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हेलो, क्या आप शहर की सफाई व्यवस्था से संतुष्ट हैं, आपने न कहा तो कटेंगे शहर के नंबर
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फतेहाबाद में रात के समय की जा रही सफाई।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत केंद्र सरकार ने इस बार लोगों से पहले फीडबैक लेने का काम शुरू कर दिया है। इसके बाद नगर परिषद के विभिन्न दावों की सच्चाई जानने के लिए विशेष टीम पहुंचेगी। अगर आपके फोन पर कोई कॉल आए और सामने से आपके शहर की सफाई व्यवस्था से जुड़े सवाल पूछे जाने लगें तो जरा ध्यान से जवाब दीजिएगा। शहर की स्वच्छता को लेकर कही गई एक भी निगेटिव बात स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 में फतेहाबाद शहर के नंबर कटवा सकती है।
आम नागरिकों के पास स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर जो कॉल आ रही है, उसे किसी इंसान नहीं, बल्कि मशीनें ऑपरेट कर रही हैं। ऐसे में एक बार शहर की स्वच्छता को लेकर दी गई निगेटिव फीडबैक को आप वापस नहीं ले सकेंगे। नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग करने एवं इसके प्रबंधन को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं। इसके अलावा शहर के सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक बैग्स व गिलासों के उपयोगों को लेकर भी आम जनता से सवाल पूछे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, शहर भर में नगर परिषद द्वारा बनाए गए सार्वजनिक शौचालयों में सफाई आदि पर भी सवाल पूछे जा रहे हैं। इसके अलावा आपसे अगर पूछा जाए कि क्या फतेहाबाद के सार्वजनिक शौचालयों की जानकारी गूगल पर है तो आप हां में जवाब दीजिएगा क्योंकि नप प्रशासन ने शहर के सभी सार्वजनिक शौचालयों की लोकेशन गूगल मैप पर भी डाल दी है।
इस बार जनता से पहले फीडबैक, नप प्रशासन के दावों की जांच बाद में
इस बार केंद्र सरकार ने स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 में कुछ फेरबदल किया है। इस बार लोगों से कंप्यूटराइज वॉयस कॉल के जरिये शहर की सफाई व्यवस्था पर राय जानी जा रही है। इसके बाद संबंधित नगर निकाय द्वारा किए गए दावों की जांच की जाएगी। नगर परिषद ने ओडीएफ प्लस, स्ट्रै कैटल फ्री आदि दावे केंद्र सरकार के समक्ष किए हैं। इनके प्रमाणपत्रों की जांच व सबसे आखिर में फिजीकल वेरिफिकेशन की जानी तय है। इसके अलावा फतेहाबाद नगर परिषद प्रशासन ने रात को भी शहर के मुख्य बाजारों व सड़कों की सफाई शुरू करवा दी है।
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पिछली बार कचरा प्रबंधन प्लांट की कमी ने कटवाए थे सबसे अधिक नंबर, इस बार भी हालत वही
पिछले साल स्वच्छता सर्वेक्षण में फतेहाबाद जिला पूरे देश में 171वें नंबर पर था। लेकिन प्रदेश के नगर परिषद की कुल संख्या मेें फतेहाबाद को चौथा स्थान मिला था। नगर परिषद अधिकारियों की मानें तो पिछले साल तक कचरा प्रबंधन प्लांट का काम अगर शुरू हो गया होता तो फतेहाबाद प्रदेश में नंबर एक नगर परिषद के तौर पर उभर सकता था। कचरा प्लांट को लेकर स्थिति इस बार भी जस की तस है लेकिन इस बार एक चीज जो हमारे पक्ष में जाएगी, वो ये है कि नप प्रशासन ने इस बार डपिंग जोन की हालात सुधारी है। इसे चारदीवारी करके यहां पर खाद बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इससे नंबरों में इजाफा होने की उम्मीद है।
वर्जन
स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत लोगों से फीडबैक लेने का काम शुरू कर दिया गया है। अब लोगों के पास सीधे कंप्यूटराइज्ड कॉल्स जा रही हैं। लोगों का फीडबैक काफी असर डालेगा।
- कुमार सौरभ, इंचार्ज, स्वच्छ भारत मिशन, फतेहाबाद।
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आम नागरिकों के पास स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर जो कॉल आ रही है, उसे किसी इंसान नहीं, बल्कि मशीनें ऑपरेट कर रही हैं। ऐसे में एक बार शहर की स्वच्छता को लेकर दी गई निगेटिव फीडबैक को आप वापस नहीं ले सकेंगे। नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग करने एवं इसके प्रबंधन को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं। इसके अलावा शहर के सार्वजनिक स्थानों पर प्लास्टिक बैग्स व गिलासों के उपयोगों को लेकर भी आम जनता से सवाल पूछे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, शहर भर में नगर परिषद द्वारा बनाए गए सार्वजनिक शौचालयों में सफाई आदि पर भी सवाल पूछे जा रहे हैं। इसके अलावा आपसे अगर पूछा जाए कि क्या फतेहाबाद के सार्वजनिक शौचालयों की जानकारी गूगल पर है तो आप हां में जवाब दीजिएगा क्योंकि नप प्रशासन ने शहर के सभी सार्वजनिक शौचालयों की लोकेशन गूगल मैप पर भी डाल दी है।
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इस बार जनता से पहले फीडबैक, नप प्रशासन के दावों की जांच बाद में
इस बार केंद्र सरकार ने स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 में कुछ फेरबदल किया है। इस बार लोगों से कंप्यूटराइज वॉयस कॉल के जरिये शहर की सफाई व्यवस्था पर राय जानी जा रही है। इसके बाद संबंधित नगर निकाय द्वारा किए गए दावों की जांच की जाएगी। नगर परिषद ने ओडीएफ प्लस, स्ट्रै कैटल फ्री आदि दावे केंद्र सरकार के समक्ष किए हैं। इनके प्रमाणपत्रों की जांच व सबसे आखिर में फिजीकल वेरिफिकेशन की जानी तय है। इसके अलावा फतेहाबाद नगर परिषद प्रशासन ने रात को भी शहर के मुख्य बाजारों व सड़कों की सफाई शुरू करवा दी है।
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पिछली बार कचरा प्रबंधन प्लांट की कमी ने कटवाए थे सबसे अधिक नंबर, इस बार भी हालत वही
पिछले साल स्वच्छता सर्वेक्षण में फतेहाबाद जिला पूरे देश में 171वें नंबर पर था। लेकिन प्रदेश के नगर परिषद की कुल संख्या मेें फतेहाबाद को चौथा स्थान मिला था। नगर परिषद अधिकारियों की मानें तो पिछले साल तक कचरा प्रबंधन प्लांट का काम अगर शुरू हो गया होता तो फतेहाबाद प्रदेश में नंबर एक नगर परिषद के तौर पर उभर सकता था। कचरा प्लांट को लेकर स्थिति इस बार भी जस की तस है लेकिन इस बार एक चीज जो हमारे पक्ष में जाएगी, वो ये है कि नप प्रशासन ने इस बार डपिंग जोन की हालात सुधारी है। इसे चारदीवारी करके यहां पर खाद बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इससे नंबरों में इजाफा होने की उम्मीद है।
वर्जन
स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत लोगों से फीडबैक लेने का काम शुरू कर दिया गया है। अब लोगों के पास सीधे कंप्यूटराइज्ड कॉल्स जा रही हैं। लोगों का फीडबैक काफी असर डालेगा।
- कुमार सौरभ, इंचार्ज, स्वच्छ भारत मिशन, फतेहाबाद।