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शिवपुरी में चिमनी लगवाई, फिर भी नगर परिषद कोरोना संक्रमित मृतकों का खुले में कर रहा दाह संस्कार
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शिवपुरी में कोरोना संक्रमित मृतकों के दाह संस्कार के लिए लगाई गई चिमनी युक्त भट्ठी।
- फोटो : Fatehabad
कोरोना संक्रमित मृतकों के लिए शिवपुरी में चिमनी युक्त भट्ठी लगने के बावजूद नगर परिषद खुले में दाह संस्कार करवा रहा है। करीब चार माह पहले नगर परिषद ने करीब ढाई लाख रुपये खर्च करके शिवपुरी में चिमनी युक्त बंद भट्ठी लगवाई गई थी ताकि कोरोना संक्रमित मृतकों के दाह संस्कार को लेकर समस्या न आए। नगर परिषद के अधिकारियों ने मृतकों का यहां पर दाह संस्कार करवाना शुरू नहीं किया है। नप के कर्मचारी हुडा सेक्टर या फिर अन्य खाली जगहों पर खुले में कोरोना संक्रमित मृतकों के शवों का दाह संस्कार कर रहे हैं।
चिमनी युक्त बंद भट्ठी लगवाने का मकसद ये था कि जो धुआं निकलेगा वह बाहर फैलने की जगह सीधा ऊपर जाएगा। लेकिन बावजूद इसके अभी तक इसमें शुरूआत नहीं की गई है और कोरोना संक्रमित मृतकों के शवों का खुले में अंतिम संस्कार किया जा रहा है। जिले में अभी तक 143 कोरोना संक्रमित मृतकों की मौत हो चुकी है इसमें से 46 फतेहाबाद क्षेत्र के हैं। यानी कि 46 मृतकों का बाहर ही दाह संस्कार किया गया है। वहीं शिवपुरी सुधार सभा के पदाधिकारियों का कहना है कि चिमनी युक्त भट्ठी तकनीकी तौर पर अनफिट है।
मृतकों के दाह संस्कार को लेकर कई बार हो चुका है विवाद
नगर परिषद ने कोरोना संक्रमित मृतकों के दाह संस्कार की शुरूआत पहले हुडा सेक्टर 10 में खाली पड़ी जगह पर की थी। शुरूआत के पहले दिन ही आसपास की ढाणियों में रह रहे लोगों ने विवाद शुरू कर दिया था। इसके चलते नप को जगह बदलनी पड़ी और रतिया रोड पर स्थित शमशान घाट पर दाह संस्कार शुरू किए गए लेकिन यहां भी ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया और ताला लगा दिया। इसके बाद अब कोरोना संक्रमित मृतकों का हुडा सेक्टर में ही अलग-अलग जगहों पर खुले में दाह संस्कार किया जा रहा है।
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शिवपुरी संस्था ने शुरूआत में कर दिया था मना
कोरोना संक्रमित मृतकों के दाह संस्कार को लेकर प्रशासन ने सबसे पहले शिवपुरी में करने की योजना बनाई थी। लेकिन शिवपुरी संस्था के पदाधिकारियों ने मना कर दिया था। पदाधिकारियों का कहना था कि आसपास रिहायशी क्षेत्र होने के चलते संक्रमण फैल सकता है। इसके बाद नप ने करीब चार माह पहले चिमनी युक्त भट्ठी नुमा दाह संस्कार स्थल तैयार करवाया। इससे धुआं बाहर फैलने की जगह सीधा ऊपर निकलेगा।
फतेहाबाद क्षेत्र में ये है कोरोना मरीजों की स्थिति
संक्रमित मरीज मिले - 1823
मौत हुई - 46
एलपीजी युक्त भट्ठी की भी मिल चुकी है मंजूरी
नगर परिषद ने शिवपुरी में दाह संस्कार के लिए एलपीजी युक्त भट्ठी भी लगवानी है। इसमें दाह संस्कार के लिए लकड़ियों की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसको लेकर मंजूरी भी मिल चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक ये भट्ठी जल्द लगवाने की योजना है।
कोट
शिवपुरी में जो चिमनी युक्त भट्ठी लगाई गई है वह दाह संस्कार के लिए अनफिट है। दाह संस्कार के बाद 24 घंटे तक इसे खोला नहीं जा सकता है। कोई भी इसमें दाह संस्कार करने को तैयार नहीं है। हम तो इस संबंध में कई लोगों को कह चुके है।
- सुनील सचदेवा, सचिव, शिवपुरी सुधार सभा।
कोट
इस संबंध में डीएमसी साहब से बात हुई है, जल्द ही शिवपुरी मैनेजमेंट सदस्यों को बुलाया जाएगा। उन्हें कहा जाएगा कि अब चिमनी लग चुकी है इसलिए कोरोना संक्रमित मृतकों का इसमें दाह संस्कार करने दिया जाए ताकि कर्मचारियों को किसी प्रकार से दिक्कत न रहे।
- अमित कौशिक, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद।
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चिमनी युक्त बंद भट्ठी लगवाने का मकसद ये था कि जो धुआं निकलेगा वह बाहर फैलने की जगह सीधा ऊपर जाएगा। लेकिन बावजूद इसके अभी तक इसमें शुरूआत नहीं की गई है और कोरोना संक्रमित मृतकों के शवों का खुले में अंतिम संस्कार किया जा रहा है। जिले में अभी तक 143 कोरोना संक्रमित मृतकों की मौत हो चुकी है इसमें से 46 फतेहाबाद क्षेत्र के हैं। यानी कि 46 मृतकों का बाहर ही दाह संस्कार किया गया है। वहीं शिवपुरी सुधार सभा के पदाधिकारियों का कहना है कि चिमनी युक्त भट्ठी तकनीकी तौर पर अनफिट है।
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मृतकों के दाह संस्कार को लेकर कई बार हो चुका है विवाद
नगर परिषद ने कोरोना संक्रमित मृतकों के दाह संस्कार की शुरूआत पहले हुडा सेक्टर 10 में खाली पड़ी जगह पर की थी। शुरूआत के पहले दिन ही आसपास की ढाणियों में रह रहे लोगों ने विवाद शुरू कर दिया था। इसके चलते नप को जगह बदलनी पड़ी और रतिया रोड पर स्थित शमशान घाट पर दाह संस्कार शुरू किए गए लेकिन यहां भी ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया और ताला लगा दिया। इसके बाद अब कोरोना संक्रमित मृतकों का हुडा सेक्टर में ही अलग-अलग जगहों पर खुले में दाह संस्कार किया जा रहा है।
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शिवपुरी संस्था ने शुरूआत में कर दिया था मना
कोरोना संक्रमित मृतकों के दाह संस्कार को लेकर प्रशासन ने सबसे पहले शिवपुरी में करने की योजना बनाई थी। लेकिन शिवपुरी संस्था के पदाधिकारियों ने मना कर दिया था। पदाधिकारियों का कहना था कि आसपास रिहायशी क्षेत्र होने के चलते संक्रमण फैल सकता है। इसके बाद नप ने करीब चार माह पहले चिमनी युक्त भट्ठी नुमा दाह संस्कार स्थल तैयार करवाया। इससे धुआं बाहर फैलने की जगह सीधा ऊपर निकलेगा।
फतेहाबाद क्षेत्र में ये है कोरोना मरीजों की स्थिति
संक्रमित मरीज मिले - 1823
मौत हुई - 46
एलपीजी युक्त भट्ठी की भी मिल चुकी है मंजूरी
नगर परिषद ने शिवपुरी में दाह संस्कार के लिए एलपीजी युक्त भट्ठी भी लगवानी है। इसमें दाह संस्कार के लिए लकड़ियों की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसको लेकर मंजूरी भी मिल चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक ये भट्ठी जल्द लगवाने की योजना है।
कोट
शिवपुरी में जो चिमनी युक्त भट्ठी लगाई गई है वह दाह संस्कार के लिए अनफिट है। दाह संस्कार के बाद 24 घंटे तक इसे खोला नहीं जा सकता है। कोई भी इसमें दाह संस्कार करने को तैयार नहीं है। हम तो इस संबंध में कई लोगों को कह चुके है।
- सुनील सचदेवा, सचिव, शिवपुरी सुधार सभा।
कोट
इस संबंध में डीएमसी साहब से बात हुई है, जल्द ही शिवपुरी मैनेजमेंट सदस्यों को बुलाया जाएगा। उन्हें कहा जाएगा कि अब चिमनी लग चुकी है इसलिए कोरोना संक्रमित मृतकों का इसमें दाह संस्कार करने दिया जाए ताकि कर्मचारियों को किसी प्रकार से दिक्कत न रहे।
- अमित कौशिक, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद।