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कांग्रेस की बैठक में पर्यवेक्षक के सामने कार्यकर्ताओं का हंगामा

Wed, 24 Mar 2021 11:02 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 24 Mar 2021 11:02 PM IST
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Commotion of workers in front of supervisor in congress meeting
बंद कमरे में कार्यकर्ताओं की राय जानते कांग्रेस पर्यवेक्षक शिशुपाल सिंह राजपुरोहित व सह-पर्यवे? - फोटो : Fatehabad
करीब साढ़े छह साल बाद नया जिलाध्यक्ष चुनने के लिए हुई कांग्रेस की बैठक में पर्यवेक्षक के सामने ही कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। पूर्व मंत्री परमवीर सिंह के समक्ष भी कार्यकर्ताओं ने भड़ास निकाली। हंगामा तब हुआ, जब पर्यवेक्षक शिशुपाल सिंह राजपुरोहित बंद कमरे में कार्यकर्ताओं से एक-एक करके मिलने की बात कहकर जाने लगे। उनके उठते ही कुछ कार्यकर्ता बंद कमरे की बजाय खुले में ही बात करने की मांग करने लगे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि राय-मशविरा ही करना है तो खुलेआम करना चाहिए, अन्यथा तो ऊपर से जिलाध्यक्ष थोप दिया जाएगा।
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दरअसल, कांग्रेस हाईकमान की ओर से नियुक्त किए गए पर्यवेक्षक शिशुपाल सिंह राजपुरोहित व सह पर्यवेक्षक कुलदीप गदराना ने बस स्टैंड के पास स्थित राम सेवा समिति धर्मशाला में बैठक रखी थी। बैठक में 300 से अधिक कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक की शुरुआत में नाममात्र कार्यकर्ता ही नजर आए। मगर जैसे ही कुछ देर बाद टोहाना से पूर्व मंत्री परमवीर सिंह कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे तो बैठक में भीड़ बढ़ी। काफी लोगों को तो बैठने की जगह भी नहीं मिली। करीब आधे घंटे में जिला कोआर्डिनेटर अरविंद शर्मा, सह पर्यवेक्षक कुलदीप गदराना, पूर्व मंत्री परमवीर सिंह व पर्यवेक्षक शिशुपाल सिंह ने अपनी बात रख दी। फिर कार्यकर्ताओं को एक-एक करके बंद कमरे में मिलने का निर्देश देकर पर्यवेक्षक कमरे में जाकर बैठ गए। यहीं से कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई।
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परमवीर सिंह बोले- पीठ में छुुरा घोंपने वालों को दूर रखना
पूर्व मंत्री परमवीर सिंह ने अपने संबोधन में पर्यवेक्षक से आग्रह किया कि जिलाध्यक्ष बनाते समय यह जरूर ध्यान रखना कि किसने चुनाव में कांग्रेस का साथ दिया है और किसने पीठ में छुुरा घोंपा है। पार्टी को वफादार कार्यकर्ता ही मजबूत करेंगे। पीठ में छुुरा घोंपने वाले गद्दार हैं, ऐसे लोगों को पार्टी से दूर ही रखना चाहिए।
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महिला जिलाध्यक्ष से पर्यवेक्षक ने कहा, आइंदा ध्यान रखना
बैठक में महिला के रूप में एकमात्र महिला जिलाध्यक्ष कृष्णा पूनिया ही मौजूद रहीं। जैसे ही पर्यवेक्षक शिशुपाल सिंह ने संबोधन शुरू किया तो उन्होंने बैठक में केवल एक महिला ही होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने जिलाध्यक्ष से कहा कि महिला प्रकोष्ठ की बाकी पदाधिकारियों को भी बैठक में लाना चाहिए था। आगे से इस बारे में विशेष ध्यान रखा जाए।
कुम्हारिया का कार्यकर्ता बोला- नेताओं से ज्यादा कार्यकर्ताओं को होती है दिक्कत
गांव कुम्हारिया से आए कार्यकर्ता इंद्रोष ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि बंद कमरे में राय पूछने की बजाय पर्यवेक्षक को खुले मंच पर चर्चा करनी चाहिए। उनकी तीन पीढ़ियां कांग्रेस में रहीं। चुनावों में जब हार होती है तो नेताओं से ज्यादा कार्यकर्ताओं का बुरा हाल होता है। एसएचओ तक नहीं सुनता। इंद्रोष ने यह भी कहा कि बैठक के मैसेज तक नहीं आते। वह तो कोर्ट में कोई काम आए हुए थे, इसके बाद बैठक में आ गए।
पार्टी को जेब में रखने वाला न हो जिलाध्यक्ष
इसी तरह बुजुर्ग कार्यकर्ता निहाल सिंह ने भी यही कहा कि सार्वजनिक तौर पर जिलाध्यक्ष को लेकर चर्चा होनी चाहिए। जिलाध्यक्ष ऐसा बनाना चाहिए, जो सबको साथ लेकर चले। हालांकि बाद में निहाल सिंह व इंद्रोष दोनों से पर्यवेक्षक ने कमरे में बातचीत कर उनकी राय जानी। वहीं, नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन सत्यप्रकाश बंसल ने पर्यवेक्षक से कहा कि पार्टी को जेब में रखने वाला जिलाध्यक्ष नहीं होना चाहिए।
बैठक से नदारद रहे हुड्डा गुट के पूर्व विधायक
बैठक से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समर्थक पूर्व सीपीएस प्रह्लाद सिंह गिल्लाखेड़ा व रतिया के पूर्व विधायक जरनैल सिंह नदारद रहे। जिले में कांग्रेस के बड़े नेताओं में सिर्फ पूर्व मंत्री परमवीर सिंह ही कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे।
जिलाध्यक्ष पद के लिए 8 लोगों के नाम मिले
पर्यवेक्षक और सहपर्यवेक्षक को कार्यकर्ताओं व नेताओं की राय के आधार पर जिलाध्यक्ष पद के लिए आठ नाम मिले हैं। अब इन आठों में शामिल नेताओं के बैकग्राउंड से लेकर पार्टी में सक्रियता की जानकारी हाईकमान तक पहुंचाई जाएगी। इसके बाद एक नाम फाइनल करके अप्रैल या मई महीने तक घोषणा की जाएगी।
कोट
मुझे पार्टी की बैठक की जानकारी थी। मगर यह सूचना नहीं थी कि महिलाओं को भी साथ लाना हैं। 27 मार्च को दिल्ली में प्रियंका गांधी के कार्यक्रम में महिलाओं के जत्थे के साथ शामिल होंगे। हम पूरी तरह पार्टी के साथ हैं और हमेशा पार्टी की मजबूती के लिए काम किया है।

- कृष्णा पूनिया, जिलाध्यक्ष, महिला कांग्रेस।
कोट
नए जिलाध्यक्ष व मीडिया प्रभारी की नियुक्ति के लिए कार्यकर्ताओं की राय जानी है। हंगामा नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के दिल की भावना थी। जो पूर्व विधायक नहीं आए, उनके पहले से कार्यक्रम तय थे। उनसे मैंने व्यक्तिगत मुलाकात कर ली थी। राय लेकर रिपोर्ट हाईकमान को भेजेंगे। वहां से जिलाध्यक्ष का नाम तय होगा।
-शिशुपाल सिंह राजपुरोहित, जिला पर्यवेक्षक, कांग्रेस।
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