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किसान ने थाने के सामने जहर खाकर दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, भ्ाूना
Updated Sun, 20 Mar 2016 12:36 AM IST
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अात्महत्या
- फोटो : fatehabad
भूना के गांव लहरिया के एक किसान ने ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल के सदमे में पुलिस स्टेशन के सामने कथित रूप से जहरीला पदार्थ निगल लिया। थाने की गली में अचानक गिरे व्यक्ति को देखकर एसएचओ राम सिंह ने तुरंत दौड़कर उसे संभाला। पुलिसकर्मियों ने किसान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भूना में दाखिल करवाया, जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक किसान के भाई की शिकायत पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है।
गांव लहरिया निवासी 56 वर्षीय किसान मंगत राम के पास मात्र पौने दो एकड़ जमीन है, जिसमें गेेहूं की बिजाई की हुई थी। पांच दिन पहले हुई ओलावृष्टि से फसल चौपट हो गई। इससे उसको मानसिक सदमा पहुंचा। पिछले पांच दिनों से वह इधर-उधर भटक रहा था। मुआवजे की मांग को लेकर दो दिन पहले उपतहसील कार्यालय में ज्ञापन देने लोगों के साथ शामिल हुआ था।
मंगत राम उर्फ लीलू मील इस नुकसान को झेल नहीं पाया। शनिवार को वह कीटनाशक की शीशी हाथ में लेकर पुलिस स्टेशन वाली गली से गुजर रहा था। पुलिस स्टेशन के मुख्य गेट पर आते ही वह गिर पड़ा। आशंका जताई जा रही है कि किसान ने जहरीला पदार्थ निगलकर जीवन लीला समाप्त की है। एसएचओ राम सिंह, एसआई जयबीर सिंह, राजकरण व मोहन लाल आदि ने किसान को उठाकर थाने गेट से अस्पताल में पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
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बेटी के कैसे होंगे पीले हाथ
लहरियां निवासी किसान मंगत राम की दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी का विवाह हो चुका है। वह गेहूं की फसल के बाद दूसरी बेटी 19 वर्षीय मुकेश देवी के हाथ पीले करने की योजना बना रहा था। लेकिन प्राकृतिक आपदा से हुए फसल के नुकसान से वह मानसिक रूप से परेशान हो गया। मृतक की पत्नी इंद्रादेवी ने रोते-बिखलाते हुए कहा कि अब कैसे होंगे बेटी के पीले हाथ, घर में कमाने वाला चला गया और फसल ओलावृष्टि से बर्बाद हो गई।
क्या कहते हैं एसएचओ
थाना प्रभारी रामसिंह ने बताया कि मंगत राम थाने के सामने की गली में जोर से गिरा। उन्होंने स्वयं दौड़कर मंगतराम की मदद करने की कोशिश की। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए दाखिल करवाया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया था। एसएचओ ने कहा कि मंगतराम की शिकायत या किसी भी प्रकार के लड़ाई-झगड़े के प्रति कोई आरोप-प्रत्यारोप भी नहीं थे। उसके हाथ में जहरीला पदार्थ की शीशी जरूर थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद विसरा जांच के लिए मधुबन भेजा है।
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गांव लहरिया निवासी 56 वर्षीय किसान मंगत राम के पास मात्र पौने दो एकड़ जमीन है, जिसमें गेेहूं की बिजाई की हुई थी। पांच दिन पहले हुई ओलावृष्टि से फसल चौपट हो गई। इससे उसको मानसिक सदमा पहुंचा। पिछले पांच दिनों से वह इधर-उधर भटक रहा था। मुआवजे की मांग को लेकर दो दिन पहले उपतहसील कार्यालय में ज्ञापन देने लोगों के साथ शामिल हुआ था।
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मंगत राम उर्फ लीलू मील इस नुकसान को झेल नहीं पाया। शनिवार को वह कीटनाशक की शीशी हाथ में लेकर पुलिस स्टेशन वाली गली से गुजर रहा था। पुलिस स्टेशन के मुख्य गेट पर आते ही वह गिर पड़ा। आशंका जताई जा रही है कि किसान ने जहरीला पदार्थ निगलकर जीवन लीला समाप्त की है। एसएचओ राम सिंह, एसआई जयबीर सिंह, राजकरण व मोहन लाल आदि ने किसान को उठाकर थाने गेट से अस्पताल में पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
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बेटी के कैसे होंगे पीले हाथ
लहरियां निवासी किसान मंगत राम की दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी का विवाह हो चुका है। वह गेहूं की फसल के बाद दूसरी बेटी 19 वर्षीय मुकेश देवी के हाथ पीले करने की योजना बना रहा था। लेकिन प्राकृतिक आपदा से हुए फसल के नुकसान से वह मानसिक रूप से परेशान हो गया। मृतक की पत्नी इंद्रादेवी ने रोते-बिखलाते हुए कहा कि अब कैसे होंगे बेटी के पीले हाथ, घर में कमाने वाला चला गया और फसल ओलावृष्टि से बर्बाद हो गई।
क्या कहते हैं एसएचओ
थाना प्रभारी रामसिंह ने बताया कि मंगत राम थाने के सामने की गली में जोर से गिरा। उन्होंने स्वयं दौड़कर मंगतराम की मदद करने की कोशिश की। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए दाखिल करवाया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया था। एसएचओ ने कहा कि मंगतराम की शिकायत या किसी भी प्रकार के लड़ाई-झगड़े के प्रति कोई आरोप-प्रत्यारोप भी नहीं थे। उसके हाथ में जहरीला पदार्थ की शीशी जरूर थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद विसरा जांच के लिए मधुबन भेजा है।