{"_id":"64bc162e46ad2d1160044eef","slug":"deputy-civil-surgeon-will-manage-medical-facilities-in-flood-relief-centers-will-inspect-morning-and-evening-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-2563-2023-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: बाढ़ राहत केंद्रों में उप सिविल सर्जन करेंगे मेडिकल सुविधा का प्रबंध, सुबह-शाम करेंगे निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: बाढ़ राहत केंद्रों में उप सिविल सर्जन करेंगे मेडिकल सुविधा का प्रबंध, सुबह-शाम करेंगे निरीक्षण
विज्ञापन
फतेहाबाद की नई अनाजमंडी में बनाए गए बाढ़ राहत केंद्र में लोगों का स्वास्थ्य जांचते हुए डॉक्टर व
फतेहाबाद। शहर के स्कूलों में बनाए गए बाढ़ राहत केंद्रों पर स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर उप सिविल सर्जनों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। सिविल सर्जन ने 6 उप सिविल सर्जन को बाढ़ राहत केंद्र अलॉट कर दिए है। ये अधिकारी सुबह और शाम को निरीक्षण करेंगे और रिपोर्ट देंगे।
बाढ़ राहत केंद्रों पर दवाइयों की कमी व अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी उप सिविल सर्जन की होगी। शहर फतेहाबाद में 13 बाढ़ राहत केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा जिले में अब तक स्वास्थ्य विभाग 548 कैंप लगा चुका है और यहां पर 7714 लोगों का चेकअप किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक 548 कैंप लगाए जा चुके हैं। इसमें 7736 लोगों का स्वास्थ्य जांचा गया है। इसमें 1525 त्वचा रोगियों को उपचार दिया गया है। इसके अलावा 784 बुखार रोगियों को भी जांचा गया है। बुखार और त्वचा रोगी लगातार बढ़ रहे है। विभाग अब तक 1993 ओआरएस के पैकेट बांट चुका है।
इन चिकित्सकों की यहां लगाई गई ड्यूटी
उप सिविल सर्जन बाढ़ राहत कैंप
डॉ. अनामिका डीएवी स्कूल, बाल भारती स्कूल
डॉ. कुलदीप गौरी अपेक्स स्कूल, पायनियर स्कूल
डॉ. कुलदीप चौधरी राधा स्वामी सत्संग घर, डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल
डॉ. मनीष टुटेजा बाल वाटिका स्कूल, जीएसएसएस, जीजीएसएसएस
डॉ. शरद तुली एमएम कॉलेज, सीनियर मॉडल स्कूल
डॉ. विष्णु मित्तल जीपीएस हुडा सेक्टर, डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल
50 से ज्यादा ढाणियों में लोग रूके, हो रहे बीमार
शहर के हाईवे किनारे 50 से ज्यादा ढाणियों में लोग रुके हुए हैं। ये लोग ढाणी नहीं छोड़ रहे हैं। इन ढाणियों में रुके लोग बीमार हो रहे हैं। बुखार, उल्टी, दस्त की चपेट में आ रहे है। ढाणी में रुके लोगों तक स्वास्थ्य सुविधा नहीं पहुंच पा रही है। इन लोगों तक किश्ती के जरिए सामाजिक संगठन दवाइयां पहुंचा रहे हैं।
विज्ञापन
बुखार और त्वचा रोगी बढ़े, चिंता बढ़ी
-- -- -
कैंपों की ये है स्थिति
जिले में अब तक लगे कैंप : 548
उपचार के लिए पहुंचे लोग : 7736
बुखार केस : 784
पेट बीमारी से संबंधित केस : 380
आंख बीमारी से संबंधित केस : 133
त्वचा बीमारी से संबंधित केस : 1525
अन्य बीमारियों से संबंधित केस : 4826
कोट
बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों और रिलीफ कैंपों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें और डॉक्टर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं। गांवों और शहरी क्षेत्र में फॉगिंग शुरू करवा दी गई है। लोगों से भी अपील है कि अगर किसी बीमारी से संबंधित लक्षण हैं तो जांच करवाकर दवाई जरूर लें।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन
विज्ञापन
बाढ़ राहत केंद्रों पर दवाइयों की कमी व अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी उप सिविल सर्जन की होगी। शहर फतेहाबाद में 13 बाढ़ राहत केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा जिले में अब तक स्वास्थ्य विभाग 548 कैंप लगा चुका है और यहां पर 7714 लोगों का चेकअप किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक 548 कैंप लगाए जा चुके हैं। इसमें 7736 लोगों का स्वास्थ्य जांचा गया है। इसमें 1525 त्वचा रोगियों को उपचार दिया गया है। इसके अलावा 784 बुखार रोगियों को भी जांचा गया है। बुखार और त्वचा रोगी लगातार बढ़ रहे है। विभाग अब तक 1993 ओआरएस के पैकेट बांट चुका है।
विज्ञापन
इन चिकित्सकों की यहां लगाई गई ड्यूटी
उप सिविल सर्जन बाढ़ राहत कैंप
डॉ. अनामिका डीएवी स्कूल, बाल भारती स्कूल
डॉ. कुलदीप गौरी अपेक्स स्कूल, पायनियर स्कूल
डॉ. कुलदीप चौधरी राधा स्वामी सत्संग घर, डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल
डॉ. मनीष टुटेजा बाल वाटिका स्कूल, जीएसएसएस, जीजीएसएसएस
डॉ. शरद तुली एमएम कॉलेज, सीनियर मॉडल स्कूल
डॉ. विष्णु मित्तल जीपीएस हुडा सेक्टर, डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल
50 से ज्यादा ढाणियों में लोग रूके, हो रहे बीमार
शहर के हाईवे किनारे 50 से ज्यादा ढाणियों में लोग रुके हुए हैं। ये लोग ढाणी नहीं छोड़ रहे हैं। इन ढाणियों में रुके लोग बीमार हो रहे हैं। बुखार, उल्टी, दस्त की चपेट में आ रहे है। ढाणी में रुके लोगों तक स्वास्थ्य सुविधा नहीं पहुंच पा रही है। इन लोगों तक किश्ती के जरिए सामाजिक संगठन दवाइयां पहुंचा रहे हैं।
विज्ञापन
बुखार और त्वचा रोगी बढ़े, चिंता बढ़ी
कैंपों की ये है स्थिति
जिले में अब तक लगे कैंप : 548
उपचार के लिए पहुंचे लोग : 7736
बुखार केस : 784
पेट बीमारी से संबंधित केस : 380
आंख बीमारी से संबंधित केस : 133
त्वचा बीमारी से संबंधित केस : 1525
अन्य बीमारियों से संबंधित केस : 4826
कोट
बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों और रिलीफ कैंपों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें और डॉक्टर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं। गांवों और शहरी क्षेत्र में फॉगिंग शुरू करवा दी गई है। लोगों से भी अपील है कि अगर किसी बीमारी से संबंधित लक्षण हैं तो जांच करवाकर दवाई जरूर लें।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन