{"_id":"5e0254f78ebc3e87975aca99","slug":"controversy-over-mileage-of-ambulance-fatehabad-news-rtk5339883152","type":"story","status":"publish","title_hn":"एंबुलेंस गाड़ियां की माइलेज को लेकर विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एंबुलेंस गाड़ियां की माइलेज को लेकर विवाद
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस साल जिले में भेजी गई बेसिक लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस की तेल माइलेज को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग का रेफरल ट्रांसपोर्ट इन गाड़ियों की प्रति लीटर 12 किलोमीटर की माइलेज मांग रहा है जबकि कर्मचारी कहना है कि गाड़ियां 10 किलोमीटर प्रति लीटर से भी कम की माइलेज दे रही हैं। कर्मचारियों को अब ऑडिट में रिकवरी का डर सता रहा है। वहीं विभाग का कहना है कि गाड़ियां कम से कम 12 की माइलेज देनी चाहिए। कर्मचारियों के विरोध के चलते जिला अधिकारियों ने मामले की जानकारी मुख्यालय के अधिकारियों को दी है। एमडी एनएचएम ने गाड़ियों की माइलेज की जांच रोडवेज अधिकारियों से कराने के निर्देश दिए। रोडवेज अधिकारी जांच करेंगे कि गाड़ी प्रति लीटर कितने की माइलेज दे रही हैं। जांच के दौरान उप सिविल सर्जन भी मौजूद रहेंगे।
एक गाड़ी पर आया है करीब 30 लाख रुपये खर्च
स्वास्थ्य विभाग ने इसी साल प्रदेश के सभी जिलों को बेसिक लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस गाड़ियां अलॉट की हैं। एक गाड़ी पर करीब 30 लाख रुपये खर्च आया है। जिले को 14 नई एंबुलेंस मिल चुकी हैं। ड्राइवरों का कहना है कि बीएलएस गाड़ी की लंबाई ज्यादा है, इसके अलावा इसमें आधुनिक यंत्र लगे हैं। गाड़ियां जीपीएस, कैमरे, बायोमेट्रिक व कई मेडिकल सुविधाओं से युक्त है। विभाग गाड़ी कंपनी के मुताबिक माइलेज मांग रहा है जबकि ऐसा संभव नहीं है। मरीज को हायर सेंटर ले जाते समय स्पीड दौड़ाना पड़ता है, इसके अलावा जाम में भी गाड़ी फंसी रहती है। विभाग जो माइलेज मांग रहा है वह नहीं आ सकती।
ये है जिले में एंबुलेंस गाड़ियों की स्थिति
स्वास्थ्य केंद्र गाड़ियां
सिविल अस्पताल फतेहाबाद 6
उप सिविल अस्पताल टोहाना 3
सीएचसी भट्टू 1
सीएचसी भूना 1
सीएचसी बड़ोपल 1
सीएचसी जाखल 1
सीएचसी रतिया 1
पीएचसी बनगांव 1
पीएचसी कुलां 1
पीएचसी नागपुर 1
पीएचसी पिरथला 1
पीएचसी भिरड़ाना 1
पीएचसी समैन 1
नई बीएलएस गाड़ियों को लेकर ड्राइवरों का कहना है कि ये 10 की माइलेज दे रही हैं, विभाग 12 की माइलेज मांग रहा है। इस संबंध में ड्राइवर मिलकर उच्च अधिकारियों को शिकायत भी भेज चुके हैं। एंबुलेंस में यंत्र लगे हैं। इसके अलावा गाड़ियों को मरीज ले जाते समय तेज भी दौड़ाना पड़ता है। इसके अलावा जाम में भी फंसी रहती हैं। नई एंबुलेंस पहले की तुलना में हैवी है, ऐसे में 12 तक माइलेज संभव नहीं है।
विज्ञापन
- कुलदीप सिंह
फ्लीट मैनेजर।
नई बीएलएस एंबुलेंस गाड़ी की माइलेज को लेकर कर्मचारियों का कहना है कि वह कम दे रही है जबकि विभाग का कहना है कि ये 12 की एवरेज दे रही है। इस संबंध में एमडी एनएचएम ने रोडवेज अधिकारियों से जांच करवाने के लिए कहा है। गाड़ियों की रोडवेज अधिकारियों से जांच करवाई जा रही है।
-डॉ.सुनीता सोखी, उप सिविल, फतेहाबाद।
विज्ञापन
एक गाड़ी पर आया है करीब 30 लाख रुपये खर्च
स्वास्थ्य विभाग ने इसी साल प्रदेश के सभी जिलों को बेसिक लाइफ स्पोर्ट एंबुलेंस गाड़ियां अलॉट की हैं। एक गाड़ी पर करीब 30 लाख रुपये खर्च आया है। जिले को 14 नई एंबुलेंस मिल चुकी हैं। ड्राइवरों का कहना है कि बीएलएस गाड़ी की लंबाई ज्यादा है, इसके अलावा इसमें आधुनिक यंत्र लगे हैं। गाड़ियां जीपीएस, कैमरे, बायोमेट्रिक व कई मेडिकल सुविधाओं से युक्त है। विभाग गाड़ी कंपनी के मुताबिक माइलेज मांग रहा है जबकि ऐसा संभव नहीं है। मरीज को हायर सेंटर ले जाते समय स्पीड दौड़ाना पड़ता है, इसके अलावा जाम में भी गाड़ी फंसी रहती है। विभाग जो माइलेज मांग रहा है वह नहीं आ सकती।
विज्ञापन
ये है जिले में एंबुलेंस गाड़ियों की स्थिति
स्वास्थ्य केंद्र गाड़ियां
सिविल अस्पताल फतेहाबाद 6
उप सिविल अस्पताल टोहाना 3
सीएचसी भट्टू 1
सीएचसी भूना 1
सीएचसी बड़ोपल 1
सीएचसी जाखल 1
सीएचसी रतिया 1
पीएचसी बनगांव 1
पीएचसी कुलां 1
पीएचसी नागपुर 1
पीएचसी पिरथला 1
पीएचसी भिरड़ाना 1
पीएचसी समैन 1
नई बीएलएस गाड़ियों को लेकर ड्राइवरों का कहना है कि ये 10 की माइलेज दे रही हैं, विभाग 12 की माइलेज मांग रहा है। इस संबंध में ड्राइवर मिलकर उच्च अधिकारियों को शिकायत भी भेज चुके हैं। एंबुलेंस में यंत्र लगे हैं। इसके अलावा गाड़ियों को मरीज ले जाते समय तेज भी दौड़ाना पड़ता है। इसके अलावा जाम में भी फंसी रहती हैं। नई एंबुलेंस पहले की तुलना में हैवी है, ऐसे में 12 तक माइलेज संभव नहीं है।
विज्ञापन
- कुलदीप सिंह
फ्लीट मैनेजर।
नई बीएलएस एंबुलेंस गाड़ी की माइलेज को लेकर कर्मचारियों का कहना है कि वह कम दे रही है जबकि विभाग का कहना है कि ये 12 की एवरेज दे रही है। इस संबंध में एमडी एनएचएम ने रोडवेज अधिकारियों से जांच करवाने के लिए कहा है। गाड़ियों की रोडवेज अधिकारियों से जांच करवाई जा रही है।
-डॉ.सुनीता सोखी, उप सिविल, फतेहाबाद।