{"_id":"62331e44360bf749384471d1","slug":"court-convicted-16-accused-in-honor-killing-case-in-fatehabad-of-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"फतेहाबाद: ढिंगसरा के बहुचर्चित ऑनर किलिंग मामले में 16 आरोपी दोषी करार, 22 मार्च को सुनाई जाएगी सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
फतेहाबाद: ढिंगसरा के बहुचर्चित ऑनर किलिंग मामले में 16 आरोपी दोषी करार, 22 मार्च को सुनाई जाएगी सजा
Thu, 17 Mar 2022 05:10 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 17 Mar 2022 05:10 PM IST
सार
लव मैरिज करने से नाराज लड़की के परिजनों ने युवक का ढिंगसरा से अपहरण किया था, बाद में डंडों व रबड़ की बैल्ट से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
हरियाणा के फतेहाबाद में बहुचर्चित ढिंगसरा ऑनर किलिंग मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. पंकज की अदालत ने सभी 16 आरोपियों को दोषी करार दिया है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक ढिंगसरा निवासी रायसिंह की शिकायत पर भट्टूकलां पुलिस थाना में 1 जून 2018 को सुंदरलाल, शेर सिंह, बलवान, विक्रम, भंवर सिंह उर्फ भंवरा, बलराज सिंह, नेकीराम, रवि, धर्मपाल उर्फ जागर, रवि, दलबीर, सुरजीत, श्रीराम, साहबराम, वेदप्रकाश, वीरूराम, विनोद कुमार, बलबीर सिंह के खिलाफ भादंसं की धारा 146, 149, 285, 364, 452, 302, 201, 120बी व आम्र्ज एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।
विज्ञापन
इन 17 आरोपियों में से श्रीराम की कोर्ट ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी। उल्लेखनीय है कि यह ऑनर किलिंग का मामला सरकार के चिह्नित अपराध की श्रेणी में था। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उपरोक्त 16 आरोपियों को आईपीसी की धारा 302, 364, 452, 285, 120बी, 201, 148 व आम्र्ज एक्ट के तहत सभी को दोषी माना है। इन सभी 16 दोषियों को अदालत 22 मार्च को सजा सुनाएगी।
विज्ञापन
ज्ञात रहे कि मृतक धर्मबीर निवासी गांव डोबी ने गांव मंगाली निवासी सुनीता जोकि अपने मामा के घर हिसार के गांव शीशवाल में रहती थी से मार्च 2018 में सिरसा के छत्रपति मंदिर में लव मैरिज की थी और इन्होंने दोषी दलबीर आदि के खिलाफ जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की भी मांग की थी। शादी के बाद धर्मबीर अपनी पत्नी के साथ गांव ढिंगसरा में अपने मामा रायसिंह के घर आ गया था।
1 जून को उपरोक्त दोषी जयसिंह के घर पहुंचे और सुनीता व धर्मबीर को हथियार के बल पर उनका अपहरण करके अपने साथ ले गए थे। इसके बाद उपरोक्त दोषियों ने शीशवाल गांव में रबड़ के पट्टों व डंडों से पीट-पीटकर धर्मबीर की हत्या कर दी थी और उसके शव को नहर में फैंक दिया था। एक दिन बाद धर्मबीर का शव हनुमानगढ़ में नहर से बरामद हुआ था।