मजबूत नींव है। निपुण भारत मिशन के तहत कक्षा तीन तक बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान में दक्ष बनाना जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से प्रशिक्षण में सीखीं तकनीकों और नवाचारों को विद्यालयों में लागू करने का आह्वान किया।