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कम उत्पादन का असर, समय से पहले ही बंद हुई गेहूं की खरीद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 11 May 2022 11:21 PM IST
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Effect of low production, wheat procurement stopped before time
गेहूं की आवक बंद होने के बाद खाली पड़ी अनाजमंडी - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। फतेहाबाद में पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि गेहूं खरीद के निर्धारित समय से पहले ही गेहूं की खरीद लगभग पूरी हो चुकी है। जिले की मंडियों में गेहूं खरीद 15 मई तक होनी थी, लेकिन निर्धारित समय से पहले ही सभी खरीद एजेंसियां साढ़े 99 फीसदी गेहूं खरीद चुकी हैं। अब तो अनाज मंडियों में इक्का दुक्का किसान ही आ रहे हैं और ड्यूटी पर तैनात खरीद एजेंसियों के कर्मचारी खाली बैठे हैं। जिले की मंडियों में लिफ्टिंग का काम भी लगभग पूूरा हो चुका है। समय से पूर्व गेहूं की खरीद लगभग समाप्त होने का एक कारण इस बार गेहूं का कम उत्पादन रहा है।
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फतेहाबाद में गेहूं खरीद का काम इस बार एक अप्रैल से आरंभ हुआ था और इसे 15 मई तक जारी रखना था। गेहूं खरीद को लेकर इस बार फूड एंड सप्लाई, एफसीआई, हरियाणा वेयर कारपोरेशन हैफेड ने 1 अप्रैल से शुरू कर दी थी। गेहूं खरीद आरंभ होने के करीब तीन दिन तक तो मंडियों में गेहूं नहीं आई और जब आने लगी तो इसकी खरीद की रफ्तार भी बढ़ गई। हर बार लदान न होने का रोना रोने वाले व्यापारी व किसान भी खुश थे, क्योंकि इस बार गेहूं की खरीद के साथ-साथ लदान का काम भी सुचारु रहा। 10 मई तक अनाज मंडियों में गेहूं खरीद का कार्य लगभग सुचारु रुप से संपन्न हो गया। संवाद
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कम उत्पादन रहा गेहूं खरीद की समाप्ति का कारण
हालांकि साल दर साल फतेहाबाद जिले में गेहूं का उत्पादन बढ़ता रहा है, लेकिन इस बार मार्च महीने में अचानक पड़ी गर्मी के कारण गेहूं का दाना काफी कमजोर हो गया और उत्पादन उम्मीद के मुताबिक नहीं हो पाया। मार्च माह में ही पारा 40 डिग्री हो गया था, जिसका सीधा असर गेहूं उत्पादन पर पड़ा है। फतेहाबाद जिले में प्रति एकड़ 22 से 24 क्विंटल गेहूं का उत्पादन होता रहा है, लेकिन इस बार यह सिमटकर 18 से 20 एकड़ तक ही रह गया। गेहूं की आवक कम होने से गेहूं की खरीद भी समय से पहले पूरी हो गई। वहीं इस बार किसानों ने गेहूं की बजाए सरसों की फसल की ओर अधिक रुझान दिखाया। सरसों की फसल के दाम उनको 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक मिले, जिस कारण यह भी गेहूं उत्पादन की कमी का बड़ा कारण रहा। किसानों ने इस बार सरसों की पिछले साल की अपेक्षा तीन गुना अधिक बिजाई की। इस बार जिले में 57,750 एकड़ पर सरसों की रिकार्ड बिजाई की थी।
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पिछले साल की अपेक्षा 2 लाख 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं आया कम
पिछले साल फतेहाबाद जिले की अनाज मंडियों में 6 लाख 96 हजार 415 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई थी। इस बार मात्र 4 लाख 25 हजार 499 मीट्रिक टन ही गेहूं की आवक हुई है। यानि इस बार 2 लाख 70 हजार 918 मीट्रिक टन गेहूं की आवक कम रही, जो पिछले साल की अपेक्षा लगभग 40 फीसदी कम है।

जिला में खरीद एजेंसियों द्वारा खरीदी गई गेहूं का आंकड़ा
खरीद एजेंसी खरीद उठान
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग 1117333 99.78 फीसदी
हैफेड 203263 99.96 फीसदी
हरियाणा वेयर हाउस 71181 100 फीसदी
एफसीआई 39322 100 फीसदी
कुल 425499
उठान 425355 99.92 फीसदी
कोट
सभी खरीद एजेंसियों द्वारा गेहूं की लगभग खरीद कर ली गई है। अनाज मंडियों में इक्का दुक्का ढेरियां ही हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस साल गेहूं की खरीद निर्धारित शेड्यूल से पहले ही हो गई है। इसका मुख्य कारण गेहूं की आवक कम होना है।
-विनीत जैन, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, फतेेहाबाद
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