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फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लोगों को लूटने वाले गैंग का भांडाफोड़, तीन काबू, कई शहरों में दे चुके हैं वारदातों को अंजाम
Updated Thu, 12 Apr 2018 12:49 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
सीआईए फतेहाबाद की टीम ने फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लोगों को लूटने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर गिरोह के तीन सदस्यों को काबू किया है। आरोपियों ने कई शहरों में पुलिस की वर्दी पहनकर लूट की वारदातों को अंजाम दिया था। तीन दिन पहले फतेहाबाद रोड पर पुलिस की वर्दी में आए बदमाशों द्वारा छोटे नोटों का झांसा देकर भिवानी के सिलाखेड़ा निवासी रोहताश से पांच लाख रुपये की लूट करने के मामले में भी इसी गैंग का ही हाथ था।
आरोपियों को गांव गोरखपुर की नहर के पास एक गाड़ी सहित गिरफ्तार किया गया है। इनकी पहचान कुलदीप पुत्र कृष्ण निवासी एफसी कालोनी उकलाना, संगरूर निवासी छिंद्र सिंह और सन्नी शर्मा निवासी नरवाना के रूप में हुई है। माना जा रहा है कि बदमाश यहां भी किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कुलदीप व छिंद्र सिंह इससे पहले भी कई शहरों में लूटपाट और चोरियों की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। डीएसपी रविंद्र तोमर ने बताया कि पुलिस को पूछताछ में इनसे कई खुलासे होने की उम्मीद है।
बुधवार दोपहर बाद अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में डीएसपी रविंद्र तोमर ने बताया कि तीन दिन पहले रतिया में पुलिस की वर्दी में बदमाशों द्वारा भिवानी निवासी रोहताश को लूटे जाने की घटना के बाद से सीआईए फतेहाबाद को इस मामले की तफ्तीश पर लगा दिया गया था। इस बीच बुधवार सुबह सीआईए टीम के कश्मीर सिंह को गुप्त सूचना मिली कि पुलिस की वर्दी पहनकर लूटपाट करने वाले बदमाश गांव गोरखपुर के पास एक इको स्पोर्ट्स कार सहित नहर के पास मौजूद हैं और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। जानकारी मिलते ही सीआईए फतेहाबाद के सब इंस्पेक्टर कश्मीर सिंह, एएसआई ओमप्रकाश, हेड कांस्टेबल रिछपाल, मेजर सिंह, प्रदीप कुमार व बलवंत की टीम ने गांव गोरखपुर में नहर के पास दबिश दी और तीनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से एक इको स्पोर्ट्स कार भी बरामद की गई है।
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डीएसपी रविंद्र तोमर ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि इस गैंग में कुल पांच आरोपी हैं जिसमें से तीन फतेहाबाद सीआईए ने काबू कर लिए हैं और बाकी दोनों आरोपियों की पहचान सतनाम सिंह निवासी हिसार और प्रवीण कुमार निवासी नरवाला के रूप में हुई है। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं। इन आरोपियों के संभावित ठिकानों की पूछताछ व लूट मामले में लूटे गए पांच लाख रुपये की रिकवरी के लिए तीनों आरोपियों का रिमांड कोर्ट से मांगा जाएगा। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी दिल्ली नंबर की जिस क्रेटा कार में सवार होकर भागे थे, उसे कुलदीप ही चला रहा था।
इन वारदातों को आरोपियों ने दिया था अंजाम
1. दो साल पहले इसी गैंग ने भिवानी में हांसी रोड पर पुलिस की वर्दी पहनकर एक व्यक्ति से डेढ़ लाख रुपये लूटे थे।
2. डेढ़ साल पहले रतिया में ही भूना रोड पर पुलिस की वर्दी पहनकर ही सात लाख रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
3. डेढ़ साल पहले ही फतेहाबाद में सिरसा रोड पर डेरा कैंटीन के पास पुलिस की वर्दी पहनकर दो लोगों से 8 लाख रुपये छीने थे।
4. डेढ़ साल पहले ही हिसार में अग्रोहा रोड पर फर्जी पुलिस वाले का भेष धरकर 33 लाख रुपये लूटे थे।
विभिन्न प्रकार के लालच देकर लेते थे झांसे में, फिर एकदम से पुलिस की वर्दी में मारते थे छापा
डीएसपी रविंद्र तोमर ने बताया कि फर्जी पुलिसकर्मियों के इस गिरोह का वारदात करने का तरीका काफी अनोखा था। इस गैंग का एक सदस्य पहले आसान शिकार ढूंढते थे और इसके बाद एक सदस्य उस शिकार से बातचीत करके उसे विभिन्न प्रकार के लालच देकर झांसे में लेते थे और किसी अंजान शहर में पैसे लेकर बुला लेते थे। जिस वक्त डील होने का समय होता था, उसी समय गिरोह के बाकी सदस्य पुलिस की वर्दी में छापा मार देते थे और रुपये लेकर निकल जाते थे। जब तक पीड़ित को पता चलता था कि उसे फर्जी पुलिस ने लूट लिया है, तब तक आरोपी जिले की सीमाओं से पार निकल जाते थे। बीते दिनों रतिया के पास हुई वारदात में भी बिल्कुल यही तरीका अपनाया गया था।
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फतेहाबाद।
सीआईए फतेहाबाद की टीम ने फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लोगों को लूटने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर गिरोह के तीन सदस्यों को काबू किया है। आरोपियों ने कई शहरों में पुलिस की वर्दी पहनकर लूट की वारदातों को अंजाम दिया था। तीन दिन पहले फतेहाबाद रोड पर पुलिस की वर्दी में आए बदमाशों द्वारा छोटे नोटों का झांसा देकर भिवानी के सिलाखेड़ा निवासी रोहताश से पांच लाख रुपये की लूट करने के मामले में भी इसी गैंग का ही हाथ था।
आरोपियों को गांव गोरखपुर की नहर के पास एक गाड़ी सहित गिरफ्तार किया गया है। इनकी पहचान कुलदीप पुत्र कृष्ण निवासी एफसी कालोनी उकलाना, संगरूर निवासी छिंद्र सिंह और सन्नी शर्मा निवासी नरवाना के रूप में हुई है। माना जा रहा है कि बदमाश यहां भी किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कुलदीप व छिंद्र सिंह इससे पहले भी कई शहरों में लूटपाट और चोरियों की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। डीएसपी रविंद्र तोमर ने बताया कि पुलिस को पूछताछ में इनसे कई खुलासे होने की उम्मीद है।
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बुधवार दोपहर बाद अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में डीएसपी रविंद्र तोमर ने बताया कि तीन दिन पहले रतिया में पुलिस की वर्दी में बदमाशों द्वारा भिवानी निवासी रोहताश को लूटे जाने की घटना के बाद से सीआईए फतेहाबाद को इस मामले की तफ्तीश पर लगा दिया गया था। इस बीच बुधवार सुबह सीआईए टीम के कश्मीर सिंह को गुप्त सूचना मिली कि पुलिस की वर्दी पहनकर लूटपाट करने वाले बदमाश गांव गोरखपुर के पास एक इको स्पोर्ट्स कार सहित नहर के पास मौजूद हैं और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। जानकारी मिलते ही सीआईए फतेहाबाद के सब इंस्पेक्टर कश्मीर सिंह, एएसआई ओमप्रकाश, हेड कांस्टेबल रिछपाल, मेजर सिंह, प्रदीप कुमार व बलवंत की टीम ने गांव गोरखपुर में नहर के पास दबिश दी और तीनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से एक इको स्पोर्ट्स कार भी बरामद की गई है।
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डीएसपी रविंद्र तोमर ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि इस गैंग में कुल पांच आरोपी हैं जिसमें से तीन फतेहाबाद सीआईए ने काबू कर लिए हैं और बाकी दोनों आरोपियों की पहचान सतनाम सिंह निवासी हिसार और प्रवीण कुमार निवासी नरवाला के रूप में हुई है। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं। इन आरोपियों के संभावित ठिकानों की पूछताछ व लूट मामले में लूटे गए पांच लाख रुपये की रिकवरी के लिए तीनों आरोपियों का रिमांड कोर्ट से मांगा जाएगा। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी दिल्ली नंबर की जिस क्रेटा कार में सवार होकर भागे थे, उसे कुलदीप ही चला रहा था।
इन वारदातों को आरोपियों ने दिया था अंजाम
1. दो साल पहले इसी गैंग ने भिवानी में हांसी रोड पर पुलिस की वर्दी पहनकर एक व्यक्ति से डेढ़ लाख रुपये लूटे थे।
2. डेढ़ साल पहले रतिया में ही भूना रोड पर पुलिस की वर्दी पहनकर ही सात लाख रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
3. डेढ़ साल पहले ही फतेहाबाद में सिरसा रोड पर डेरा कैंटीन के पास पुलिस की वर्दी पहनकर दो लोगों से 8 लाख रुपये छीने थे।
4. डेढ़ साल पहले ही हिसार में अग्रोहा रोड पर फर्जी पुलिस वाले का भेष धरकर 33 लाख रुपये लूटे थे।
विभिन्न प्रकार के लालच देकर लेते थे झांसे में, फिर एकदम से पुलिस की वर्दी में मारते थे छापा
डीएसपी रविंद्र तोमर ने बताया कि फर्जी पुलिसकर्मियों के इस गिरोह का वारदात करने का तरीका काफी अनोखा था। इस गैंग का एक सदस्य पहले आसान शिकार ढूंढते थे और इसके बाद एक सदस्य उस शिकार से बातचीत करके उसे विभिन्न प्रकार के लालच देकर झांसे में लेते थे और किसी अंजान शहर में पैसे लेकर बुला लेते थे। जिस वक्त डील होने का समय होता था, उसी समय गिरोह के बाकी सदस्य पुलिस की वर्दी में छापा मार देते थे और रुपये लेकर निकल जाते थे। जब तक पीड़ित को पता चलता था कि उसे फर्जी पुलिस ने लूट लिया है, तब तक आरोपी जिले की सीमाओं से पार निकल जाते थे। बीते दिनों रतिया के पास हुई वारदात में भी बिल्कुल यही तरीका अपनाया गया था।