फतेहाबाद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जीएस वधवा ने ससुर को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के दोषी दामाद सिमरनजीत सिंह को पांच साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
इस मामले में टोहाना सदर थाना पुलिस ने चंदड़कलां निवासी अमरजोत कौर की शिकायत पर 31 जुलाई 2016 को पंजाब के मोगा निवासी उसके पति सिमरनजीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस को दी शिकायत में अमरजोत कौर ने बताया कि उसका विवाह 30 नवंबर 2013 को सिमरनजीत सिंह के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही उसके पति उसे कम दहेज लाने के लिए तंग करने लगे। 19 अगस्त 2015 को उसके पति ने उससे मारपीट की। वह किसी तरह से अपनी जान बचाकर अपने मायके आ गई। अमरजोत कौर ने अपनी शिकायत में बताया कि इसके बाद उसके पिता परेशान रहने लगे। उन्होंने उसका घर बसाने के लिए उसके ससुराल पक्ष के साथ कई बार पंचायतें की। इस दौरान पंचायतों में उसके पिता को अपमानित किया गया, जिससे आहत होकर उसके पिता ने 30 जुलाई 2016 को लाइसेंसी पिस्तौल से अपनी कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले अमरजोत कौर के पिता ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था, जिसमें उसने सिमरनजीत सिंह को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोषी सिमरनजीत सिंह को पांच साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।