{"_id":"616af9d9ef9cf84de84ff400","slug":"dengue-spreading-rapidly-then-20-new-patients-found-fatehabad-news-hsr614585563","type":"story","status":"publish","title_hn":"तेजी से फैल रहा डेंगू, फिर 20 नए मरीज मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तेजी से फैल रहा डेंगू, फिर 20 नए मरीज मिले
विज्ञापन
पानी की टंकी चेक करते हुए स्वास्थ्यकर्मी।
- फोटो : Fatehabad
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहाबाद। जिले में डेंगू बीमारी पूरी तरह पांव पसार चुकी है। हर रोज नए केस सामने आ रहे हैं। शनिवार को 68 लोगों के सैंपल लिए गए, जिनमें 20 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही जिले में अब तक मिले डेंगू पीड़ितों की संख्या 125 हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि डेंगू की रोकथाम के लिए घरों में जाकर जांच की जा रही है। घरों की छतों व कूलरों आदि का जायजा लिया जाता है कि कहीं पानी न ठहरा हो। डेंगू के लारवा ठहरे हुए पानी में ज्यादा पाए जाते हैं। विभाग के मुताबिक टीम ने शनिवार को जिले में 2147 घरों को चेक किया गया। इनमें से 26 घरों में लारवा मिला, जिनके मालिकों को नोटिस भी थमाए गए। विभाग के आंकड़े कहते हैं कि जिले में अभी तक 2 लाख 59 हजार घरों को चेक किया जा चुका है। जहां कहीं भी कूलर अथवा छतों पर पड़े खाली बर्तनों व कबाड़ में पानी ठहरा नजर आता है, उसे साफ करवाया जाता है ताकि वहां पर मच्छर न पनप सकें।
इन जगहों पर मिले हैं डेंगू केस
फतेहाबाद में अग्रवाल कॉलोनी, मॉडल टाउन, नहर कॉलोनी, डीएसपी रोड, भट्ठा कॉलोनी, शक्ति नगर, वाल्मीकि चौक, सुंदर नगर व संन्यास आश्रम रोड पर डेंगू रोगी मिल चुके हैं। इसके अलावा हिजरावां कलां, भिरडाना, झलनियां, भूथनकलां, रतिया व बनमंदौरी में भी डेंगू के केस मिले हैं। जिन जगहों पर केस मिले हैं, उनके आसपास के लोगों को अलर्ट किया गया है कि वे अपने घरों व छतों को साफ सुथरा रखें ताकि डेंगू के मच्छर न पनप सकें।
विज्ञापन
विभाग की निगरानी में सभी मरीज
डेंगू पीड़ितों पर निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग की अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। टीमों के कर्मचारी डेंगू पीड़ितों के स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए हैं। उन्हें उपचार को लेकर दिशा निर्देश भी दिए जा रहे हैं ताकि सभी को जल्द स्वस्थ किया जा सके। फिलहाल 23 मरीज सरकारी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। बाकी प्राइवेट अस्पतालों व घर रहकर अपना इलाज करवा रहे हैं।
कोट
स्वास्थ्य विभाग डेंगू को गंभीरता से ले रहा है। जिस भी व्यक्ति में डेंगू के मामूली लक्षण नजर आते हैं, उसके तत्काल सैंपल लिए जाते हैं ताकि डेंगू की पुष्टि हो सके। मरीजों के उपचार के साथ-साथ बीमारी की रोकथाम के लिए और कई प्रयास किए जा रहे हैं।
-डॉ. वीरेश भूषण, सिविल सर्जन।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि डेंगू की रोकथाम के लिए घरों में जाकर जांच की जा रही है। घरों की छतों व कूलरों आदि का जायजा लिया जाता है कि कहीं पानी न ठहरा हो। डेंगू के लारवा ठहरे हुए पानी में ज्यादा पाए जाते हैं। विभाग के मुताबिक टीम ने शनिवार को जिले में 2147 घरों को चेक किया गया। इनमें से 26 घरों में लारवा मिला, जिनके मालिकों को नोटिस भी थमाए गए। विभाग के आंकड़े कहते हैं कि जिले में अभी तक 2 लाख 59 हजार घरों को चेक किया जा चुका है। जहां कहीं भी कूलर अथवा छतों पर पड़े खाली बर्तनों व कबाड़ में पानी ठहरा नजर आता है, उसे साफ करवाया जाता है ताकि वहां पर मच्छर न पनप सकें।
विज्ञापन
इन जगहों पर मिले हैं डेंगू केस
फतेहाबाद में अग्रवाल कॉलोनी, मॉडल टाउन, नहर कॉलोनी, डीएसपी रोड, भट्ठा कॉलोनी, शक्ति नगर, वाल्मीकि चौक, सुंदर नगर व संन्यास आश्रम रोड पर डेंगू रोगी मिल चुके हैं। इसके अलावा हिजरावां कलां, भिरडाना, झलनियां, भूथनकलां, रतिया व बनमंदौरी में भी डेंगू के केस मिले हैं। जिन जगहों पर केस मिले हैं, उनके आसपास के लोगों को अलर्ट किया गया है कि वे अपने घरों व छतों को साफ सुथरा रखें ताकि डेंगू के मच्छर न पनप सकें।
विज्ञापन
विभाग की निगरानी में सभी मरीज
डेंगू पीड़ितों पर निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग की अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। टीमों के कर्मचारी डेंगू पीड़ितों के स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए हैं। उन्हें उपचार को लेकर दिशा निर्देश भी दिए जा रहे हैं ताकि सभी को जल्द स्वस्थ किया जा सके। फिलहाल 23 मरीज सरकारी अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। बाकी प्राइवेट अस्पतालों व घर रहकर अपना इलाज करवा रहे हैं।
कोट
स्वास्थ्य विभाग डेंगू को गंभीरता से ले रहा है। जिस भी व्यक्ति में डेंगू के मामूली लक्षण नजर आते हैं, उसके तत्काल सैंपल लिए जाते हैं ताकि डेंगू की पुष्टि हो सके। मरीजों के उपचार के साथ-साथ बीमारी की रोकथाम के लिए और कई प्रयास किए जा रहे हैं।
-डॉ. वीरेश भूषण, सिविल सर्जन।