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चाइना बॉर्डर पर तैनात फौजी के मां-बाप पर चाकुओं से हमला, अस्पताल में भर्ती

Sat, 14 Jan 2017 11:42 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, फतेहाबाद
ब्यूरो/ अमर उजाला, फतेहाबाद Updated Sat, 14 Jan 2017 11:42 PM IST
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China, military parents stationed at the border, attack with knives, hospitalized, fatehabad news
फतेहाबाद के सामान्य अस्पताल में उपचार के लिए लाए गए फौजी नीतिश के पिता एवं माता। - फोटो : fatehabad
बीएसएफ के जवान तेज बहादुर यादव और सीआईएसएफ के जवान द्वारा अपने दर्द को सोशल मीडिया के जरिए सामने लाने के बाद भले ही जवानों द्वारा सोशल मीडिया के प्रयोग पर पाबंदी लगाने की चर्चाएं चल रही हों, लेकिन इस बीच चाइना बॉर्डर पर तैनात फतेहाबाद के एक फौजी ने अधिकारियों तक अपनी व्यथा पहुंचाने के लिए फिर से सोशल मीडिया का सहारा लिया है। जिले के गांव बनगांव के रहने वाले फौजी नीतिश के पिता भागमल और उसके परिजनों पर शुक्रवार को हमला कर दिया गया। हमला करने का आरोप फौजी मुकेश के चाचा और उसके परिजन पर हैं।
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मामला पुरानी रंजिश को लेकर था। ऐसे में खुद मोर्चे पर डटे फौजी नीतिश ने अपनी एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर डाल दी ताकि फतेहाबाद और उसके आसपास के लोग इस क्लिप को सुनकर उसके परिजनों की मदद करें। क्योंकि उसको अपनी पोजीशन से फतेहाबाद पहुंचने में लगभग तीन-चार दिन का समय लग सकता है। इस बीच उसके मां-पिता को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हालांकि, अभी तक मामला दर्ज नहीं किया गया है। 
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यह है मामला
बनगांव के रहने वाले भागमल रिटायर्ड फौजी हैं और उनके दो बेटे भी फौजी हैं। भागमल की अपने छोटे भाई कृष्ण के साथ रंजिश है। आरोप है कि शुक्रवार को कृष्ण, रामस्वरूप और अन्य लोगों ने उसके घर में घुसकर भागमल की पत्नी बिमला और एक अन्य महिला को घायल कर दिया। इसके बाद जब भागमल उपचार करवाने के लिए गाड़ी की व्यवस्था करने जा रहा था तो कृष्ण व उसके साथियों ने उस पर भी चाकुओं से हमला कर घायल कर दिया और भाग गए। इसके बाद भागमल का फौजी बेटा नीतिश, जो बार्डर पर तैनात है, ने इस संदर्भ में एसपी नरवाल व डीएसपी से बात की। अधिकारियों ने उसे पूरी मदद का भरोसा तो दिया लेकिन परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित नीतिश ने सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप डालकर लोगों से भी मदद की गुहार लगाई है।
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ऑडियो क्लिप में यह संदेश दिया है नीतिश ने
दोस्तों, नमस्कार, मेरा नाम नीतिश कुमार है। मैं भारतीय थल सेना में जॉब करता हूं। मैं आप लोगों को अपनी एक समस्या बताना चाहता हूं। मैं काफी परेशान हूं, क्योंकि मैं यहां नौकरी कर रहा हूं और मेरा परिवार, मेरे मदर-फादर घर पर सुरक्षित नहीं हैं। मैं गांव बनगांव का रहने वाला हूं, डिस्ट्रिक्ट फतेहाबाद का। मेरी परेशानी का असल कारण कल हुआ एक हादसा है। मेरे ही परिवार के लोग हैं, मेरे ताऊ जी कृष्ण कुमार, उनकी फैमिली, पड़ोसी रामस्वरूप का परिवार। इन लोगों ने हमारा जीना बेहाल कर रखा है। मैंने अपने बच्चे और भाई के बच्चे भी बाहर भेज रखे हैं ताकि वे सही ढंग से पढ़ सकें और रोज के झगड़ों से दूर रहें। फिर भी ये लोग बाज नहीं आ रहे हैं। कल इन्होंने मेरी भाभी जी, मेरी मम्मी को घर में घुसकर जानवरों की तरह पीटा है। मेरे मां-पिता की उम्र 70 साल के करीब हैं। घर से घसीट कर बाहर निकाला और पीटा। मेरे फादर साहब गाड़ी लेने के लिए बाहर निकले तो उनको भी बुरी तरह से पीटा। आप सोच सकते हो कि बुजुर्ग जिनकी उम्र 70 साल हो, उनके जवान बेटों पर क्या गुजरेगी, जब उनको बीच सड़क पर गांव में पीटा जाए। ये लोग बाज नहीं आ रहे। मैंने पहले भी अपनी यूनिट के सहारे अधिकारियों से बात की थी। फिर भी हर साइड से दुखी कर रहे हैं। बीते दिन हद पार कर दी। सिविल अस्पताल में मेरे मम्मी-पापा एडमिट हैं। अब बताइए मैं कैसे ड्यूटी करूं। मेरा मन परेशान है। डीएसपी और एसपी साहब से कल बात हुई है, उन्होंने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। मुझे विश्वास है कि पुलिस उचित कार्यवाही करेगी। 


इस बारे में जब डीएसपी गुर दयाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि फौजी का फोन आते ही तुरंत पुलिस टीम को गांव में भेजा गया था। भट्टू पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है। जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, वो जरूर की जाएगी। 
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