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कोचिंग सेंटरों में रोक के बावजूद चल रही थी कक्षाएं, एसएचओ ने करवाई बंद
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पुलिस के निरीक्षण के बाद बंद किए कोचिंग सेंटरों से निकलते बच्चे।
- फोटो : Fatehabad
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने स्कूलों, कॉलेजों में छुट्टियां घोषित करने के साथ-साथ कोचिंग सेंटर भी बंद करने के आदेश जारी किए थे। लेकिन इसके बावजूद फतेहाबाद शहर के मॉडल टाउन, रतिया रोड, ठाकर बस्ती में कोचिंग सेंटर खोलकर बच्चों को बुलाकर कक्षाएं चलाई जा रही है। बुधवार को कोचिंग सेंटर खोलने का मामला सोशल मीडिया पर आने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए रतिया रोड पर चल रहे कोचिंग सेंटरों को बंद करवाया।
शहर थाना प्रभारी सुरेंद्र कंबोज की टीम ने रतिया रोड पर चल रहे कोचिंग सेंटरों पर छापे मारे। एक सेंटर पर कक्षाएं चलती मिली और काफी संख्या में बच्चे मौजूद थे। थाना प्रभारी की टीम ने कोचिंग सेंटर संचालक को कक्षा बंद कर बच्चों को घर भेजने के आदेश दिए। इसके बाद कोचिंग सेंटर की छुट्टी कर बच्चों को घर भेजा गया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद आसपास के कोचिंग सेंटर संचालकों में हड़कंप मच गया। कई कोचिंग सेंटर संचालकों ने आनन-फानन में छुट्टी कर दी और बच्चों को घर भेज दिया।
200 से 300 बच्चे, तीन घंटे की कक्षाएं
शहर में तकरीबन 20 से 25 बड़े कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। यहां पर सरकारी नौकरियों के लिए बच्चों को तैयारी करवाई जा जाती है। कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए सरकार ने कोचिंग सेंटर बंद करने के आदेश दिए थे। लेकिन बावजूद इसके बच्चों की ऑनलाइन कक्षा की जगह सेंटरों पर बुलाकर क्लास लगाई जा रही है। करीब 200 से 300 बच्चे एक शिफ्ट में पढ़ रहे है। तीन-तीन घंटे की एक क्लास चलती है।
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कोचिंग सेंटर मेरे क्षेत्राधिकार में नहीं : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने माना कि शहर में कई कोचिंग सेंटर चल रहे है और कम जगह में विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। लेकिन ये कोचिंग सेंटर मेरे क्षेत्राधिकार में नहीं है। प्रशासन के उच्च अधिकारी ही कार्रवाई कर सकते हैं।
कोट
पुलिस अधीक्षक के आदेश पर कोचिंग सेंटरों को चेक किया गया। रतिया रोड पर एक कोचिंग सेंटर पर बच्चे पढ़ रहे थे। संचालक ने कहा कि उनका आखिरी दिन है। चेतावनी दी गई है कि आगे से बच्चों को कोचिंग सेंटर पर न बुलाया जाए।
- सुरेंद्र कंबोज, शहर थाना प्रभारी।
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शहर थाना प्रभारी सुरेंद्र कंबोज की टीम ने रतिया रोड पर चल रहे कोचिंग सेंटरों पर छापे मारे। एक सेंटर पर कक्षाएं चलती मिली और काफी संख्या में बच्चे मौजूद थे। थाना प्रभारी की टीम ने कोचिंग सेंटर संचालक को कक्षा बंद कर बच्चों को घर भेजने के आदेश दिए। इसके बाद कोचिंग सेंटर की छुट्टी कर बच्चों को घर भेजा गया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद आसपास के कोचिंग सेंटर संचालकों में हड़कंप मच गया। कई कोचिंग सेंटर संचालकों ने आनन-फानन में छुट्टी कर दी और बच्चों को घर भेज दिया।
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200 से 300 बच्चे, तीन घंटे की कक्षाएं
शहर में तकरीबन 20 से 25 बड़े कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। यहां पर सरकारी नौकरियों के लिए बच्चों को तैयारी करवाई जा जाती है। कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए सरकार ने कोचिंग सेंटर बंद करने के आदेश दिए थे। लेकिन बावजूद इसके बच्चों की ऑनलाइन कक्षा की जगह सेंटरों पर बुलाकर क्लास लगाई जा रही है। करीब 200 से 300 बच्चे एक शिफ्ट में पढ़ रहे है। तीन-तीन घंटे की एक क्लास चलती है।
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कोचिंग सेंटर मेरे क्षेत्राधिकार में नहीं : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने माना कि शहर में कई कोचिंग सेंटर चल रहे है और कम जगह में विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। लेकिन ये कोचिंग सेंटर मेरे क्षेत्राधिकार में नहीं है। प्रशासन के उच्च अधिकारी ही कार्रवाई कर सकते हैं।
कोट
पुलिस अधीक्षक के आदेश पर कोचिंग सेंटरों को चेक किया गया। रतिया रोड पर एक कोचिंग सेंटर पर बच्चे पढ़ रहे थे। संचालक ने कहा कि उनका आखिरी दिन है। चेतावनी दी गई है कि आगे से बच्चों को कोचिंग सेंटर पर न बुलाया जाए।
- सुरेंद्र कंबोज, शहर थाना प्रभारी।