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Fatehabad News: गोवंश को भारतीय संस्कृति की पहचान बताया, सेवा का आह्वान
Wed, 10 Dec 2025 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 10 Dec 2025 11:02 PM IST
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भूना। श्रीकृष्ण गोशाला सेवा समिति नाढोड़ी के तत्वावधान में बुधवार को श्रीधेनु मानस गो कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। कथा के प्रारंभ से पहले कथावाचक डॉ. मधु बिश्नोई की अगुवाई में महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। गांव की मुख्य गलियों से निकली इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं और श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक माहौल को और अधिक पावन बना दिया।
बिश्नोई ने श्रीधेनु मानस के महत्व पर प्रकाश डाला और जीवन में गोमाता की रक्षा और सेवा के पवित्र संदेश को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि गोवंश भारतीय संस्कृति की पहचान है और उसकी सेवा करना मानवता की सेवा के समान है।
गोशाला सेवा समिति के प्रधान फकीरचंद मित्तल गोदारा ने बताया कि कथा का आयोजन 10 दिसंबर से 15 दिसंबर तक किया जाएगा। प्रतिदिन सुबह 11:15 बजे से दोपहर 3:15 बजे तक कथा का वाचन होगा जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचे। उन्होंने बताया कि गोसेवा को समर्पित इस आयोजन का उद्देश्य समाज में गो संरक्षण और गोवंश के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।
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कथा में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, समाजसेवी एवं पर्यावरण प्रेमी पप्पू डारा और जिला परिषद सदस्य सुमन सुभाष खिचड़ विशेष रूप से शामिल होंगे। समिति के अनुसार यह कथा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि समाज को गौ-धन के संरक्षण और संवर्धन का संदेश देने का माध्यम भी है।
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बिश्नोई ने श्रीधेनु मानस के महत्व पर प्रकाश डाला और जीवन में गोमाता की रक्षा और सेवा के पवित्र संदेश को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि गोवंश भारतीय संस्कृति की पहचान है और उसकी सेवा करना मानवता की सेवा के समान है।
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गोशाला सेवा समिति के प्रधान फकीरचंद मित्तल गोदारा ने बताया कि कथा का आयोजन 10 दिसंबर से 15 दिसंबर तक किया जाएगा। प्रतिदिन सुबह 11:15 बजे से दोपहर 3:15 बजे तक कथा का वाचन होगा जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचे। उन्होंने बताया कि गोसेवा को समर्पित इस आयोजन का उद्देश्य समाज में गो संरक्षण और गोवंश के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।
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कथा में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, समाजसेवी एवं पर्यावरण प्रेमी पप्पू डारा और जिला परिषद सदस्य सुमन सुभाष खिचड़ विशेष रूप से शामिल होंगे। समिति के अनुसार यह कथा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि समाज को गौ-धन के संरक्षण और संवर्धन का संदेश देने का माध्यम भी है।