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Fatehabad News: नई बस्ती को जाखल पंचायत में शामिल करने की उठाई मांग
Thu, 17 Sep 2026 10:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 17 Sep 2026 10:44 PM IST
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जाखल। नगरपालिका से बाहर किए जाने के करीब पांच वर्ष बाद भी जाखल की नई बस्ती के करीब दो हजार लोग स्थानीय शासन व्यवस्था को लेकर असमंजस में हैं। बस्तीवासियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। पत्र में 672 मतदाताओं ने नई बस्ती को जाखल ग्राम पंचायत में शामिल करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।
बस्ती न तो नगरपालिका में शामिल है और न ही ग्राम पंचायत के अधीन है। इस समस्या के समाधान की मांग को लेकर पूर्व पार्षद बिक्रम कुमार, पूर्व सरपंच जीवन कुमार, राम गोपाल, केवल सिंह, गुरजंट सिंह, कोकी शर्मा, बिहारी सिंह का कहना है कि पिछले करीब पांच वर्षों से इस संबंध में अधिकारियों को कई बार मांग-पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसके चलते विकास कार्यों और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मामलों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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ग्राम सभा में पारित हो चुका प्रस्ताव
बस्तीवासियों के अनुसार जाखल ग्राम पंचायत की ग्राम सभा में नई बस्ती को पंचायत में शामिल करने का प्रस्ताव पहले ही पारित किया जा चुका है। प्रस्ताव की प्रति संबंधित उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई है। उनका कहना है कि ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित होने के बावजूद आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
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गांव से सटी होने के कारण पंचायत में शामिल करने की मांग
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बस्तीवासियों ने बताया कि नई बस्ती जाखल ग्राम पंचायत से सटी हुई है। यहां रहने वाले लोगों का सामाजिक और दैनिक जीवन भी जाखल गांव से जुड़ा हुआ है। इसलिए वे लंबे समय से बस्ती को ग्राम पंचायत में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि यदि पंचायत में शामिल करना संभव नहीं है तो नई बस्ती को अलग ग्राम पंचायत का दर्जा देने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
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नगरपालिका में शामिल करने का विरोध
बस्तीवासियों ने कहा कि यदि उनकी मांग पर निर्णय लिए बिना नई बस्ती को दोबारा जाखल नगरपालिका में शामिल करने का प्रयास किया गया तो वे इसका विरोध करेंगे। उन्होंने किसानों और अन्य संगठनों के सहयोग से आंदोलन करने तथा जाखल बस्ती अंडरपास पर धरना देने की चेतावनी दी है।
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बस्ती न तो नगरपालिका में शामिल है और न ही ग्राम पंचायत के अधीन है। इस समस्या के समाधान की मांग को लेकर पूर्व पार्षद बिक्रम कुमार, पूर्व सरपंच जीवन कुमार, राम गोपाल, केवल सिंह, गुरजंट सिंह, कोकी शर्मा, बिहारी सिंह का कहना है कि पिछले करीब पांच वर्षों से इस संबंध में अधिकारियों को कई बार मांग-पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। इसके चलते विकास कार्यों और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मामलों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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ग्राम सभा में पारित हो चुका प्रस्ताव
बस्तीवासियों के अनुसार जाखल ग्राम पंचायत की ग्राम सभा में नई बस्ती को पंचायत में शामिल करने का प्रस्ताव पहले ही पारित किया जा चुका है। प्रस्ताव की प्रति संबंधित उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई है। उनका कहना है कि ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित होने के बावजूद आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
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गांव से सटी होने के कारण पंचायत में शामिल करने की मांग
मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बस्तीवासियों ने बताया कि नई बस्ती जाखल ग्राम पंचायत से सटी हुई है। यहां रहने वाले लोगों का सामाजिक और दैनिक जीवन भी जाखल गांव से जुड़ा हुआ है। इसलिए वे लंबे समय से बस्ती को ग्राम पंचायत में शामिल करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि यदि पंचायत में शामिल करना संभव नहीं है तो नई बस्ती को अलग ग्राम पंचायत का दर्जा देने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
नगरपालिका में शामिल करने का विरोध
बस्तीवासियों ने कहा कि यदि उनकी मांग पर निर्णय लिए बिना नई बस्ती को दोबारा जाखल नगरपालिका में शामिल करने का प्रयास किया गया तो वे इसका विरोध करेंगे। उन्होंने किसानों और अन्य संगठनों के सहयोग से आंदोलन करने तथा जाखल बस्ती अंडरपास पर धरना देने की चेतावनी दी है।