फर्जी पासपोर्ट मामला: मनीष और तिलक न्यायिक हिरासत में, चंडीगढ़ से गिरफ्तार बलविंद्र दो दिन के रिमांड पर
आतंकी हैंडलर सहित दो के फर्जी पासपोर्ट के मामले में गिरफ्तार मनीष और तिलक को तीन दिन का रिमांड पूरा होने पर दोबारा अदालत में पेश किया गया। तिलक की निशानदेही पर जाली सर्टिफिकेट प्रिंट करने वाला चंडीगढ़ का बलविंद्र गिरफ्तार किया गया है।
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आतंकी हैंडलर रवि उर्फ नोनू व हरमनप्रीत के फर्जी पासपोर्ट के मामले में गिरफ्तार आरोपी मनीष और तिलक की तीन की रिमांड अवधि पूरी होने पर रविवार को दोनों को हरियाणा के फतेहाबाद में अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं आरोपी तिलक की निशानदेही पर गिरफ्तार जाली मार्कशीट प्रिंट करने वाले चंडीगढ़ के बलविंद्र को अदालत ने दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी बलविंद्र से फर्जी दस्तावेज प्रिंट करवाने वालों के बारे में जानकारी हासिल की जाएगी। इसके साथ ही यह भी पूछताछ की जाएगी कि कितने रुपये में किस-किस व्यक्ति ने अब तक उससे क्या-क्या जाली दस्तावेज प्रिंट करवाए हैं। दरअसल, बलविंद्र सिंह का चंडीगढ़ में प्रिंटिंग का काम है और बलविंद्र ने ही पासपोर्ट के लिए 10वीं के जाली सर्टिफिकेट प्रिंट किए थे।
बलविंद्र को पुलिस ने तीन दिन के रिमांड पर लिए गए आरोपी तिलक की निशानदेही पर गिरफ्तार किया है। बलविंद्र के ठिकानों पर छापेमारी के अलावा तीन दिन की रिमांड के दौरान आरोपी तिलक का मोबाइल भी पुलिस टीम ने बरामद किया है और उसकी सीडीआर व डाटा को रिकवर करके फर्जी पासपोर्ट से जुड़े नेटवर्क के बारे में पुलिस छानबीन करेगी। बलविंद्र के गिरफ्त में आने के बाद पुलिस को फर्जी पासपोर्ट के मामले में कई लोगों के नाम आने की उम्मीद है औ सभी संदिग्ध लोगों से पूछताछ पुलिस करेगी।
अब तक चार गिरफ्तार
आतंकी हैंडलर व हरमनप्रीत नाम के व्यक्ति के अहरवां गांव के पते पर बने फर्जी पासपोर्ट के केस में अब तक कुल चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और करीब एक दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ पुलिस ने की है। अब तक गिरफ्तार आरोपियों में अहरवां का सतनाम सिंह, रतिया का मनीष, चंडीगढ़ के तिलक व बलविंद्र शामिल हैं।
बलविंद्र को दो दिन के रिमांड पर लिया गया : एसपी
मनीष और तिलक की तीन दिन की रिमांड अवधि के दौरान बलविंद्र को पुलिस ने तिलक की निशानदेही पर गिरफ्तार किया है। बलविंद्र ने ही जाली दस्तावेज प्रिंट किए थे। अपनी प्रिंटिंग प्रेस पर बलविंद्र ने ऐसे कितने जाली दस्तावेज प्रिंट किए इसका पता लगाया जा रहा है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि बलविंद्र को जाली दस्तावेज बनाने के लिए कहां-कहां से कितने रुपए किस-किस ने दिए। - सुरिंद्र भोरिया, एसपी, फतेहाबाद।