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दहेज की बली चढ़ी नव विवाहिता, ससुरालियों पर केस
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Wed, 26 Aug 2015 12:21 AM IST
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गांव नहला में सोमवार शाम को ससुरालियों द्वारा नवविवाहिता को संदिग्ध परिस्थितियों में जहर देकर मारने का मामला सामने आया है।
वहीं अस्पताल में मृतका को लेकर पहुंचे ससुराली नवविवाहिता के परिवार वालों के पहुंचने पर शव को छोड़कर फरार हो गये। मृतका के पिता गांव धरौंदी निवासी महावीर ने पुलिस को दिये बयान में आरोप लगाया कि उसकी पुत्री को ससुरालियों ने जहर पिलाकर मौत के घाट उतारा है।
वहीं उसके पति ने कहा कि उसने खुद ही कीटनाशक खाया है। पुलिस ने मृतका के शव का फतेहाबाद के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शव उसके परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मृतका के पिता महाबीर सिंह की शिकायत पर उसके पति कृष्ण कुमार, ससुर शीशपाल, सास व देवर राजेश पर मामला दर्ज कर लिया है।
युवती के पिता गांव धरौदी निवासी महावीर सिंह ने बताया कि उसने अपनी पुत्री 23 वर्षीय ममता का विवाह 9 मार्च 2015 को नहला निवासी रोडवेज में परिचालक के पद पर तैनात कृष्ण पुत्र शीशपाल के साथ किया था। शादी के समय उसने दहेज के रूप में आल्टो कार और काफी सामान दिया था।
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लेकिन दो माह बाद ही वह बेटी को दहेज के लिए तंग करने लगे। इसे लेकर कई बार पंचायत भी हुई। उसने आरोप लगाया कि ससुरालियों द्वारा उन्हें गुमराह किया जा रहा था। पिता ने आरोप लगाया कि ममता को बरवाला के अनंतराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जब वे बरवाला पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि वे अब फतेहाबाद आ गये हैं। इस पर वे भी फतेहाबाद आ गये। लेकिन वह फतेहाबाद के सिविल अस्पताल में गए तो वहां उनके द्वारा दी गई कार में ही ममता का शव पड़ा था। इतना ही नहीं वह हमें देखते ही फरार हो गए।
खुद ही खाया कीटनाशक
मृतका के पति कृष्ण ने कहा कि उन्होंने ममता को जहर नहीं दिया है। शाम को ममता अपने मायके में फोन पर बात कर रही थी। उसके बाद पता नहीं क्या हुआ। उसने खुद ही कीटनाशक गोलियां खा ली। तबीयत बिगड़ने पर वह अस्पताल लेकर गए। जहां पर उसकी मौत हो गई।
बढ़ रहे हैं दहेज उत्पीड़न व दहेज हत्या केस
पिछले तीन सालों में दहेज उत्पीड़न केसों में कोई कमी नहीं आई है। दहेज उत्पीड़न को लेकर हर दूसरे तीसरे जिदन केस दर्ज हो रहा है। 2014 में दहेज की मांग को लेकर 7 विवाहिताएं बली चढ़ी थी। इस वर्ष अब तक तीन की जान ली जा चुकी है।
ये है स्थिती
केस 2013 2014 2015
498 ए 193 154 98
304 बी 2 7 3
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वहीं अस्पताल में मृतका को लेकर पहुंचे ससुराली नवविवाहिता के परिवार वालों के पहुंचने पर शव को छोड़कर फरार हो गये। मृतका के पिता गांव धरौंदी निवासी महावीर ने पुलिस को दिये बयान में आरोप लगाया कि उसकी पुत्री को ससुरालियों ने जहर पिलाकर मौत के घाट उतारा है।
वहीं उसके पति ने कहा कि उसने खुद ही कीटनाशक खाया है। पुलिस ने मृतका के शव का फतेहाबाद के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शव उसके परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मृतका के पिता महाबीर सिंह की शिकायत पर उसके पति कृष्ण कुमार, ससुर शीशपाल, सास व देवर राजेश पर मामला दर्ज कर लिया है।
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युवती के पिता गांव धरौदी निवासी महावीर सिंह ने बताया कि उसने अपनी पुत्री 23 वर्षीय ममता का विवाह 9 मार्च 2015 को नहला निवासी रोडवेज में परिचालक के पद पर तैनात कृष्ण पुत्र शीशपाल के साथ किया था। शादी के समय उसने दहेज के रूप में आल्टो कार और काफी सामान दिया था।
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लेकिन दो माह बाद ही वह बेटी को दहेज के लिए तंग करने लगे। इसे लेकर कई बार पंचायत भी हुई। उसने आरोप लगाया कि ससुरालियों द्वारा उन्हें गुमराह किया जा रहा था। पिता ने आरोप लगाया कि ममता को बरवाला के अनंतराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जब वे बरवाला पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि वे अब फतेहाबाद आ गये हैं। इस पर वे भी फतेहाबाद आ गये। लेकिन वह फतेहाबाद के सिविल अस्पताल में गए तो वहां उनके द्वारा दी गई कार में ही ममता का शव पड़ा था। इतना ही नहीं वह हमें देखते ही फरार हो गए।
खुद ही खाया कीटनाशक
मृतका के पति कृष्ण ने कहा कि उन्होंने ममता को जहर नहीं दिया है। शाम को ममता अपने मायके में फोन पर बात कर रही थी। उसके बाद पता नहीं क्या हुआ। उसने खुद ही कीटनाशक गोलियां खा ली। तबीयत बिगड़ने पर वह अस्पताल लेकर गए। जहां पर उसकी मौत हो गई।
बढ़ रहे हैं दहेज उत्पीड़न व दहेज हत्या केस
पिछले तीन सालों में दहेज उत्पीड़न केसों में कोई कमी नहीं आई है। दहेज उत्पीड़न को लेकर हर दूसरे तीसरे जिदन केस दर्ज हो रहा है। 2014 में दहेज की मांग को लेकर 7 विवाहिताएं बली चढ़ी थी। इस वर्ष अब तक तीन की जान ली जा चुकी है।
ये है स्थिती
केस 2013 2014 2015
498 ए 193 154 98
304 बी 2 7 3