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विदेश में बैठे युवा किसान आंदोलन में कर रहे मदद, कुलां गांव से 2.80 लाख चंदा एकत्रित 17-05-33

Thu, 03 Dec 2020 10:44 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 03 Dec 2020 10:44 PM IST
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Economic support to the peasant movement
कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों को विदेशों में बैठे एनआरआई से भी खूब समर्थन मिल रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से समर्थन के साथ एनआरआई आंदोलन में आर्थिक मदद भी कर रहे हैं। कुलां क्षेत्र के ग्रामीणों ने साझे तौर पर करीब 2 लाख 80 हजार रुपये का चंदा एकत्रित किया है।
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गांव के करीब हर परिवार ने चंदा राशि दी है। इसमें एनआरआई युवाओं ने भी अपना सहयोग दिया है। चंदा एकत्रित करने के बाद गांव से जत्था दिल्ली में डटे किसानों के भोजन की व्यवस्था के लिए ट्रैक्टर ट्रालियों में आटा, तेल, घी, दाल व सब्जियां आदि लेकर रवाना हुआ।
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किसान का बेटा हूं, इसलिए खेती पहला धर्म : एनआरआई कुलवीर
कुलां से जाकर यूएसए में बसे एनआरआई कुलवीर सिंह ने भी 11 हजार रुपये भेजे हैं। कुलवीर ने कहा कि भले ही वे विदेश में रह रहे हैं, लेकिन गांव की मिट्टी से ही उनका नाता जुड़ा है। किसान आज आंदोलन करने को मजबूर हैं। किसान का बेटा हूं तो किसानी आज भी मेरा पहला धर्म है। हमारा भी यह कर्त्तव्य है कि जितना हो सकें, हम इस आंदोलन में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि उन्हें तो किसानों की जीत का इंतजार है। यही कारण है कि विदेश में बैठकर भी फोन के जरिये आंदोलन की हर गतिविधि की जानकारी ले रहे हैं।
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आंदोलन में शामिल तो नहीं हो सका, आर्थिक मदद तो कर ही सकता हूं : दलजीत
कुलां में जन्मे और यूएसए में रह रहे दलजीत दयोल ने भी इस आंदोलन में 11 हजार रुपये भेजे हैं। उन्होंने कहा कि दूर होने के चलते बेशक वे आंदोलन का हिस्सा नहीं बन सकते लेकिन इस छोटी सी आर्थिक मदद से आंदोलन में कुछ न कुछ मौजूदगी दर्ज कराने का प्रयास कर रहा हूं।

इंग्लैंड में रह रहे अमित सिंगला ने भेजे 20 हजार रुपये
गांव कुलां से जाकर इंग्लैंड में रह रहे अमित सिंगला (काका) ने किसान आंदोलन में सहायता के लिए 20 हजार रुपये भेजे हैं। अमित सिंगला ने बताया कि किसानों के लिए उनका अटूट स्नेह है। किसान खुशहाल होगा, तभी देश खुशहाल होगा। अन्नदाता खेतों में अन्न पैदा कर देश का पेट भरता है। हमारा किसान सड़कों पर आकर संघर्ष कर रहा है। ऐसे में वे उन्हें सेल्यूट करते हैं। उन्हें उम्मीद है कि सभी एकजुटता से अपने मिशन पर अवश्य फतेह हासिल करेंगे।
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