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Fatehabad News: खींचतान में अटके पार्काें के बिलों पर उपप्रधान ने किए हस्ताक्षर
Thu, 16 Jul 2026 10:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 16 Jul 2026 10:52 PM IST
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फतेहाबाद के मॉडल टाउन में बनी ग्रीन बेल्ट लाइब्रेरी
फतेहाबाद। नगर परिषद में करीब दो माह से अटके पार्कों के लगभग 15 लाख रुपये के बिलों पर आखिरकार उपप्रधान सविता टुटेजा ने हस्ताक्षर कर दिए। सहमति बनने के बाद बिलों को मंजूरी मिल गई है। अब भुगतान की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पार्कों के बिलों पर पिछले दो माह से विवाद बना हुआ था। इस मुद्दे पर पेमेंट अप्रूवल कमेटी की बैठक भी हुई लेकिन उस समय कोई निर्णय नहीं हो सका। उपप्रधान सविता टुटेजा पार्कों में सफाई व्यवस्था से नाराज थीं। उनका कहना था कि पहले कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने यह शर्त भी रखी थी कि पहले काम कर चुकी संस्थाओं के लंबित बिलों का भी निपटारा किया जाए। बाद में सहमति बनने पर उन्होंने बिलों पर हस्ताक्षर कर दिए।
नगर परिषद ने कुछ समय पहले शहर के पार्क और ग्रीन बेल्ट विभिन्न संस्थाओं को सौंपे थे। उस दौरान पार्क आवंटन में पक्षपात के आरोप भी लगे थे। बाद में तत्कालीन डीएमसी अनुराग ढालिया ने भूना रोड की ग्रीन बेल्ट और थाना रोड स्थित ऊधम सिंह पार्क का अनुबंध रद्द कर दिया था। फिलहाल इन दोनों स्थानों का नया अनुबंध नहीं हो सका है। नगर परिषद अब लंबित भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के साथ आगे की व्यवस्था तय करने की तैयारी में जुटी है।
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पहले काम कर चुकी संस्थाओं के 10 माह से रुके हैं बिल
नगर परिषद ने लघु सचिवालय के कन्हैया पार्क की देखरेख का ठेका जिंदगी संस्था को दिया था। संस्था का पिछले साल सितंबर से फरवरी माह तक के तीन छोटे पार्कों और कन्हैया पार्क का सितंबर से लेकर दिसंबर तक के बिल का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है।
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पार्कों के पुराने और नए बिलों पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं। पहले काम कर चुकी संस्थाओं के बिल भी अटके हुए थे उन्हें भी पास कर दिया गया है। संस्थाओं से अपील की गई है कि पार्कों की देखभाल में कोताही न बरतें।
- सविता टुटेजा, उपप्रधान, नगर परिषद
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पार्कों के बिलों पर पिछले दो माह से विवाद बना हुआ था। इस मुद्दे पर पेमेंट अप्रूवल कमेटी की बैठक भी हुई लेकिन उस समय कोई निर्णय नहीं हो सका। उपप्रधान सविता टुटेजा पार्कों में सफाई व्यवस्था से नाराज थीं। उनका कहना था कि पहले कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने यह शर्त भी रखी थी कि पहले काम कर चुकी संस्थाओं के लंबित बिलों का भी निपटारा किया जाए। बाद में सहमति बनने पर उन्होंने बिलों पर हस्ताक्षर कर दिए।
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नगर परिषद ने कुछ समय पहले शहर के पार्क और ग्रीन बेल्ट विभिन्न संस्थाओं को सौंपे थे। उस दौरान पार्क आवंटन में पक्षपात के आरोप भी लगे थे। बाद में तत्कालीन डीएमसी अनुराग ढालिया ने भूना रोड की ग्रीन बेल्ट और थाना रोड स्थित ऊधम सिंह पार्क का अनुबंध रद्द कर दिया था। फिलहाल इन दोनों स्थानों का नया अनुबंध नहीं हो सका है। नगर परिषद अब लंबित भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के साथ आगे की व्यवस्था तय करने की तैयारी में जुटी है।
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पहले काम कर चुकी संस्थाओं के 10 माह से रुके हैं बिल
नगर परिषद ने लघु सचिवालय के कन्हैया पार्क की देखरेख का ठेका जिंदगी संस्था को दिया था। संस्था का पिछले साल सितंबर से फरवरी माह तक के तीन छोटे पार्कों और कन्हैया पार्क का सितंबर से लेकर दिसंबर तक के बिल का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है।
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पार्कों के पुराने और नए बिलों पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं। पहले काम कर चुकी संस्थाओं के बिल भी अटके हुए थे उन्हें भी पास कर दिया गया है। संस्थाओं से अपील की गई है कि पार्कों की देखभाल में कोताही न बरतें।
- सविता टुटेजा, उपप्रधान, नगर परिषद