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बिना डिग्री अस्पताल चलाते एक काबू
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sat, 24 Sep 2016 11:50 PM IST
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रतिया में नत्थु राम के क्लीनिक में जांच करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
पिछले कुछ दिनों से रतिया की अरोड़ा कॉलोनी में फैले डायरिया के चलते दो बच्चों की मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक बच्चों की दादी मुन्नी बाई के बयान पर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम द्वारा खटीक मोहल्ला स्थित नत्थू राम के क्लीनिक पर छापामारी की। मौके पर क्लीनिक पर मौजूद डॉ. नत्थू राम के बेटे द्वारा डाक्टरी संबंधी दस्तावेज पेश न कर पाने के चलते विभाग ने डॉ. नत्थू राम के बेटे रणजीत के खिलाफ मेडिकल काउंसिल एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के लिए पुलिस को लिखा दिया। इसके अलावा क्लीनिक में बरामद दवाइयों और अन्य मेडिकल के समान को कब्जे में लेकर सील कर दिया है। पुलिस ने नत्थूराम के बेटे रणजीत के खिलाफ मामला दर्जकर हिरासत में ले लिया है।
शहर के वार्ड नंबर 12 स्थित अरोड़ा कॉलोनी में पिछले दिनों फैले डायरिया के चलते दो बच्चों की मौत हो गई थी। 400 के करीब बीमारी से गंभीर ग्रस्त लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। रतिया क्षेत्र में इतने भयावह रूप से डायरिया फैलने के कारण सरकार और प्रशासन सकते में आ गया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी को काबू पाने के लिए न केवल व्यापक स्तर पर मरीजों का इलाज शुरू कर दिया था। इसमें जिन बच्चों की मौत हुई थी उनके कारणों को लेकर टीम गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी थी।
मृतक बच्चों की दादी मुन्नीबाई ने स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम को बयान देकर आरोप लगाया था कि उनके दोनों बच्चों का डायरिया का इलाज गत दिनों खटीक मोहल्ला स्थित डॉ. नत्थूराम क्लीनिक पर कराया था। उक्त डॉक्टर ने उनसे 700 रुपये इलाज के नाम पर ले लिया। सुबह से शाम तक बच्चों का क्लीनिक में उपचार करने के बाद सायं को छुट्टी दे दी। जिसके बाद कुछ ही देर बाद बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद मामले में स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन के आदेश पर शनिवार को उप सिविल सर्जन डॉ. गिरीश, एसएमओ डॉ. विजय जैन, डॉ. शीनू गूप्ता के नेतृत्व में टीम गठित कर पुलिस बल के सहयोग लेकर खटीक मोहल्ला स्थित उक्त क्लीनिक पर छापामारी की।
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डॉक्टर के बेटे ने माना, उनके अस्पताल में हुआ था मृतक बच्चों का इलाज
उप सिविल सर्जन डॉ. गिरीश कि बताया कि क्लीनिक में पहुंचने पर मौके पर मिले नत्थू राम के पुत्र रणजीत ने माना है कि उनके अस्पताल मेें ही बच्चों का इलाज हुआ था। इसके बाद टीम जाकर डायरिया प्रभावित मरीजों से मिले और मामले की जांच रिपोर्ट तैयार की। माना जा रहा है कि जांच टीम सोमवार तक अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को सबमिट करा सकती है।
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शहर के वार्ड नंबर 12 स्थित अरोड़ा कॉलोनी में पिछले दिनों फैले डायरिया के चलते दो बच्चों की मौत हो गई थी। 400 के करीब बीमारी से गंभीर ग्रस्त लोगों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। रतिया क्षेत्र में इतने भयावह रूप से डायरिया फैलने के कारण सरकार और प्रशासन सकते में आ गया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी को काबू पाने के लिए न केवल व्यापक स्तर पर मरीजों का इलाज शुरू कर दिया था। इसमें जिन बच्चों की मौत हुई थी उनके कारणों को लेकर टीम गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी थी।
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मृतक बच्चों की दादी मुन्नीबाई ने स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम को बयान देकर आरोप लगाया था कि उनके दोनों बच्चों का डायरिया का इलाज गत दिनों खटीक मोहल्ला स्थित डॉ. नत्थूराम क्लीनिक पर कराया था। उक्त डॉक्टर ने उनसे 700 रुपये इलाज के नाम पर ले लिया। सुबह से शाम तक बच्चों का क्लीनिक में उपचार करने के बाद सायं को छुट्टी दे दी। जिसके बाद कुछ ही देर बाद बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद मामले में स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन के आदेश पर शनिवार को उप सिविल सर्जन डॉ. गिरीश, एसएमओ डॉ. विजय जैन, डॉ. शीनू गूप्ता के नेतृत्व में टीम गठित कर पुलिस बल के सहयोग लेकर खटीक मोहल्ला स्थित उक्त क्लीनिक पर छापामारी की।
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डॉक्टर के बेटे ने माना, उनके अस्पताल में हुआ था मृतक बच्चों का इलाज
उप सिविल सर्जन डॉ. गिरीश कि बताया कि क्लीनिक में पहुंचने पर मौके पर मिले नत्थू राम के पुत्र रणजीत ने माना है कि उनके अस्पताल मेें ही बच्चों का इलाज हुआ था। इसके बाद टीम जाकर डायरिया प्रभावित मरीजों से मिले और मामले की जांच रिपोर्ट तैयार की। माना जा रहा है कि जांच टीम सोमवार तक अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों को सबमिट करा सकती है।