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30 लाख की पुरानी करेंसी मामले में अब रोहतक आयकर विभाग करेगा जांच

Sat, 10 Dec 2016 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद Updated Sat, 10 Dec 2016 12:36 AM IST
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बीते दिन गांव खाराखेड़ी के पास पकड़ी गई 30 लाख रुपये की पुरानी करेंसी मामले की जांच अब आयकर विभाग करेगा। रोहतक स्थित आयकर विभाग के डिप्टी डायरेक्टर दाताराम वीरवार देर रात फतेहाबाद पहुंचे और सीआईए टीम ने पकड़े गए तीस लाख रुपये उनके सुपुर्द कर दिए।


साथ ही शुक्रवार सुबह ही इस मामले में पकड़े गए दोनों आरोपियों अशोक और होशियार सिंह को भी पुलिस ने छोड़ दिया। माना जा रहा है कि दोनों को अब आयकर विभाग नोटिस भेजेगा और नोटिस के जवाब में दोनों आरोपियों को अपना पक्ष रखना होगा। इसकी पुष्टि सीआईए प्रभारी अनूप सिंह ने की है। दूसरी ओर आयकर विभाग इस मामले में अपनी जांच का दायरा बढ़ाने की तैयारी में है। इसके लिए बाकायदा कागजात तैयार किए जा रहे हैं।
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ये था मामला
भट्टू निवासी आढ़ती अशोक और होशियार 30 लाख रुपये की नकदी लेकर इसे कमीशन पर बदलवाने के लिए दिल्ली गए थे लेकिन दिल्ली में उनकी दाल नहीं गल सकी। इसके चलते वो पैसों के साथ वीरवार वापस भट्टू लौट रहे थे कि खाराखेड़ी के पास सीआईए वन की टीम ने उनकी गाड़ी रुकवा ली। दोनों पर संदेह होने पर जब टीम ने गाड़ी की जांच की तो उसमें हजार-हजार के नोटों की गड्डियां दिखीं। इतने नोट देखते ही टीम ने दोनों युवकों को तुरंत काबू कर लिया और उच्चाधिकारियों को सूचित करते दोनों आरोपियों को सीआईए थाने में ले आए थे।  
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इन सवालों के जवाब तलाश करेगा आयकर विभाग
1. क्या इससे भी पहले दोनों आरोपी रकम चेंज करवाने के लिए दिल्ली गए
2. इस बार भी क्या उनके पास 30 लाख ही कैश था या दिल्ली से बाकी कैश चेंज करवा लिया।
3. इस सिंडीकेट में इन दोनों युवकों के अलावा कोई और भी है या नहीं ।
4. दिल्ली में किन-किन लोगों से इन युवकों ने पुराने नोट चैंज करवाने के लिए डील की।
5. क्या फतेहाबाद के और भी लोग इनके संपर्क में हैं।
6. क्या ये बरामद कैश इन्हीं का है, या फिर ये लोग कमीशन के आधार पर ये काम करते हैं।

इस तरह के मामलों में अक्सर आयकर विभाग को सूचित कर दिया जाता है। इस मामले में भी 30 लाख रुपये के पुराने नोटों की रिकवरी होते ही आयकर विभाग को सूचित कर दिया गया था। उन्हें पैसे भी हैंडओवर कर दिए गए हैं। अब वे ही इस मामले की जांच करेंगे , पुलिस ने दोनों आरोपियों को छोड़ दिया है। उन्हें अपने कागज लेकर आयकर विभाग के पास जाकर साबित करना होगा कि कैश उनका था तो कैश था।
-अनूप सिंह, सीआईए प्रभारी, फतेहाबाद।
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