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12 बजे के बाद गंदगी दिखे तो व्हाट्सअप पर डालो फोटो, होगी तुरंत सफाई
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Thu, 14 Jan 2016 11:22 PM IST
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आपके मोहल्ले या सड़क पर दोपहर 12 बजे के बाद भी गंदगी पड़ी है तो उसका फोटो खींचकर पते सहित नगर परिषद के स्पेशल व्हाट्सअप नंबर पर डाल दीजिए। आपकी समस्या का तुरंत समाधान किया जाएगा। जी हां, नगर परिषद अब सफाई व्यवस्था को बेहतर करने के लिए हाईटेक तरीका अपनाने जा रही है। इसके लिए ना केवल एक स्पेशल व्हाट्सअप नंबर जल्द जारी किया जाएगा, बल्कि सफाई कर्मचारियों की एक स्पेशल टीम भी तैयार की जा रही है। यह टीम व्हाट्सअप पर गंदगी की फोटो और डिटेल आते ही तुरंत मौके पर पहुंचकर सफाई करेगी। नया व्हाट्सअप नंबर एक सप्ताह में जारी होने की संभावना है।
बता दें कि सफाई कर्मचारियों की फौज के बावजूद कई स्थानों पर गंदगी के कारण बुरा हाल है। खासतौर पर डंपिंग प्वाइंट्स पर हालात बेकाबू हो जाते हैं। दरअसल नगर परिषद के सफाई कर्मचारी कालोनियों की गलियों से कूड़ा-कर्कट इकट्ठा करने के बाद उनको कालोनी के बाहर निश्चित की गई एक जगह इकट्ठा कर देते हैं, जहां से नप की ट्रालियां उस कचरे को उठाकर ले जाती हैं। लेकिन संसाधनों की कमी के कारण शहर के अधिकतर इलाकों में दोपहर 12 बजे के बाद भी गंदगी के ढेर लगे रहते हैं।
सफाई टैक्स के बावजूद तीन कालोनियों में व्यवस्था बदहाल
पिछले दिनों नगर परिषद की ओर से शहर में सफाई टैक्स शुरू करने का सिस्टम चालू किया है। इसमें पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शहर की तीन कॉलोनियों में 40 रुपये प्रति माह में लोगों के घरों से कचरा उठाने का विकल्प दिया था। शुरुआती विरोध के बाद इन कालोनियों में ये सिस्टम भी लागू है, लेकिन लोगों की शिकायतें दूर नहीं हो रही। लोगों का आरोप है कि अब टैक्स वसूलने वाले ठेकेदार के कारिंदे घरों से तो कचरा उठा लेते हैं, लेकिन गलियों में अभी तक गंदगी पड़ी रहती है। ऐसे में नगर परिषद द्वारा व्हाट्सअप स्कीम अगर गंभीरता से लागू की जाती है तो इससे स्थिति में सीधा सुधार दर्ज किया जा सकता है।
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सफाई कर्मचारी कर रहे अफसरों के घरों में बेगार
नगर परिषद के रिकार्ड के मुताबिक, लगभग 195 सफाई कर्मचारी लिस्ट में हैं। इसमें लगभग 70 कर्मचारी नियमित सफाई कर्मचारी हैं बाकियों को अनुबंध आधार पर रखा गया है। शहर के 25 वार्डों के लिए 195 सफाई कर्मचारी ही बहुत कम हैं, लेकिन हालात उस वक्त और बदतर हो जाते हैं जब पता चलता है कि फील्ड में जाने वाले सफाई कर्मचारियों की संख्या 125 से 140 ही है। बाकी कर्मचारियों को विभिन्न अधिकारियों के घरों और दफ्तरों में बेगार करना पड़ता है। हालांकि नगर परिषद के अधिकारी कर्मचारियों से बेगार की बात को नकारते हैं, लेकिन वे ये जरूर मानते हैं कि शहर की आबादी एवं एरिया बढ़ने के कारण और अधिक सफाई कर्मचारियों की जरूरत है।
सफाई व्यवस्था को और दुरुस्त करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू करने जा रहे हैं। इसके तहत दोपहर 12 बजे के बाद अगर कहीं गंदगी दिखती है तो स्थानीय लोग उसकी फोटो खींचकर पते के साथ हमारे नंबर पर व्हाट्सअप कर देंगे। हमारी विशेष सफाई टीम उस स्थान पर जाकर गंदगी को साफ कर देगी। एक सप्ताह के अंदर व्हाट्सअप नंबर जारी करने की संभावना है।
ओपी सिहाग, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, फतेहाबाद।
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बता दें कि सफाई कर्मचारियों की फौज के बावजूद कई स्थानों पर गंदगी के कारण बुरा हाल है। खासतौर पर डंपिंग प्वाइंट्स पर हालात बेकाबू हो जाते हैं। दरअसल नगर परिषद के सफाई कर्मचारी कालोनियों की गलियों से कूड़ा-कर्कट इकट्ठा करने के बाद उनको कालोनी के बाहर निश्चित की गई एक जगह इकट्ठा कर देते हैं, जहां से नप की ट्रालियां उस कचरे को उठाकर ले जाती हैं। लेकिन संसाधनों की कमी के कारण शहर के अधिकतर इलाकों में दोपहर 12 बजे के बाद भी गंदगी के ढेर लगे रहते हैं।
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सफाई टैक्स के बावजूद तीन कालोनियों में व्यवस्था बदहाल
पिछले दिनों नगर परिषद की ओर से शहर में सफाई टैक्स शुरू करने का सिस्टम चालू किया है। इसमें पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शहर की तीन कॉलोनियों में 40 रुपये प्रति माह में लोगों के घरों से कचरा उठाने का विकल्प दिया था। शुरुआती विरोध के बाद इन कालोनियों में ये सिस्टम भी लागू है, लेकिन लोगों की शिकायतें दूर नहीं हो रही। लोगों का आरोप है कि अब टैक्स वसूलने वाले ठेकेदार के कारिंदे घरों से तो कचरा उठा लेते हैं, लेकिन गलियों में अभी तक गंदगी पड़ी रहती है। ऐसे में नगर परिषद द्वारा व्हाट्सअप स्कीम अगर गंभीरता से लागू की जाती है तो इससे स्थिति में सीधा सुधार दर्ज किया जा सकता है।
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सफाई कर्मचारी कर रहे अफसरों के घरों में बेगार
नगर परिषद के रिकार्ड के मुताबिक, लगभग 195 सफाई कर्मचारी लिस्ट में हैं। इसमें लगभग 70 कर्मचारी नियमित सफाई कर्मचारी हैं बाकियों को अनुबंध आधार पर रखा गया है। शहर के 25 वार्डों के लिए 195 सफाई कर्मचारी ही बहुत कम हैं, लेकिन हालात उस वक्त और बदतर हो जाते हैं जब पता चलता है कि फील्ड में जाने वाले सफाई कर्मचारियों की संख्या 125 से 140 ही है। बाकी कर्मचारियों को विभिन्न अधिकारियों के घरों और दफ्तरों में बेगार करना पड़ता है। हालांकि नगर परिषद के अधिकारी कर्मचारियों से बेगार की बात को नकारते हैं, लेकिन वे ये जरूर मानते हैं कि शहर की आबादी एवं एरिया बढ़ने के कारण और अधिक सफाई कर्मचारियों की जरूरत है।
सफाई व्यवस्था को और दुरुस्त करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू करने जा रहे हैं। इसके तहत दोपहर 12 बजे के बाद अगर कहीं गंदगी दिखती है तो स्थानीय लोग उसकी फोटो खींचकर पते के साथ हमारे नंबर पर व्हाट्सअप कर देंगे। हमारी विशेष सफाई टीम उस स्थान पर जाकर गंदगी को साफ कर देगी। एक सप्ताह के अंदर व्हाट्सअप नंबर जारी करने की संभावना है।
ओपी सिहाग, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, फतेहाबाद।