गांव बुवान के पंचायत घर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों ने लघु सचिवालय के बाहर स्थित संतोख कॉलोनी में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान भीम आर्मी के प्रदेशाध्यक्ष रोहित गरवा, बसपा सिरसा लोकसभा प्रभारी पीएस फान्नर, प्रताप खोबड़ा, जगरूप पातलान, रमेश बोस्ती, काशीराम व डॉ.मीरा नंदा पहुंचे। अधिवक्ता रजत कल्सन ने अपने संबोधन में इस विवाद के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, विधायक देवेंद्र सिंह बबली को जिम्मेदार ठहराया। इसके बाद इन सभी जनप्रतिनिधियों का पुतला भी फूंका गया। मगर प्रशासन की वार्ता सिरे चढ़ने के साथ ही शाम करीब पांच बजे टोहाना एसडीएम गौरव अंतिल ने मंच पर पहुंचकर विवाद समाप्ति और अनुसूचित जाति वर्ग द्वारा रखी गई प्रतिमा वहीं रखने और एफआईआर दर्ज करवाने की मांग को मानने का एलान किया।
विधायक के कार्यालय के बाहर निकाली भड़ास
प्रदर्शनकारी जब प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय रोड से वाल्मीकि चौक की तरफ जा रहे थे तो उन्होंने विधायक देवेंद्र सिंह बबली के कार्यालय के बाहर खड़े होकर जमकर भड़ास निकाली। प्रदर्शनकारियों ने विधायक के कार्यालय के सामने नारेबाजी करके रोष जताया कि उनकी सरकार में कोई सुनवाई नहीं हो रही है।