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हड़ताल पर लिपिक : अटक गए काम, भटक रही जनता
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फतेहाबाद शहर में रोष प्रदर्शन करते हुए लिपिक।
फतेहाबाद। जिले के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों सहित अन्य संस्थानों के लिपिकीय वर्ग के कर्मचारियों का रविवार को भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी हरियाणा संबंधित भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर सभी कर्मचारी लघु सचिवालय के सामने हड़ताल पर बैठे। रजिस्ट्री, लाइसेंस, मोटर व्हीकल रजिस्ट्रेशन न होने से लोग परेशान हैं।
लगातार कार्य समीक्षा के आधार पर वेतनमान 35400 रुपये करने की मांग के साथ हड़ताल में जिले भर से लगभग 600 कर्मचारियों ने भाग लिया। इसके बाद कर्मचारियों ने धरना स्थल से लालबत्ती चौक होते हुए डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा पर जबकि वापसी में शहीदों के स्मारक पर पुष्प अर्पित किए। क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के जिला प्रधान संदीप पूनिया ने कहा कि एसोसिएशन की सिर्फ एक ही मांग लिपिकों के कार्य व योग्यता के आधार पर न्यूनतम वेतन 19900 रुपये से बढ़ाकर 35400 रुपये किया जाए। एसोसिएशन के पिछले तीन वर्ष से चल रहे संघर्ष व प्रदर्शन के बावजूद सरकार जायज मांग को नजरअंदाज कर रही हैं।
हर वेतन आयोग में किया दरकिनार
जिला कोऑर्डिनेटर चितरंजन साहू ने बताया कि जब से हरियाणा प्रदेश का गठन हुआ है तब से हरियाणा सरकार ने समय-समय पर विभिन्न पदों जैसे अध्यापक, फार्मासिस्ट, एमपीएचडब्ल्यू, जीएनएम, नर्सिंग स्टाफ, जूनियर इंजीनियर एवं अन्य पदों के कार्यों की समीक्षा के बाद या अन्य किसी दूसरे कारणों से उनके वेतनमान में सम्मान जनक बढ़ोतरी की है। पहले लिपिक पद का वेतनमान एमपीएचडब्लू, ड्राईवर, वैक्सीनेटर, सिग्नलर, फोरेस्ट गार्ड, जेबीटी, जूनियर इंजीनियर, पटवारी, फार्मासिस्ट आदि पदों के वेतनमान के बराबर या इनसे ज्यादा हुआ करता था। मगर सातवें वेतन आयोग तक लिपिक पद का वेतनमान अन्य पदों की तुलना में अपग्रेड नहीं किया गया।
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1957 में था 60-175 वेतनमान
साहू ने बताया कि सन 1957 लिपिक का वेतनमान 60-175 होता था। उस समय एमपीएचडब्ल्यू व जेबीटी का वेतनमान 60-120 मिलता था। जूनियर इंजीनियर को 60-170 तथा डिप्टी रेंजर को 60-175 वेतनमान निर्धारित था। 2016 के वेतन आयोग में लिपिक का वेतनमान 19900 निर्धारित किया गया हैं तथा एमपीएचडब्ल्यू, जेबीटी, जूनियर इंजीनियर व डिप्टी रेंजर का वेतनमान 35400 (ईपीएल-6) निर्धारित किया गया हैं। सरकार द्वारा लिपिक व अन्य वर्ग के वेतनमान में चार पे-स्केल का अंतर कर दिया गया हैं। कोऑर्डिनेटर ने आगामी रणनीति बताते हुए कहा कि 12 जुलाई को देश के वीर जवानों के लिए धरना स्थल पर लिपिकीय वर्ग द्वारा रक्तदान शिविर लगाया जाएगा।
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लगातार कार्य समीक्षा के आधार पर वेतनमान 35400 रुपये करने की मांग के साथ हड़ताल में जिले भर से लगभग 600 कर्मचारियों ने भाग लिया। इसके बाद कर्मचारियों ने धरना स्थल से लालबत्ती चौक होते हुए डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा पर जबकि वापसी में शहीदों के स्मारक पर पुष्प अर्पित किए। क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी के जिला प्रधान संदीप पूनिया ने कहा कि एसोसिएशन की सिर्फ एक ही मांग लिपिकों के कार्य व योग्यता के आधार पर न्यूनतम वेतन 19900 रुपये से बढ़ाकर 35400 रुपये किया जाए। एसोसिएशन के पिछले तीन वर्ष से चल रहे संघर्ष व प्रदर्शन के बावजूद सरकार जायज मांग को नजरअंदाज कर रही हैं।
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हर वेतन आयोग में किया दरकिनार
जिला कोऑर्डिनेटर चितरंजन साहू ने बताया कि जब से हरियाणा प्रदेश का गठन हुआ है तब से हरियाणा सरकार ने समय-समय पर विभिन्न पदों जैसे अध्यापक, फार्मासिस्ट, एमपीएचडब्ल्यू, जीएनएम, नर्सिंग स्टाफ, जूनियर इंजीनियर एवं अन्य पदों के कार्यों की समीक्षा के बाद या अन्य किसी दूसरे कारणों से उनके वेतनमान में सम्मान जनक बढ़ोतरी की है। पहले लिपिक पद का वेतनमान एमपीएचडब्लू, ड्राईवर, वैक्सीनेटर, सिग्नलर, फोरेस्ट गार्ड, जेबीटी, जूनियर इंजीनियर, पटवारी, फार्मासिस्ट आदि पदों के वेतनमान के बराबर या इनसे ज्यादा हुआ करता था। मगर सातवें वेतन आयोग तक लिपिक पद का वेतनमान अन्य पदों की तुलना में अपग्रेड नहीं किया गया।
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1957 में था 60-175 वेतनमान
साहू ने बताया कि सन 1957 लिपिक का वेतनमान 60-175 होता था। उस समय एमपीएचडब्ल्यू व जेबीटी का वेतनमान 60-120 मिलता था। जूनियर इंजीनियर को 60-170 तथा डिप्टी रेंजर को 60-175 वेतनमान निर्धारित था। 2016 के वेतन आयोग में लिपिक का वेतनमान 19900 निर्धारित किया गया हैं तथा एमपीएचडब्ल्यू, जेबीटी, जूनियर इंजीनियर व डिप्टी रेंजर का वेतनमान 35400 (ईपीएल-6) निर्धारित किया गया हैं। सरकार द्वारा लिपिक व अन्य वर्ग के वेतनमान में चार पे-स्केल का अंतर कर दिया गया हैं। कोऑर्डिनेटर ने आगामी रणनीति बताते हुए कहा कि 12 जुलाई को देश के वीर जवानों के लिए धरना स्थल पर लिपिकीय वर्ग द्वारा रक्तदान शिविर लगाया जाएगा।