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बैंक अधिकारियों पर लगा अभद्र व्यवहार का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Fri, 06 Jan 2017 11:07 PM IST
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जाखल मंडी के एक प्राइवेट बैंक में शुक्रवार को उस समय बवाल हो गया, जब उपभोक्ता के जमा कराए 10-10 रुपये के सिक्कों को बैंक के शाखा प्रबंधक ने नकली करार दे दिया। इस पर जब उपभोक्ता ने मैनेजर से यह लिखित में मांगा तो बैंक में बवाल मच गया। मामला इतना बढ़ गया कि उपभोक्ता ने बैंक अधिकारियों पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने तथा बैंक से निकलने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित जिला के प्रशासनिक अधिकारियों से कार्रवाई की मांग कर दी है। जबकि दूसरी ओर बैंक अधिकारियों ने उन पर लगाए गए अभद्र भाषा के आरोपों को नकारते हुए झूठ करार दिया है। जाखल मंडी निवासी प्रिंस सिंगला पुत्र तरसेम सिंगला ने भेजी गई शिकायत में कहा कि शुक्रवार को वह 10-10 रुपये के पांच हजार रुपये के सिक्के बैंक में जमा कराने गया। जहां बैंक कैशियर ने उससे सिक्के जमा करने के बाद उसे रसीद दे दी।
कुछ समय बाद बैंक में उसे दोबारा बुलाया गया। जहां मैनेजर ने उसे जमा कराए गए सिक्कों में 600 रुपये के सिक्के नकली बताए। इस पर उसने सिक्कों के नकली होने बारे लिखित में देने की बात कही, तो उन्होंने लिखित में देने की बजाय उससे अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया। आरोप है कि उसे बैंक से निकलने की भी धमकी दी गई। शिकायत में कहा गया है कि बैंक की जाखल शाखा में इससे पहले भी इस तरह से कई उपभोक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया जा चुका है। जिसकी चर्चा मीडिया में भी रही है।
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सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद
बैंक के शाखा प्रबंधक नीरज मित्तल ने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। किसी के भी साथ कोई अभद्र व्यवहार नहीं किया गया। बल्कि उपभोक्ता ने ही उनके अभद्र भाषा के साथ बर्ताव किया है। उस समय अन्य गांवों से भी कई लोग बैंक में मौजूद थे।
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