{"_id":"67dc559c9506eba0c60c0df8","slug":"colonies-transformed-from-villages-to-cities-but-development-work-could-not-be-done-fatehabad-news-c-127-1-ftb1001-131019-2025-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: गांव से शहर बनीं दो कॉलोनी, अभी तक बनी गली न डली सीवरेज लाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: गांव से शहर बनीं दो कॉलोनी, अभी तक बनी गली न डली सीवरेज लाइन
Thu, 20 Mar 2025 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 20 Mar 2025 11:21 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद के आजाद में विकास की राह देखती कच्ची गलियां। संवाद
फतेहाबाद। शहर के आजाद नगर और कीर्ति नगर में करीब 8 हजार की आबादी है। ये दाेनों कॉलोनी दो वर्ष पहले गांव से शहर में शामिल में हुई हैं। इसके बावजूद यहां अभी तक सीवरेज लाइन और गलियां नहीं बन पाई हैं।
जलनिकासी व्यवस्था न होने से और लोगों को जलभराव से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में कई जगहों पर दूषित पानी भरा रहता है। इसके समाधान के लिए मोहल्ले के लोग जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हो सका है। दूषित पानी के कारण बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। अधिकारी समस्या हल करवाने का आश्वासन देकर उन्हें बैरंग लौटा देते हैं।
क्षेत्रवासी विनोद, अजय, अली, बाबूलाल, चेतराम, भजनलाल, भूप सिंह, दीपक कुमार और ज्ञानो देवी आदि ने कहा कि दो गांवों को शहर में तब्दील होने के बाद विकास कार्य होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन बार-बार अधिकारियों से मांग करने के बाद भी जलनिकासी का समाधान नहीं हो सका है। वहीं गलियां भी जर्जर हो चुकी हैं। इससे लोगों को आने जाने में परेशानी होती है। प्रशासन को जल्द इस समस्या पर संज्ञान लेना चाहिए
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- --
आजाद नगर में जलनिकासी की समस्या शुरू से ही रही है। पहले यह गांव था, लेकिन अब दो वर्षों से शहर में तब्दील कर दिया है। इसके बावजूद भी जलनिकासी का कोई समाधान नहीं हो रहा है।
-हंसराज, निवासी, आजाद नगर।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
जलनिकासी का स्थायी समाधान नहीं होने से गलियों में दूषित पानी भरा रहता हैै। इससे बीमारियां फैलने का खतरा है। प्रशासन को जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए। वहीं जर्जर गलियों पर भी संज्ञान लेना चाहिए।
-विनोद कुमार, निवासी, आजाद नगर फतेहाबाद
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
घरों का दूषित पानी गलियों में बह रहा है, जिससे यहां के लोगों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। कई बार नगर परिषद व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
-ज्ञानो देवी, निवासी कीर्ति नगर, फतेहाबाद।
-- -- -
शहर तब्दील हुई कॉलोनियों के लिए 55 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया गया है, जिसको प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। ऐसे में उम्मीद है अगले दो या तीनों में महीनों में टेंडर प्रकिया शुरू होकर काम शुरू हो जाएगा।
-बलविंद्र सिंह, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग, फतेहाबाद।
विज्ञापन
जलनिकासी व्यवस्था न होने से और लोगों को जलभराव से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में कई जगहों पर दूषित पानी भरा रहता है। इसके समाधान के लिए मोहल्ले के लोग जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हो सका है। दूषित पानी के कारण बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। अधिकारी समस्या हल करवाने का आश्वासन देकर उन्हें बैरंग लौटा देते हैं।
विज्ञापन
क्षेत्रवासी विनोद, अजय, अली, बाबूलाल, चेतराम, भजनलाल, भूप सिंह, दीपक कुमार और ज्ञानो देवी आदि ने कहा कि दो गांवों को शहर में तब्दील होने के बाद विकास कार्य होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन बार-बार अधिकारियों से मांग करने के बाद भी जलनिकासी का समाधान नहीं हो सका है। वहीं गलियां भी जर्जर हो चुकी हैं। इससे लोगों को आने जाने में परेशानी होती है। प्रशासन को जल्द इस समस्या पर संज्ञान लेना चाहिए
विज्ञापन
आजाद नगर में जलनिकासी की समस्या शुरू से ही रही है। पहले यह गांव था, लेकिन अब दो वर्षों से शहर में तब्दील कर दिया है। इसके बावजूद भी जलनिकासी का कोई समाधान नहीं हो रहा है।
-हंसराज, निवासी, आजाद नगर।
जलनिकासी का स्थायी समाधान नहीं होने से गलियों में दूषित पानी भरा रहता हैै। इससे बीमारियां फैलने का खतरा है। प्रशासन को जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए। वहीं जर्जर गलियों पर भी संज्ञान लेना चाहिए।
-विनोद कुमार, निवासी, आजाद नगर फतेहाबाद
घरों का दूषित पानी गलियों में बह रहा है, जिससे यहां के लोगों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। कई बार नगर परिषद व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
-ज्ञानो देवी, निवासी कीर्ति नगर, फतेहाबाद।
शहर तब्दील हुई कॉलोनियों के लिए 55 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया गया है, जिसको प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। ऐसे में उम्मीद है अगले दो या तीनों में महीनों में टेंडर प्रकिया शुरू होकर काम शुरू हो जाएगा।
-बलविंद्र सिंह, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग, फतेहाबाद।