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Fatehabad News: चौथे दिन भी रही चिकित्सकों की हड़ताल, 12 काम पर लौटे
Thu, 11 Dec 2025 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 11 Dec 2025 11:52 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल मेंदवाई लेने के लिए कतार में खड़े मरीज व तिमारदार। संवाद
फतेहाबाद। प्रदेशभर में सरकारी चिकित्सकों की हड़ताल वीरवार को चौथे दिन भी जारी रही। इससे उपचार के लिए अस्पताल में आए मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों के बावजूद, ज्यादातर चिकित्सक अभी भी काम पर नहीं लौटे हैं। 84 चिकित्सकों में से केवल 12 ही ड्यूटी पर लौटे हैं।
चिकित्सकों की हड़ताल ने जिला अस्पताल और अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में काम का बोझ और अव्यवस्था बढ़ा दी है। उनकी गैर-मौजूदगी से ओपीडी पर काफी प्रभाव पड़ा है। सामान्य दिनों की तुलना में ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या वीरवार को 651 ही रही। आम दिनों में यह 1000 से ऊपर होती है।
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निजी अस्पतालों का लिया सहारा
सरकारी अस्पतालों में इलाज न मिल पाने के कारण, मरीजों ने निजी अस्पतालों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। निजी अस्पतालों में इलाज महंगा होना गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए एक समस्या बन गया है। नागरिक अस्पताल में पहुंचे दीपक, रीटा, प्रमोद, ममतेश आदि ने बताया कि वे उपचार के लिए अस्पताल में आए थे, लेकिन हड़ताल के चलते अब उनको निजी अस्पताल का जाना पड़ेगा।
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अस्पताल में आए मरीजों के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। बाहर से चिकित्सक बुलाकर ओपीडी जारी है। आम लोगों को इलाज में कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-डॉ. बुधराम, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।
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चिकित्सकों की हड़ताल ने जिला अस्पताल और अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में काम का बोझ और अव्यवस्था बढ़ा दी है। उनकी गैर-मौजूदगी से ओपीडी पर काफी प्रभाव पड़ा है। सामान्य दिनों की तुलना में ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या वीरवार को 651 ही रही। आम दिनों में यह 1000 से ऊपर होती है।
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निजी अस्पतालों का लिया सहारा
सरकारी अस्पतालों में इलाज न मिल पाने के कारण, मरीजों ने निजी अस्पतालों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। निजी अस्पतालों में इलाज महंगा होना गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए एक समस्या बन गया है। नागरिक अस्पताल में पहुंचे दीपक, रीटा, प्रमोद, ममतेश आदि ने बताया कि वे उपचार के लिए अस्पताल में आए थे, लेकिन हड़ताल के चलते अब उनको निजी अस्पताल का जाना पड़ेगा।
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अस्पताल में आए मरीजों के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। बाहर से चिकित्सक बुलाकर ओपीडी जारी है। आम लोगों को इलाज में कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-डॉ. बुधराम, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।