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Fatehabad News: अग्रोहा टीले की खोदाई तेज कराने की मांग
Mon, 05 Oct 2026 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 05 Oct 2026 11:12 PM IST
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कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते बजरंग दास गर्ग। संवाद
टोहाना। अग्रोहा के ऐतिहासिक टीले की खुदाई धीमी गति से चलने और बार-बार रुकने पर वैश्य समाज ने चिंता जताई। समाज ने सरकार से खोदाई का काम नियमित और तेज गति से करवाने की मांग की। साथ ही फतेहाबाद जिले में महाराजा अग्रसेन के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग रखी।
अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में प्रतिनिधियों की बैठक हुई। गर्ग ने कहा कि अग्रोहा का ऐतिहासिक टीला प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और इतिहास का महत्वपूर्ण प्रतीक है। खोदाई लंबे समय तक बंद रहने से समाज में रोष है।
उन्होंने कहा कि खोदाई रुकने पर झाड़ियां और पौधे उग जाते हैं। दोबारा काम शुरू होने पर सफाई में समय लगता है इसलिए खोदाई लगातार जारी रखने की व्यवस्था होनी चाहिए। गर्ग ने बताया कि अग्रोहा धाम में करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से महाराजा अग्रसेन के नाम पर दो संग्रहालय बनाए जा रहे हैं। टीले से मिलने वाले प्राचीन अवशेषों को सुरक्षित रखकर संग्रहालयों में प्रदर्शित करने की मांग भी की।
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उन्होंने बताया कि 24 और 25 अक्तूबर को अग्रोहा धाम में ट्रेड फेयर होगा। 25 अक्तूबर को 43वां वार्षिक मेला भी आयोजित किया जाएगा। इसमें देशभर से लाखों लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। बैठक में रमेश गोयल, चुड़िया राम गोयल, ओमकार गर्ग, कृष्ण बंसल और महेश जैन सहित कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में प्रतिनिधियों की बैठक हुई। गर्ग ने कहा कि अग्रोहा का ऐतिहासिक टीला प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और इतिहास का महत्वपूर्ण प्रतीक है। खोदाई लंबे समय तक बंद रहने से समाज में रोष है।
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उन्होंने कहा कि खोदाई रुकने पर झाड़ियां और पौधे उग जाते हैं। दोबारा काम शुरू होने पर सफाई में समय लगता है इसलिए खोदाई लगातार जारी रखने की व्यवस्था होनी चाहिए। गर्ग ने बताया कि अग्रोहा धाम में करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से महाराजा अग्रसेन के नाम पर दो संग्रहालय बनाए जा रहे हैं। टीले से मिलने वाले प्राचीन अवशेषों को सुरक्षित रखकर संग्रहालयों में प्रदर्शित करने की मांग भी की।
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उन्होंने बताया कि 24 और 25 अक्तूबर को अग्रोहा धाम में ट्रेड फेयर होगा। 25 अक्तूबर को 43वां वार्षिक मेला भी आयोजित किया जाएगा। इसमें देशभर से लाखों लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। बैठक में रमेश गोयल, चुड़िया राम गोयल, ओमकार गर्ग, कृष्ण बंसल और महेश जैन सहित कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।