{"_id":"652446bfcea4aca5b1023ae6","slug":"councilors-and-shopkeepers-sit-on-strike-after-drainage-drain-is-closed-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-6734-2023-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: पानी निकासी का नाला बंद होने पर धरने पर बैठे पार्षद और दुकानदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: पानी निकासी का नाला बंद होने पर धरने पर बैठे पार्षद और दुकानदार
Tue, 10 Oct 2023 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 10 Oct 2023 12:00 AM IST
विज्ञापन
शहर के जवाहर चौक में धरना देते हुए पार्षद और दुकानदार।
फतेहाबाद। चिल्ली झील पर बने डिस्पोजल टैंक में शहर के बरसाती पानी निकासी के लिए जाने वाले नाला के बंद होने के बाद शहर के लोगों को बरसात में जलभराव का खतरा सताने लगा है। इसको लेकर सोमवार को नगर परिषद पार्षद और दुकानदारों ने जवाहर चौक में धरना दिया। धरने की अध्यक्षता डॉ.योगेंद्र चौधरी ने की। पार्षदों ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया कि अगर पानी निकासी का एक सप्ताह में समाधान नहीं हुआ तो सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर बड़ा फैसला लिया जाएगा।
मंगलवार को मामले को लेकर पार्षद और दुकानदार जिला नगर आयुक्त संजय बिश्नोई से भी मिलेंगे। वहीं जिला नगर आयुक्त संजय बिश्नोई का कहना है कि जमीन को लेकर प्रशासन प्रयास कर रहा था लेकिन मालिक जमीन के ज्यादा रेट मांग रहा था। जमीन को लेकर कोर्ट में जाएंगे और अपना पक्ष रखेंगे। पानी निकासी के लिए जनहित को लेकर रास्ता निकाला जाएगा।
ये है मामला :
चिल्ली झील से जवाहर चौक के रास्ते में 28 मरले जगह है जो कि निजी है। जनस्वास्थ्य विभाग ने बरसाती पानी निकासी के लिए निजी जमीन पर खाला बना रखा था। मामले को लेकर जमीन मालिक रमेश कुमार ने कोर्ट में याचिका दायर कर दी। कोर्ट में नगर परिषद, जनस्वास्थ्य विभाग और बिजली निगम को भी पार्टी बनाया गया। कोर्ट के नोटिस के बाद विभाग कोई फैसला नहीं ले पाए। इसके बाद कोर्ट ने रमेश कुमार के पक्ष में फैसला सुना दिया। इसके बाद रमेश कुमार ने रविवार को बुलडोजर की मदद से निजी जमीन पर पानी निकासी नाले को बंद कर दिया। यहां पर बिजली के खंभे भी लगे है, इन खंभों से डिस्पोजल टैंक को बिजली सप्लाई दी जा रही है। ऐसे में अब बिजली के खंभों को लेकर भी संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
चिल्ली सुंदरीकरण के लिए मिल चुका है 13 करोड़ का बजट :
चिल्ली सुंदरीकरण का प्रोजेक्ट सीएम घोषणा में शामिल है। सरकार चिल्ली सुंदरीकरण को लेकर 13 करोड़ का बजट जारी कर चुकी है। 8 करोड़ रुपये जनस्वास्थ्य विभाग बारिश पानी निकासी के लिए रंगोई नाले तक पाइप लाइन बिछा चुका है। इसके अलावा करीब डेढ़ करोड़ रुपये चिल्ली की खुदाई पर सिंचाई विभाग खर्च कर चुका है।
-- -- --
तीन विभागों की बनी कमेटी, रिजल्ट फिर भी शून्य
चिल्ली सुंदरीकण को लेकर प्रशासन ने नगर परिषद, जनस्वास्थ्य विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की कमेटी बनाई है। लेकिन बावजूद इसके ये कमेटी चिल्ली सुंदरीकरण को लेकर कोई कदम नहीं उठा पाई है। दो साल पहले सिंचाई विभाग ने खोदाई की लेकिन इसके बाद कोई प्लानिंग नहीं बनी। नगर परिषद ने चिल्ली पर फुटपाथ, चार दीवार आदि का काम बीएडंआर को देना था लेकिन ये फाइल भी बीच में अटकी रह गई है।
-- -- --
धरने में ये मौजूद रहे पार्षद और दुकानदार
पार्षद मोहनलाल नारंग, निलांशी शर्मा, रमेश गिल्होत्रा, ज्योति मेहता, अर्जुन कटारिया, मनोज भ्याणा, पार्षद प्रतिनिधि योगी हंसराज, पंछी, सिटी वेल्फेयर कल्ब प्रधान विनोद अरोड़ा, नीरज चौधरी, दलीप शर्मा आदि मौजूद रहे।
-- -- -- -
प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया गया है। अगर एक सप्ताह में बारिश के पानी का निकासी का प्रबंध नहीं हुआ तो शहर की सामाजिक संस्थाओं से मीटिंग करके बड़ा निर्णय लिया जाएगा। शहर को ऐसे डूबने नहीं दिया जाएगा।
- मोहन लाल नारंग पार्षद नगर परिषद
-- -- -- -
जमीन को लेकर मामला कोर्ट में चल रहा था। नगर परिषद की तरफ से पैरवी भी की गई है। जमीन को लेकर नगर परिषद कोर्ट जाएगी। जहां तक पानी निकासी की बात है तो जरूरत पड़ी तो रास्ता बनाया जाएगा।
- संजय बिश्नोई, जिला नगर आयुक्त
विज्ञापन
मंगलवार को मामले को लेकर पार्षद और दुकानदार जिला नगर आयुक्त संजय बिश्नोई से भी मिलेंगे। वहीं जिला नगर आयुक्त संजय बिश्नोई का कहना है कि जमीन को लेकर प्रशासन प्रयास कर रहा था लेकिन मालिक जमीन के ज्यादा रेट मांग रहा था। जमीन को लेकर कोर्ट में जाएंगे और अपना पक्ष रखेंगे। पानी निकासी के लिए जनहित को लेकर रास्ता निकाला जाएगा।
विज्ञापन
ये है मामला :
चिल्ली झील से जवाहर चौक के रास्ते में 28 मरले जगह है जो कि निजी है। जनस्वास्थ्य विभाग ने बरसाती पानी निकासी के लिए निजी जमीन पर खाला बना रखा था। मामले को लेकर जमीन मालिक रमेश कुमार ने कोर्ट में याचिका दायर कर दी। कोर्ट में नगर परिषद, जनस्वास्थ्य विभाग और बिजली निगम को भी पार्टी बनाया गया। कोर्ट के नोटिस के बाद विभाग कोई फैसला नहीं ले पाए। इसके बाद कोर्ट ने रमेश कुमार के पक्ष में फैसला सुना दिया। इसके बाद रमेश कुमार ने रविवार को बुलडोजर की मदद से निजी जमीन पर पानी निकासी नाले को बंद कर दिया। यहां पर बिजली के खंभे भी लगे है, इन खंभों से डिस्पोजल टैंक को बिजली सप्लाई दी जा रही है। ऐसे में अब बिजली के खंभों को लेकर भी संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
चिल्ली सुंदरीकरण के लिए मिल चुका है 13 करोड़ का बजट :
चिल्ली सुंदरीकरण का प्रोजेक्ट सीएम घोषणा में शामिल है। सरकार चिल्ली सुंदरीकरण को लेकर 13 करोड़ का बजट जारी कर चुकी है। 8 करोड़ रुपये जनस्वास्थ्य विभाग बारिश पानी निकासी के लिए रंगोई नाले तक पाइप लाइन बिछा चुका है। इसके अलावा करीब डेढ़ करोड़ रुपये चिल्ली की खुदाई पर सिंचाई विभाग खर्च कर चुका है।
तीन विभागों की बनी कमेटी, रिजल्ट फिर भी शून्य
चिल्ली सुंदरीकण को लेकर प्रशासन ने नगर परिषद, जनस्वास्थ्य विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की कमेटी बनाई है। लेकिन बावजूद इसके ये कमेटी चिल्ली सुंदरीकरण को लेकर कोई कदम नहीं उठा पाई है। दो साल पहले सिंचाई विभाग ने खोदाई की लेकिन इसके बाद कोई प्लानिंग नहीं बनी। नगर परिषद ने चिल्ली पर फुटपाथ, चार दीवार आदि का काम बीएडंआर को देना था लेकिन ये फाइल भी बीच में अटकी रह गई है।
धरने में ये मौजूद रहे पार्षद और दुकानदार
पार्षद मोहनलाल नारंग, निलांशी शर्मा, रमेश गिल्होत्रा, ज्योति मेहता, अर्जुन कटारिया, मनोज भ्याणा, पार्षद प्रतिनिधि योगी हंसराज, पंछी, सिटी वेल्फेयर कल्ब प्रधान विनोद अरोड़ा, नीरज चौधरी, दलीप शर्मा आदि मौजूद रहे।
प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया गया है। अगर एक सप्ताह में बारिश के पानी का निकासी का प्रबंध नहीं हुआ तो शहर की सामाजिक संस्थाओं से मीटिंग करके बड़ा निर्णय लिया जाएगा। शहर को ऐसे डूबने नहीं दिया जाएगा।
- मोहन लाल नारंग पार्षद नगर परिषद
जमीन को लेकर मामला कोर्ट में चल रहा था। नगर परिषद की तरफ से पैरवी भी की गई है। जमीन को लेकर नगर परिषद कोर्ट जाएगी। जहां तक पानी निकासी की बात है तो जरूरत पड़ी तो रास्ता बनाया जाएगा।
- संजय बिश्नोई, जिला नगर आयुक्त