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अदालत ने पिता को दिया दो बेटियों को 3-3 हजार भत्ते देने का आदेश
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फतेहाबाद/टोहाना। उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सुनील कुमार की अदालत में दो नाबालिग बेटियों ने याचिका दायर कर पिता से गुजारा भत्ता दिलवाने की गुहार लगाई गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश सुनील कुमार की अदालत ने पिता को आदेश दिया है कि वह दोनों बेटियों को तीन-तीन हजार रुपये गुजारा भत्ता दे।
मिली जानकारी के अनुसार, जींद निवासी 17 वर्षीय पूजा और 14 वर्षीय तमन्ना ने सीआरपीसी की धारा 125 के तहत याचिका दायर कर अपने पिता गाजूवाला निवासी वीरसिंह से गुजारा भत्ता दिलाए जाने की गुहार लगाई थी। अदालत में दायर याचिका में पूजा और तमन्ना ने कहा कि उनकी माता सुदेश की शादी वीर सिंह के साथ 2 जुलाई 1995 को हुई थी। पिता के शराबी होने के चलते वह उसकी माता को तंग और परेशान करता था। पिता ने उसकी माता को घर से निकाल दिया। वह अपने मायके में रही।
इस बीच उनकी माता ने पिता से तलाक ले लिया और उनका रहन सहन का खर्च उनके नाना उठा रहे हैं। बेटियों ने कोर्ट में दायर याचिका में बताया कि तलाक के बाद उनकी माता सुदेश ने राजेश से दूसरी शादी कर ली। उससे उनके दो बच्चे पैदा हुए। आर्थिक तंगी की वजह से राजेश अपने परिवार को नहीं संभाल सका और उसकी मां राजेश से हुए बच्चों के साथ उनके नाना के घर आ गई। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को यह भी बताया कि उसका पिता वीर सिंह सरकारी सेवा से रिटायर हुआ है और उसे पेंशन भी मिलती है जबकि उनके नाना की उम्र ज्यादा हो गई है और वह उनकी पढ़ाई व शादी का खर्च नहीं उठा सकते। अदालत ने इस मामले में वीर सिंह को अपनी दोनों पुत्रियों को 3-3 हजार रुपये प्रति माह का गुजारा भत्ता देने के आदेश दिए हैं।
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मिली जानकारी के अनुसार, जींद निवासी 17 वर्षीय पूजा और 14 वर्षीय तमन्ना ने सीआरपीसी की धारा 125 के तहत याचिका दायर कर अपने पिता गाजूवाला निवासी वीरसिंह से गुजारा भत्ता दिलाए जाने की गुहार लगाई थी। अदालत में दायर याचिका में पूजा और तमन्ना ने कहा कि उनकी माता सुदेश की शादी वीर सिंह के साथ 2 जुलाई 1995 को हुई थी। पिता के शराबी होने के चलते वह उसकी माता को तंग और परेशान करता था। पिता ने उसकी माता को घर से निकाल दिया। वह अपने मायके में रही।
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इस बीच उनकी माता ने पिता से तलाक ले लिया और उनका रहन सहन का खर्च उनके नाना उठा रहे हैं। बेटियों ने कोर्ट में दायर याचिका में बताया कि तलाक के बाद उनकी माता सुदेश ने राजेश से दूसरी शादी कर ली। उससे उनके दो बच्चे पैदा हुए। आर्थिक तंगी की वजह से राजेश अपने परिवार को नहीं संभाल सका और उसकी मां राजेश से हुए बच्चों के साथ उनके नाना के घर आ गई। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को यह भी बताया कि उसका पिता वीर सिंह सरकारी सेवा से रिटायर हुआ है और उसे पेंशन भी मिलती है जबकि उनके नाना की उम्र ज्यादा हो गई है और वह उनकी पढ़ाई व शादी का खर्च नहीं उठा सकते। अदालत ने इस मामले में वीर सिंह को अपनी दोनों पुत्रियों को 3-3 हजार रुपये प्रति माह का गुजारा भत्ता देने के आदेश दिए हैं।
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