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इनेलो सरकार बनती तो दुष्यंत ही होता प्रदेश का मुख्यमंत्री : चौटाला
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फतेहाबाद की जाट धर्मशाला में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते पूर्व मुख्यमंत्री ओपी च?
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। अगर इनेलो में फूट की बजाये प्रदेश में सरकार बनती तो दुष्यंत चौटाला ही इनेलो की ओर से मुख्यमंत्री बनते और अभय चौटाला की संगठन में रुचि है तो वह संगठन संभालते। ये बात इनेलो सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने कही। वे शुक्रवार दोपहर को फतेहाबाद की जाट धर्मशाला में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर चौटाला ने बहादुरगढ़ के पूर्व विधायक नफे सिंह राठी को पार्टी का नया प्रदेशाध्यक्ष बनाने का भी एलान किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने दुष्यंत चौटाला का नाम लेकर कहा कि मुख्यमंत्री बनने की बजाए अब वह उपमुख्यमंत्री बनकर फजीहत करवा रहा है। नारनौंद के विधायक रामकुमार गौतम के विवाद का जिक्र करते हुए चौटाला ने तंज कसा कि देवीलाल को छोड़कर गौतम को दादा बनाया और अब दादा किरकिरी करवा रहा है। बाद में पत्रकारों द्वारा दोबारा पूछे जाने पर भी पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने स्पष्ट कहा कि जनता और कार्यकर्ताओं की आवाज थी कि दुष्यंत चौटाला को सीएम पद के लिए आगे किया जाना चाहिए और हम इसके लिए तैयारी भी कर रहे थे।
कहा, अभय की संगठन में रुचि
उन्होंने कहा कि अभय चौटाला तो शुरू से ही संगठन में रुचि रखते आए हैं। जब उनसे दोबारा पूछा गया कि क्या ये दुष्यंत चौटाला को वापस जोड़ने के लिए न्योता है तो उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसा नहीं है, लेकिन बतौर दादा वो अपने सभी पोतों को साथ देखने के इच्छुक हैं। गृहमंत्री व मुख्यमंत्री के बीच ट्रांसफर विवाद पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ये विवाद सरकार के पतन की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से विवाद शुरू हो गए हैं, ये सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सकेगी। जब उनसे बिजली मंत्री द्वारा बिजली बिल डिफाल्टरों को सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य ठहराने का सवाल पूछा गया तो पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि ये प्रजातांत्रिक तरीका नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार में हर जगह घोटाले हो रहे हैं और धान का घोटाला तो सबसे बड़ा घोटाला है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय दुष्यंत चौटाला के पास है, ऐसे में जब पूर्व मुख्यमंत्री से पूछा गया कि क्या वो उनके इस्तीफे की मांग करते हैं तो उन्होंने बात को टालते हुए कहा कि वो तो पूरी सरकार के पतन की मांग करते हैं।
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संगठन को फिर से बनाना होगा मजबूत
इससे पहले कार्यकर्ता सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ओपी चौटाला ने कहा कि कार्यकर्ताओं को संगठन को दोबारा से मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर संगठन मजबूत होगा तो सत्ता हासिल करने के लिए पांच साल तक इंतजार करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। चौटाला ने कहा कि इसके लिए आवश्यक है कि सभी कार्यकर्ता जनसंपर्क अभियान शुरू करें और लोगों को पार्टी से जोड़ने का काम करें।
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पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने दुष्यंत चौटाला का नाम लेकर कहा कि मुख्यमंत्री बनने की बजाए अब वह उपमुख्यमंत्री बनकर फजीहत करवा रहा है। नारनौंद के विधायक रामकुमार गौतम के विवाद का जिक्र करते हुए चौटाला ने तंज कसा कि देवीलाल को छोड़कर गौतम को दादा बनाया और अब दादा किरकिरी करवा रहा है। बाद में पत्रकारों द्वारा दोबारा पूछे जाने पर भी पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने स्पष्ट कहा कि जनता और कार्यकर्ताओं की आवाज थी कि दुष्यंत चौटाला को सीएम पद के लिए आगे किया जाना चाहिए और हम इसके लिए तैयारी भी कर रहे थे।
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कहा, अभय की संगठन में रुचि
उन्होंने कहा कि अभय चौटाला तो शुरू से ही संगठन में रुचि रखते आए हैं। जब उनसे दोबारा पूछा गया कि क्या ये दुष्यंत चौटाला को वापस जोड़ने के लिए न्योता है तो उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसा नहीं है, लेकिन बतौर दादा वो अपने सभी पोतों को साथ देखने के इच्छुक हैं। गृहमंत्री व मुख्यमंत्री के बीच ट्रांसफर विवाद पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ये विवाद सरकार के पतन की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से विवाद शुरू हो गए हैं, ये सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सकेगी। जब उनसे बिजली मंत्री द्वारा बिजली बिल डिफाल्टरों को सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य ठहराने का सवाल पूछा गया तो पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि ये प्रजातांत्रिक तरीका नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार में हर जगह घोटाले हो रहे हैं और धान का घोटाला तो सबसे बड़ा घोटाला है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्रालय दुष्यंत चौटाला के पास है, ऐसे में जब पूर्व मुख्यमंत्री से पूछा गया कि क्या वो उनके इस्तीफे की मांग करते हैं तो उन्होंने बात को टालते हुए कहा कि वो तो पूरी सरकार के पतन की मांग करते हैं।
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संगठन को फिर से बनाना होगा मजबूत
इससे पहले कार्यकर्ता सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ओपी चौटाला ने कहा कि कार्यकर्ताओं को संगठन को दोबारा से मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर संगठन मजबूत होगा तो सत्ता हासिल करने के लिए पांच साल तक इंतजार करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। चौटाला ने कहा कि इसके लिए आवश्यक है कि सभी कार्यकर्ता जनसंपर्क अभियान शुरू करें और लोगों को पार्टी से जोड़ने का काम करें।