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हाल ए नागरिक अस्पताल : शौचालय की दर पर सेहत का आसरा, बदबूदार शौचालय के दरवाजे के आगे बेड पर नजर आए मरीज
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में शौचालय के सामने बेड पर भर्ती मरीज।
मुकेश खुराना
फतेहाबाद। पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए बुधवार को स्क्रीनिंग कैंपों की शुरुआत की गई। वहीं, फतेहाबाद नागरिक अस्पताल में इलाज की व्यवस्था इतनी लचर है कि मरीजों को बदबूदार शौचालय के दरवाजे के आगे बेड पर भर्ती किया जा रहा है। अस्पताल के सुंदरीकरण कार्य के चलते आपातकाल विभाग को ब्लड बैंक में शिफ्ट कर दिया गया है, लेकिन यहां सुविधाओं का अभाव साफ नजर आ रहा है। बुधवार को संवाद संवाददाता की पड़ताल में लापरवाही के कई मामले सामने आए।
शिकायत पर मिला जवाब-यही बेड है, परेशानी है तो कहीं ओर ले जाओ
डायरिया और बुखार से पीड़ित गांव नागपुर निवासी बलदेव को पुरुष शौचालय के सामने बेड पर भर्ती कर दिया गया। परिजनों ने डॉक्टर व स्टाफ से शिकायत की, लेकिन जवाब मिला यही बेड है, अगर परेशानी है तो कहीं और ले जाओ। मजबूरन मरीज को ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर के आगे लिटाना पड़ा, जहां बदबू के बीच उपचार चल रहा है। संवाद
सुबह चार बजे से कर रहे डॉक्टर का इंतजार
ब्लड बैंक में सैंपल जांच कक्ष के आगे एक बच्चे को कुर्सी पर लिटा रखा था और हाथ में ड्रिप लगाने की सुई भी लगी थी। मां पिंकी ने बताया कि वे सुबह चार बजे से अस्पताल में डॉक्टर का इंतजार कर रही हैं। उनके बच्चे को कुर्सी पर लिटाकर ड्रिप लगाई जा रही है। कोई उचित देखभाल नहीं मिल रही, कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
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विशेषज्ञ डॉक्टर भी अनुपस्थित
ब्लड बैंक में व्यवस्था बनाने के लिए एसएमओ कार्यालय ने मंगलवार को लिखित आदेश जारी किए कि एनसीडी क्लीनिक, टीबी रोग विशेषज्ञ, सर्जन और मनोचिकित्सक की ओपीडी कबीर धर्मशाला में होगी। मंगलवार को एनसीडी क्लीनिक शिफ्ट हुई थी लेकिन वह भी वापस अस्पताल में गई है। इसके अलावा अन्य विशेषज्ञ भी शिफ्ट नहीं हुए। डॉक्टरों का कहना है कि धर्मशाला में बिजली कट की समस्या है।
सेहत व्यवस्था पर सवाल
अस्पताल की इस लापरवाही ने स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा उजागर कर दी है। आपातकाल विभाग में बेड की कमी, डॉक्टरों की अनुपस्थिति और प्रशासन की असंवेदनशीलता ने मरीजों और उनके परिजनों को बेहाल कर दिया है। लोगों का कहना है कि यहां भगवान भी लाचार हैं। स्वास्थ्य विभाग से तुरंत हस्तक्षेप कर अस्पताल में सुविधाएं दुरुस्त करने, आवश्यक डॉक्टरों को तैनात करने और मरीजों के लिए साफ-सुथरी, सुरक्षित चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।
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सिविल सर्जन ने भी व्यवस्था के लिए निरीक्षण किया है। शौचालय के सामने बेड को लेकर मामला संज्ञान में आया है। इसे हटाने के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ.बुधराम, एसएमओ, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।
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फतेहाबाद। पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए बुधवार को स्क्रीनिंग कैंपों की शुरुआत की गई। वहीं, फतेहाबाद नागरिक अस्पताल में इलाज की व्यवस्था इतनी लचर है कि मरीजों को बदबूदार शौचालय के दरवाजे के आगे बेड पर भर्ती किया जा रहा है। अस्पताल के सुंदरीकरण कार्य के चलते आपातकाल विभाग को ब्लड बैंक में शिफ्ट कर दिया गया है, लेकिन यहां सुविधाओं का अभाव साफ नजर आ रहा है। बुधवार को संवाद संवाददाता की पड़ताल में लापरवाही के कई मामले सामने आए।
शिकायत पर मिला जवाब-यही बेड है, परेशानी है तो कहीं ओर ले जाओ
डायरिया और बुखार से पीड़ित गांव नागपुर निवासी बलदेव को पुरुष शौचालय के सामने बेड पर भर्ती कर दिया गया। परिजनों ने डॉक्टर व स्टाफ से शिकायत की, लेकिन जवाब मिला यही बेड है, अगर परेशानी है तो कहीं और ले जाओ। मजबूरन मरीज को ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर के आगे लिटाना पड़ा, जहां बदबू के बीच उपचार चल रहा है। संवाद
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सुबह चार बजे से कर रहे डॉक्टर का इंतजार
ब्लड बैंक में सैंपल जांच कक्ष के आगे एक बच्चे को कुर्सी पर लिटा रखा था और हाथ में ड्रिप लगाने की सुई भी लगी थी। मां पिंकी ने बताया कि वे सुबह चार बजे से अस्पताल में डॉक्टर का इंतजार कर रही हैं। उनके बच्चे को कुर्सी पर लिटाकर ड्रिप लगाई जा रही है। कोई उचित देखभाल नहीं मिल रही, कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
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विशेषज्ञ डॉक्टर भी अनुपस्थित
ब्लड बैंक में व्यवस्था बनाने के लिए एसएमओ कार्यालय ने मंगलवार को लिखित आदेश जारी किए कि एनसीडी क्लीनिक, टीबी रोग विशेषज्ञ, सर्जन और मनोचिकित्सक की ओपीडी कबीर धर्मशाला में होगी। मंगलवार को एनसीडी क्लीनिक शिफ्ट हुई थी लेकिन वह भी वापस अस्पताल में गई है। इसके अलावा अन्य विशेषज्ञ भी शिफ्ट नहीं हुए। डॉक्टरों का कहना है कि धर्मशाला में बिजली कट की समस्या है।
सेहत व्यवस्था पर सवाल
अस्पताल की इस लापरवाही ने स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा उजागर कर दी है। आपातकाल विभाग में बेड की कमी, डॉक्टरों की अनुपस्थिति और प्रशासन की असंवेदनशीलता ने मरीजों और उनके परिजनों को बेहाल कर दिया है। लोगों का कहना है कि यहां भगवान भी लाचार हैं। स्वास्थ्य विभाग से तुरंत हस्तक्षेप कर अस्पताल में सुविधाएं दुरुस्त करने, आवश्यक डॉक्टरों को तैनात करने और मरीजों के लिए साफ-सुथरी, सुरक्षित चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।
सिविल सर्जन ने भी व्यवस्था के लिए निरीक्षण किया है। शौचालय के सामने बेड को लेकर मामला संज्ञान में आया है। इसे हटाने के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ.बुधराम, एसएमओ, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।