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किसानों के समर्थन में बिजली कर्मियों ने की हड़ताल, सड़कों पर किया प्रदर्शन
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जिलेभर के बिजली कर्मचारी किसान आंदोलन के समर्थन में बुधवार को हड़ताल पर रहे। इन कर्मचारियों ने पहले 33 केवी बिजली घर में रोष जताया, इसके बाद शहर की सड़कों पर उतरकर लघु सचिवालय तक मार्च निकाला। बिजली कर्मचारियों ने तीनों कृषि कानूनों को तुरंत प्रभाव से रद्द करने का समर्थन किया। हालांकि, कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बिजली व्यवस्था पर अधिक असर नहीं पड़ा। प्रोबेशन पीरियड व दूसरी यूनियनों से जुड़े कर्मचारियों के जरिये बिजली सप्लाई नियंत्रित की गई। उधर, राष्ट्रीय संयुक्त किसान समन्वय समिति के आह्वान पर किसानों ने 6 फरवरी को लालबत्ती चौक पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चक्का जाम करने का फैसला लिया है।
बिजली संशोधन बिल भी रद्द करने की मांग
इलेक्ट्रीसिटी इंपलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर तीन कृषि कानूनों को रद्द करवाने के अलावा एमएसपी की गारंटी लागू करवाने, बिजली संशोधन बिल 2020 को रद्द करवाने, पुरानी पेंशन स्कीम लागू करवाने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करवाने व समान काम-समान वेतन लागू करवाने आदि मांगें की गई। फतेहाबाद सर्कल के बिजली कर्मी 33 केवी बिजली घर में इकट्ठा हुए। प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनिट प्रधान अमित शर्मा ने की जबकि संचालन यूनिट सचिव रामनिवास शर्मा ने किया।
ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य कोषाध्यक्ष अजय वशिष्ठ व सर्कल सचिव भूपसिंह भड़ोलावाली ने कहा कि पूरे देश के करीब 15 लाख बिजली कर्मचारियों ने किसानों के समर्थन में व बिजली संशोधन बिल 2020 को रद्द करवाने की मांग को लेकर हड़ताल में भागीदारी की है। अगर ये तीनों कृषि कानून व बिजली संशोधन बिल वापस नहीं होता है तो पूरे देश की किसानी पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। बिजली संशोधन बिल के अंदर पूरे देश के बिजली सेक्टर को बेचने का प्रावधान है। इसमें किसानों को जो सस्ते दाम पर बिजली मिलती है, उसको खत्म करके गैस सिलिंडर सब्सिडी की तर्ज पर सब्सिडी देने का प्रावधान है।
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ये रहे मौजूद
प्रदर्शन को अध्यापक संघ के राज्य प्रधान सीएन भारती, सर्व कर्मचारी संघ के राज्य कोषाध्यक्ष राजेंद्र बाटू, नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान रमेश तोषामढ़, सकसं के जिला सचिव सुरजीत दुसाद, सिंचाई विभाग के जिला प्रधान प्रदीप कुमार, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदनलाल गुलेरिया, बेगराज, सकसं ब्लॉक प्रधान राजपाल मित्ताथल, इंद्र घासी, डॉ. पृथ्वी बाना, संदीप सैनी, भाल सिंह, मलकीत सिंह, प्रेम सिंह, प्रेम वर्मा, अनिल सिसरिया, सुरेश कुमार, छवि कुमार, जीत सिंह, अशोक कुमार सहित कई कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया।
उधर, छह फरवरी के चक्का जाम को लेकर गांवों में किया जनसंपर्क
राष्ट्रीय संयुक्त किसान समन्वय समिति के आह्वान पर तीनों कृषि कानूनों को रद्द करवाने, तमाम फसलों के लिए एमएसपी गारंटी का कानून बनवाने के लिए 6 फरवरी को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक नेशनल हाईवे व स्टेट हाईवे पर किसानों द्वारा चक्का जाम किया जाएगा। इसी कड़ी में किसान फतेहाबाद की अनाज मंडी में सुबह 11 बजे इकट्ठे होंगे और वहां से प्रदर्शन करते हुए 12 बजे लालबत्ती चौक पर चक्का जाम करेंगे। प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर संयुक्त कि सान मोर्चा की टीमें इलाके के गांव-गांव में प्रचार में जुटी हैं। समिति के फतेहाबाद तहसील संयोजक योगेंद्र कुलडिय़ा के नेतृत्व में टीमों ने गांव बरसीन, बीसला, माजरा, भिरड़ाना, रजाबाद, काताखेड़ी, बोसवाल, भूथनकलां, ढाणी ईसर, ढाणी ढाका, हिजरावां, रत्ताटिब्बा, ढाणी ठोबा, बहबलपुर, भड़ोलांवाली आदि का दौरा किया।
जींद की महापंचायत के लिए रवाना हुए किसान
फतेहाबाद जिले के कई गांवों से किसान जींद में हुई महापंचायत में शामिल होने के लिए सुबह ही रवाना हुए। कुछ किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर गए, जबकि अन्य निजी वाहनों से पहुंचे। किसान नेताओं ने कहा कि अब किसान आंदोलन पहले से भी अधिक मजबूत हुआ है और अब तो केंद्र सरकार को झुकाकर ही दम लेंगे।
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बिजली संशोधन बिल भी रद्द करने की मांग
इलेक्ट्रीसिटी इंपलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर तीन कृषि कानूनों को रद्द करवाने के अलावा एमएसपी की गारंटी लागू करवाने, बिजली संशोधन बिल 2020 को रद्द करवाने, पुरानी पेंशन स्कीम लागू करवाने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करवाने व समान काम-समान वेतन लागू करवाने आदि मांगें की गई। फतेहाबाद सर्कल के बिजली कर्मी 33 केवी बिजली घर में इकट्ठा हुए। प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनिट प्रधान अमित शर्मा ने की जबकि संचालन यूनिट सचिव रामनिवास शर्मा ने किया।
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ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य कोषाध्यक्ष अजय वशिष्ठ व सर्कल सचिव भूपसिंह भड़ोलावाली ने कहा कि पूरे देश के करीब 15 लाख बिजली कर्मचारियों ने किसानों के समर्थन में व बिजली संशोधन बिल 2020 को रद्द करवाने की मांग को लेकर हड़ताल में भागीदारी की है। अगर ये तीनों कृषि कानून व बिजली संशोधन बिल वापस नहीं होता है तो पूरे देश की किसानी पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। बिजली संशोधन बिल के अंदर पूरे देश के बिजली सेक्टर को बेचने का प्रावधान है। इसमें किसानों को जो सस्ते दाम पर बिजली मिलती है, उसको खत्म करके गैस सिलिंडर सब्सिडी की तर्ज पर सब्सिडी देने का प्रावधान है।
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ये रहे मौजूद
प्रदर्शन को अध्यापक संघ के राज्य प्रधान सीएन भारती, सर्व कर्मचारी संघ के राज्य कोषाध्यक्ष राजेंद्र बाटू, नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान रमेश तोषामढ़, सकसं के जिला सचिव सुरजीत दुसाद, सिंचाई विभाग के जिला प्रधान प्रदीप कुमार, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदनलाल गुलेरिया, बेगराज, सकसं ब्लॉक प्रधान राजपाल मित्ताथल, इंद्र घासी, डॉ. पृथ्वी बाना, संदीप सैनी, भाल सिंह, मलकीत सिंह, प्रेम सिंह, प्रेम वर्मा, अनिल सिसरिया, सुरेश कुमार, छवि कुमार, जीत सिंह, अशोक कुमार सहित कई कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया।
उधर, छह फरवरी के चक्का जाम को लेकर गांवों में किया जनसंपर्क
राष्ट्रीय संयुक्त किसान समन्वय समिति के आह्वान पर तीनों कृषि कानूनों को रद्द करवाने, तमाम फसलों के लिए एमएसपी गारंटी का कानून बनवाने के लिए 6 फरवरी को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक नेशनल हाईवे व स्टेट हाईवे पर किसानों द्वारा चक्का जाम किया जाएगा। इसी कड़ी में किसान फतेहाबाद की अनाज मंडी में सुबह 11 बजे इकट्ठे होंगे और वहां से प्रदर्शन करते हुए 12 बजे लालबत्ती चौक पर चक्का जाम करेंगे। प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर संयुक्त कि सान मोर्चा की टीमें इलाके के गांव-गांव में प्रचार में जुटी हैं। समिति के फतेहाबाद तहसील संयोजक योगेंद्र कुलडिय़ा के नेतृत्व में टीमों ने गांव बरसीन, बीसला, माजरा, भिरड़ाना, रजाबाद, काताखेड़ी, बोसवाल, भूथनकलां, ढाणी ईसर, ढाणी ढाका, हिजरावां, रत्ताटिब्बा, ढाणी ठोबा, बहबलपुर, भड़ोलांवाली आदि का दौरा किया।
जींद की महापंचायत के लिए रवाना हुए किसान
फतेहाबाद जिले के कई गांवों से किसान जींद में हुई महापंचायत में शामिल होने के लिए सुबह ही रवाना हुए। कुछ किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर गए, जबकि अन्य निजी वाहनों से पहुंचे। किसान नेताओं ने कहा कि अब किसान आंदोलन पहले से भी अधिक मजबूत हुआ है और अब तो केंद्र सरकार को झुकाकर ही दम लेंगे।