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माजरा पंचायत ने लिया नशा तस्करों के सामाजिक बहिष्कार का फैसला
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फतेहाबाद। नशा विरोधी मुहिम के तहत ब्लॉक स्तर पर नशा मुक्ति केंद्र बनाए जाने जैसे मुद्दे उठा रहे सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीन काशी ने सांझा प्रयास कमेटी सदस्यों संग दर्जनों गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को 16 अगस्त को लघु सचिवालय के सामने प्रस्तावित महापंचायत में पहुंचने का आह्वान किया। जनसंपर्क अभियान के दौरान गांव माजरा सरपंच जगदीश राहड़ ने प्रवीन काशी की मुहिम का समर्थन करते हुए ग्राम पंचायत की तरफ से नशा तस्करों का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया। गांव ढाणी छतरियां, सरवरपुर, ढाणी ढाका, बिसला, भड़ोलांवाली और बोदीवाली में भी ग्रामवासियों ने खुलकर नशा तस्करी के खिलाफ सामने आते हुए मोर्चा संभाला और जाग्रति यात्रा निकाली।
ग्रामीणों और युवाओं से संपर्क साधते हुए प्रवीन काशी ने कहा कि आज हम नशे के दलदल में धंसते युवाओं को बचाने के लिए एकजुट नहीं हुए तो वह दिन दूर नहीं, जब पंजाब की तरह हरियाणा में भी नशे का शिकार होकर मरने वालों का आंकड़ा देश भर में सबसे अग्रणी हो जाएगा। दूध-दही का खाना और पहलवानों का प्रदेश कहलवाने वाला हरियाणा नशा तस्करी व नशा पीड़ित युवाओं के मामले में बदनाम हो जाएगा। जिला प्रशासन के आंकड़ों में ही जिला में 2 हजार से अधिक युवा नशे की चपेट में है जबकि यह आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा का है। इतना ही नहीं हेरोइन, स्मैक का सेवन करने वाले युवा एक ही सीरिंज का इस्तेमाल करके एड्स जैसी लाइलाज बीमारी का शिकार भी होने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े में अकेले फतेहाबाद में एड्स पीड़ितों का आंकड़ा 995 तक पहुंच गया है जिसके लिए मुख्य वजह नशा तस्करों द्वारा एक ही सीरिंज का प्रयोग करना माना गया है। उन्होंने ग्रामवासियों से ऐसे गंभीर हालात को रोकने के लिए एकमत होकर 16 अगस्त की महापंचायत में बड़ी तदाद में लघु सचिवालय के सामने पहुंचने का आह्वान किया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता हरदीप सिंह, पूनचंद रत्ति, अंगद ढिंगसरा, रिछपाल तरड़, अभय बोदीवाली, सुनील पंवार, यशवीर आर्य, विजेंद्र सरवरपूर, मनजीत सिंह, दारा सिंह, सुरेश कुमार ढाणी छतरियां, देवेन्द्र मैहला, रामचन्द्र जाखल, मांगेराम फौगाट, डॉ रामफल, सुनील सरपंच, राजेंद्र जांगड़ा, दिलबाग सिंह ढाणी ढाका, रणसिंह, सुभाष सरपंच, सुशील धुड़िया, सुमित बैनीवाल, मंगल सैन, कृष्ण शर्मा, रोहताश लेगा, इन्द्र माजरा, पुनीत ढिंगसरा, बल्लू याद, गुरप्रीत सिंह, रवि कुमार, साहिल कुमार आदि उपस्थित रहे।
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ग्रामीणों और युवाओं से संपर्क साधते हुए प्रवीन काशी ने कहा कि आज हम नशे के दलदल में धंसते युवाओं को बचाने के लिए एकजुट नहीं हुए तो वह दिन दूर नहीं, जब पंजाब की तरह हरियाणा में भी नशे का शिकार होकर मरने वालों का आंकड़ा देश भर में सबसे अग्रणी हो जाएगा। दूध-दही का खाना और पहलवानों का प्रदेश कहलवाने वाला हरियाणा नशा तस्करी व नशा पीड़ित युवाओं के मामले में बदनाम हो जाएगा। जिला प्रशासन के आंकड़ों में ही जिला में 2 हजार से अधिक युवा नशे की चपेट में है जबकि यह आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा का है। इतना ही नहीं हेरोइन, स्मैक का सेवन करने वाले युवा एक ही सीरिंज का इस्तेमाल करके एड्स जैसी लाइलाज बीमारी का शिकार भी होने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े में अकेले फतेहाबाद में एड्स पीड़ितों का आंकड़ा 995 तक पहुंच गया है जिसके लिए मुख्य वजह नशा तस्करों द्वारा एक ही सीरिंज का प्रयोग करना माना गया है। उन्होंने ग्रामवासियों से ऐसे गंभीर हालात को रोकने के लिए एकमत होकर 16 अगस्त की महापंचायत में बड़ी तदाद में लघु सचिवालय के सामने पहुंचने का आह्वान किया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता हरदीप सिंह, पूनचंद रत्ति, अंगद ढिंगसरा, रिछपाल तरड़, अभय बोदीवाली, सुनील पंवार, यशवीर आर्य, विजेंद्र सरवरपूर, मनजीत सिंह, दारा सिंह, सुरेश कुमार ढाणी छतरियां, देवेन्द्र मैहला, रामचन्द्र जाखल, मांगेराम फौगाट, डॉ रामफल, सुनील सरपंच, राजेंद्र जांगड़ा, दिलबाग सिंह ढाणी ढाका, रणसिंह, सुभाष सरपंच, सुशील धुड़िया, सुमित बैनीवाल, मंगल सैन, कृष्ण शर्मा, रोहताश लेगा, इन्द्र माजरा, पुनीत ढिंगसरा, बल्लू याद, गुरप्रीत सिंह, रवि कुमार, साहिल कुमार आदि उपस्थित रहे।
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