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Fatehabad News: शहर के पार्क और खंडहर भवन बने नशेड़ियों के अड्डे
Mon, 24 Jun 2024 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 24 Jun 2024 12:34 AM IST
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फतेहाबाद। शहर में लगातार बढ़ रहा नशा लोगाें की चिंता का विषय बन रहा है। शहर के पार्क, खेल मैदान और खंडहर भवन नशेड़ियों के अड्डे बन चुके हैं। नशा करने वाले युवाओं में ज्यादातर 14 वर्ष से लेकर 25 वर्ष तक के युवा शामिल हैं। नशे को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कई अभियान चलाए हैं, मगर इससे नशा करने वाले युवाओं पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है।
शहर पुरानी तहसील चौक पर पुराने किले के ऊपर बना स्वर्ण हेरिटेज पार्क नशेड़ियाें का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है। पुरानी तहसील चौक के मोहल्ले वासियों कालू राम, भतेरी देवी, सुमन रानी, देवी राम तेनजा, रामजीलाल और वाशिद खान आदि ने बताया कि स्वर्ण हेरिटेज पार्क में दिनभर कई युवा नशे करते हैं। वहीं शहर के पपीहा पार्क, जगजीवनपुरा पार्क और भोड़िया खेड़ा कॉलेज के सामने के पशुपालन विभाग के खंडहर भवन में भी युवा नशा करते हैं। जिसके बारे में कई बार पुलिस को बताया गया है। पुलिस कई युवाओं को पकड़ कर भी ले गई है, मगर फिर भी नशेड़ी पार्क में नशे कर रहे हैं। नशेड़ी अपशब्दों का प्रयोग करते हैं और जब उनको ऐसा करने से रोका जाता है तो झगड़ा करने लगते हैं।
सुबह सफाई करती हूं तो मिलती हैं गांजे की थैलियां
मैं फतेहाबाद के स्वर्ण हेरिटेज पार्क में सफाई कर्मी के पद पर तैनात हूं। मैं सुबह जब सफाई करती हूं तो मुझे हर रोज प्रयोग किए हुए सिरिंज, सिल्वर पन्नी और गांजे की खाली थैलियां मिलती हैं। जिसके बारे में मैंने कई बार प्रशासन को शिकायत दी है।
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-सुनीता रानी, सफाई कर्मी।
पार्क में जाने से लगता है डर
युवा पार्क में दिन और शाम के समय में नशा करते है। इस कारण मोहल्ले के लोग पार्क में जाने से डरते हैं। पार्क में जगह-जगह सिरिंज, गांजे की थैलियां और सिल्वर पन्नी मिलती है। प्रशासन को नशा करने वालों और नशा बेचने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
-बबलू, निवासी, पुरानी तहसील चौक
प्रशासन को नशे के खिलाफ अभियान चलाते हुए नशेड़ियों के अड्डों पर दिन में कम से कम दो बार पुलिस को गश्त करनी चाहिए और नशा बेचने वालों का पता लगाना चाहिए। बढ़ते नशे के कारण चोरी और लूटपाट की घटनाएं बढ़ रही हैं। वहीं सरकार को नशे के खिलाफ समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम चलाना चाहिए।
-हरदीप सिंह, समाज सेवी, निवासी फतेहाबाद।
शहर में पिछले तीन-चार सालों से चिट्टा, गांजा, अफीम और इंजेक्शन का नशा बढ़ रहा है। इस कारण रात समय तो क्या दिन के समय में भी लोग घर से बाहर निकलने में डरते हैं। शहर में नशे के गिरफ्त में आए युवा चोरी और डकैती जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।-
-भतेरी देवी, निवासी
शहर में नशे को रोकने के लिए शहर के सभी पार्काें में पुलिस रोजाना गश्त कर रही है। नशे के खिलाफ पंखवाड़ा चल रहा है। नशे के खिलाफ बच्चों और युवाओं को जागरूक किया जा रहा है। वहीं नशा की चपेट आए हुए युवा को नशा छुड़ाने के लिए नशा मुक्ति केंद्र आदि की सुविधाएं दी जा रही हैं।
-रणजीत सिंह, शहर थाना प्रभारी फतेहाबाद।
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शहर पुरानी तहसील चौक पर पुराने किले के ऊपर बना स्वर्ण हेरिटेज पार्क नशेड़ियाें का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है। पुरानी तहसील चौक के मोहल्ले वासियों कालू राम, भतेरी देवी, सुमन रानी, देवी राम तेनजा, रामजीलाल और वाशिद खान आदि ने बताया कि स्वर्ण हेरिटेज पार्क में दिनभर कई युवा नशे करते हैं। वहीं शहर के पपीहा पार्क, जगजीवनपुरा पार्क और भोड़िया खेड़ा कॉलेज के सामने के पशुपालन विभाग के खंडहर भवन में भी युवा नशा करते हैं। जिसके बारे में कई बार पुलिस को बताया गया है। पुलिस कई युवाओं को पकड़ कर भी ले गई है, मगर फिर भी नशेड़ी पार्क में नशे कर रहे हैं। नशेड़ी अपशब्दों का प्रयोग करते हैं और जब उनको ऐसा करने से रोका जाता है तो झगड़ा करने लगते हैं।
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सुबह सफाई करती हूं तो मिलती हैं गांजे की थैलियां
मैं फतेहाबाद के स्वर्ण हेरिटेज पार्क में सफाई कर्मी के पद पर तैनात हूं। मैं सुबह जब सफाई करती हूं तो मुझे हर रोज प्रयोग किए हुए सिरिंज, सिल्वर पन्नी और गांजे की खाली थैलियां मिलती हैं। जिसके बारे में मैंने कई बार प्रशासन को शिकायत दी है।
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-सुनीता रानी, सफाई कर्मी।
पार्क में जाने से लगता है डर
युवा पार्क में दिन और शाम के समय में नशा करते है। इस कारण मोहल्ले के लोग पार्क में जाने से डरते हैं। पार्क में जगह-जगह सिरिंज, गांजे की थैलियां और सिल्वर पन्नी मिलती है। प्रशासन को नशा करने वालों और नशा बेचने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
-बबलू, निवासी, पुरानी तहसील चौक
प्रशासन को नशे के खिलाफ अभियान चलाते हुए नशेड़ियों के अड्डों पर दिन में कम से कम दो बार पुलिस को गश्त करनी चाहिए और नशा बेचने वालों का पता लगाना चाहिए। बढ़ते नशे के कारण चोरी और लूटपाट की घटनाएं बढ़ रही हैं। वहीं सरकार को नशे के खिलाफ समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम चलाना चाहिए।
-हरदीप सिंह, समाज सेवी, निवासी फतेहाबाद।
शहर में पिछले तीन-चार सालों से चिट्टा, गांजा, अफीम और इंजेक्शन का नशा बढ़ रहा है। इस कारण रात समय तो क्या दिन के समय में भी लोग घर से बाहर निकलने में डरते हैं। शहर में नशे के गिरफ्त में आए युवा चोरी और डकैती जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।-
-भतेरी देवी, निवासी
शहर में नशे को रोकने के लिए शहर के सभी पार्काें में पुलिस रोजाना गश्त कर रही है। नशे के खिलाफ पंखवाड़ा चल रहा है। नशे के खिलाफ बच्चों और युवाओं को जागरूक किया जा रहा है। वहीं नशा की चपेट आए हुए युवा को नशा छुड़ाने के लिए नशा मुक्ति केंद्र आदि की सुविधाएं दी जा रही हैं।
-रणजीत सिंह, शहर थाना प्रभारी फतेहाबाद।