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फतेहाबाद में डीजल ने लगाया शतक, पेट्रोल 108 रुपये पार
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पंप पर पेट्रोल भरवाते हुए वाहनचालक।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। फतेहाबाद में डीजल के रेट ने शतक लगा दिया है। सोमवार को डीजल का रेट 100.01 रुपये प्रति लीटर रहा। पेट्रोल कई दिन पहले ही 100 का आंकड़ा पार कर चुका है। फिलहाल पेट्रोल का रेट 108.13 रुपये प्रति लीटर रहा। पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ रहे भावों के कारण आम जनता की परेशानियां बढ़ गई हैं।
जिला मुख्यालय पर रेल की सुविधा भी नहीं होने के कारण ज्यादातर लोग निजी वाहनों से ही आवागमन करते हैं। ऐसे में वाहन मालिकों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। वहीं, सिंचाई के लिए ट्यूबवेलों का सहारा लेने वाले किसानों को भी अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। माल-भाड़े के रेट भी बढ़ने लगे हैं। इसका सीधा असर रोजमर्रा की जरूरत के सामान पर पड़ रहा है।
एक महीने में ही 10 रुपये तक बढ़ गए रेट
अक्तूबर महीने के शुरुआत में डीजल के रेट 90 रुपये प्रति लीटर तक थे। इस एक महीने के दौरान ही डीजल का रेट 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़कर 100 रुपये पार कर गया। डीजल के रेट में हर रोज वृद्धि हुई है। ग्रामीण इलाकों में शहरी क्षेत्र से अधिक रेट होने के कारण वहां कीमत में 50 पैसे तक का अंतर रहता है।
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भाजपा की गलत नीतियों के कारण डीजल सौ के पार पहुंचा : पूनिया
कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया सचिव डॉ. विनीत पूनिया का कहना है कि भाजपा की गलत नीतियों की वजह से फतेहाबाद में डीजल सौ और पेट्रोल 108 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है, जिसकी वजह से भाड़ा और महंगाई तेजी से बढ़ रहे हैं। पेट्रोल-डीजल 37 और 43 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। पिछले सात साल में मोदी-मनोहर सरकार ने एक्साइज ड्यूटी और वैट दरें कांग्रेस शासन के मुकाबले 28.66 और 34.62 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। पेट्रोल-डीजल को सस्ता रखने के लिए जो सब्सिडी कांग्रेस सरकार देती थी, वो भी बंद कर दी गई है। 26 मई 2014 को जब भाजपा ने केंद्र में सत्ता संभाली थी, तब तेल कंपनियों को कच्चा तेल 108 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल मिल रहा था, जो आज केवल 82.81 अमेरिकी डॉलर है। यही कारण है कि पेट्रोल पंप पर पेट्रोल 47 रुपये और डीजल 49 रुपये प्रति लीटर में पहुंच रहा है, लेकिन जनता को 100 और 108 रुपये में मिल रहा है। पिछले डेढ़ साल से पेट्रोल-डीजल में 35-35 पैसे प्रतिदिन बढ़ाकर पेट्रोल 40 रुपये और डीजल 36 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है।
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जिला मुख्यालय पर रेल की सुविधा भी नहीं होने के कारण ज्यादातर लोग निजी वाहनों से ही आवागमन करते हैं। ऐसे में वाहन मालिकों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। वहीं, सिंचाई के लिए ट्यूबवेलों का सहारा लेने वाले किसानों को भी अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। माल-भाड़े के रेट भी बढ़ने लगे हैं। इसका सीधा असर रोजमर्रा की जरूरत के सामान पर पड़ रहा है।
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एक महीने में ही 10 रुपये तक बढ़ गए रेट
अक्तूबर महीने के शुरुआत में डीजल के रेट 90 रुपये प्रति लीटर तक थे। इस एक महीने के दौरान ही डीजल का रेट 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़कर 100 रुपये पार कर गया। डीजल के रेट में हर रोज वृद्धि हुई है। ग्रामीण इलाकों में शहरी क्षेत्र से अधिक रेट होने के कारण वहां कीमत में 50 पैसे तक का अंतर रहता है।
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भाजपा की गलत नीतियों के कारण डीजल सौ के पार पहुंचा : पूनिया
कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया सचिव डॉ. विनीत पूनिया का कहना है कि भाजपा की गलत नीतियों की वजह से फतेहाबाद में डीजल सौ और पेट्रोल 108 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है, जिसकी वजह से भाड़ा और महंगाई तेजी से बढ़ रहे हैं। पेट्रोल-डीजल 37 और 43 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है। पिछले सात साल में मोदी-मनोहर सरकार ने एक्साइज ड्यूटी और वैट दरें कांग्रेस शासन के मुकाबले 28.66 और 34.62 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। पेट्रोल-डीजल को सस्ता रखने के लिए जो सब्सिडी कांग्रेस सरकार देती थी, वो भी बंद कर दी गई है। 26 मई 2014 को जब भाजपा ने केंद्र में सत्ता संभाली थी, तब तेल कंपनियों को कच्चा तेल 108 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल मिल रहा था, जो आज केवल 82.81 अमेरिकी डॉलर है। यही कारण है कि पेट्रोल पंप पर पेट्रोल 47 रुपये और डीजल 49 रुपये प्रति लीटर में पहुंच रहा है, लेकिन जनता को 100 और 108 रुपये में मिल रहा है। पिछले डेढ़ साल से पेट्रोल-डीजल में 35-35 पैसे प्रतिदिन बढ़ाकर पेट्रोल 40 रुपये और डीजल 36 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है।