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Fatehabad News: बड़ोपल क्षेत्र में जलभराव से फसलें तबाह, ढाणियों में भी भारी नुकसान

Tue, 09 Sep 2025 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Tue, 09 Sep 2025 11:04 PM IST
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Crops destroyed due to waterlogging in Baropal area, heavy damage in huts too
फतेहाबाद। गांव बड़ोपल में आयोजित बैठक में भाग लेते किसानस्त्रोत ग्रामीण
फतेहाबाद। बारिश के चलते क्षेत्र के गांवों गांव बड़ोपल, खाराखेड़ी और आसपास के क्षेत्रों में किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खेतों में जलभराव से फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। पहले से ही सेम की समस्या से जूझ रहे किसान अब और अधिक संकट में आ गए हैं।
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गांव बड़ोपल के किसान रामनिवास और इंद्र सिंह ने बताया कि भारी बारिश के बाद खेतों में अब भी कई फीट तक पानी भरा है। इससे खरीफ की फसलें पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं। उनका कहना है कि इस बार फसलों को 100 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। किसानों ने बताया कि सिर्फ खेत ही नहीं, बल्कि उनकी ढाणियों की हालत भी बेहद खराब हो चुकी है।
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छतों से पानी टपक रहा है और दीवारें जर्जर हो गई हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि जल्द ही घरों की मरम्मत नहीं हुई तो कभी भी छत गिरने से जान-माल का नुकसान हो सकता है। ढाणियों को 70 से 80 प्रतिशत तक नुकसान पहुंच चुका है। किसानों ने प्रदेश सरकार से तुरंत राहत पहुंचाए जाने की मांग की है।
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किसान सभा ने किया निरीक्षण

अखिल भारतीय किसान सभा की टीम ने जिला प्रधान विष्णुदत्त के नेतृत्व में गांव बड़ोपल में सेम व बारिश के पानी से तबाह हुई फसलों और ढाणियों का दौरा किया। टीम नुकसान से प्रभावित किसानों से उनके खेतों और ढाणियों में जाकर मिली। इसके बाद बैठक की गई। इसमें 21 सदस्यीय कमेटी का गठन हुआ। राजेन्द्र प्रसाद बिश्नोई को संयोजक बनाया गया। महेंद्र सिंह, हीरा लाल, हनुमान सिंह, ओमप्रकाश, जोगी राम, चाणन, विजय पाल आदि को कमेटी का सदस्य बनाया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि किसान अपनी समस्याओं के बारे में 15 सितंबर को जिला प्रशासन से मिलेंगे। अधिकारियों से पानी निकासी का प्रबंध करने, ड्रेनों को पक्का करने, फसलों में हुए नुकसान पर 40 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की जाएगी।
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