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Fatehabad News: धान की रोपाई से बढ़ी कीटनाशकों की मांग

Sun, 28 Jun 2026 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sun, 28 Jun 2026 11:05 PM IST
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Demand for pesticides rises with paddy transplantation
शहर की ​शिवालय मार्केट में ​स्थित पेस्टीसाइड की दुकान से कृ​षि योग्य दवाइयों की खरीदारी करते कि
फतेहाबाद। जिले में इन दिनों धान की रोपाई और बिजाई का सीजन जोरों पर है। इससे कृषि संबंघित बाजार में तेजी आई है। खेतों में सिंचाई के साथ ही किसानों ने रोपाई का काम तेज कर दिया है जिससे खाद, कीटनाशक और खरपतवार नाशक दवाइयों की मांग बढ़ गई है। स्थानीय पेस्टीसाइड व खाद की दुकानों पर किसानों की भीड़ लग रही है जिसके चलते इनकी बिक्री बढ़ी है।
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शहर की शिवालय मार्केट में स्थित दुकानदार मंगत मित्तल, सुरेंद्र कुमार, अमनदीप, विजेंद्र और रमन ने बताया कि धान की रोपाई के साथ पेस्टीसाइड की दुकानों की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। इन किसान धान का बीज, मूंग का बीज और फसलों की सुरक्षा के लिए कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव कर रहे हैं। इससे उम्मीद है इस बार पेस्टीसाइड के बाजार में दुकानदारों को अच्छा मुनाफा होगा।
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धान की फसल के उपयोगी दवाइयां
कृषि चिकित्सक जयबीर गढ़वाल ने बताया कि धान की फसल को शुरुआती पोषण देने और खरपतवार से बचाने के लिए किसान बाजारों का रुख कर रहे हैं। इस समय मुख्य रूप से डीएपी, पोटाश, जिंक, सुपर यूरिया और खरपतवार रोकने के लिए पेंडामेथलीन व साथी नोमनी गोल्ड की सबसे ज्यादा बिक्री हो रही है। इसके अलावा, पौधों को कीड़ों से बचाने के लिए क्लोरो 20:50, सिपर, अमिंडा 3 प्रतिशत, बिपरोनिल 3 व 6 परसेंट और कार्टप की मांग चरम पर है। फसलों की जड़ों के बेहतर विकास और फंगस से बचाव के लिए किसान माइकोराजा, फंगीसाइड, थिपिड ऐसेकदा, कैटान, जीरम और सीएम जैसे उत्पादों की आवश्यकता हैं।
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नरमा और मूंग की फसलों को भी जरूरत
धान के साथ-साथ क्षेत्र की अन्य प्रमुख फसलों के लिए भी दवाइयों की मांग बनी हुई है। सफेद मक्खी व अन्य कीटों के हमले से बचाने के लिए नरमा-कपास की फसल में अमिंडा 30.5, ओसिन, परफॉन, डीएपी, जिंक, पेंटनेट सल्फर, पेरोकलेन और ओराजल की आवश्यकता पड़ रही है। वहीं, क्षेत्र में बिजाई की गई मूंग की फसल में इन दिनों पीला पत्ता रोग की समस्या से निपटने के लिए किसान अक्सजा प्लस करतपन, जिंक, मैग्नीशियम और बोरॉन के कॉम्बिनेशन का छिड़काव कर रहे हैं।

:: धान की रोपाई के शुरुआती 15 से 20 दिन फसल के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। किसान दुकानों से पक्का बिल जरूर लें और केवल जरूरत के अनुसार ही प्रमाणित व सही मात्रा में कीटनाशकों का प्रयोग करें ताकि लागत को सीमित रखा जा सके और फसल को बेहतर उपचार मिल सके।
- डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।
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